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छोटे उद्यमों के लिए समाधान केंद्र

Last Updated- December 14, 2022 | 10:43 PM IST

लंबित भुगतान को लेकर परेशान उत्तर प्रदेश के छोटे व मझोले उद्यमियों के लिए अब हर मंडल में समाधान केंद्र खुलेगा। इसकी मदद से माल की आपूर्ति के बाद भुगतान पाने के लिए परेशान उद्यमियों की मदद होगी। अभी तक प्रदेश में इस तरह का अकेला केंद्र कानपुर में ही था।
प्रदेश सरकार ने अब सभी मंडल मुख्यालयों पर इसे खोलने का आदेश जारी किया है। गौरतलब है कि एमएसएमई अधिनियम की धारा 15 के तहत खरीदार और आपूर्तिकर्ता के बीच 45 दिनों में भुगतान करने का प्रावधान है। अधिनियम में तय समय में भुगतान न करने पर ब्याज दिए जाने की व्यवस्था है। इसके मुताबिक भुगतान में देर होने पर बैंक दर के मुकाबले तीन गुना तक ब्याज देय होता है। साथ ही भुगतान को लेकर किसी विवाद की दशा में मामले को फैसिलिटेशन सेंटर भेजा जाता है जहां अधिकतम 90 दिन के भीतर निपटारे की व्यवस्था है।
प्रदेश सरकार के सभी मंडल मुख्यालयों पर समाधान केंद्र खोलने के कदम का स्वागत करते हुए एमएसएमई सेक्टर की प्रतिनिधि संस्था इंडियन इंडस्ट्रीज एसोसिएशन (आईआईए) ने कहा कि उत्तर प्रदेश की विशाल आबादी व क्षेत्रफल के साथ ही 90 लाख छोटी व मझोली इकाइयों को देखते हुए केवल एक ही केंद्र नाकाफी था। आईआईए अध्यक्ष पंकज कुमार व महासचिव अश्विनी खंडेलवाल ने कहा कानपुर कें द्र पर उद्यमियों के ढेर सारे भुगतान विवाद लंबित हो गए थे और पूंजी फंस गई थी। आईआईए ने कई बार प्रदेश में एमएसएमई के भुगतान संबंधी वादों का मुद्दा उठाया था और कानपुर के बाहर के उद्यमियों को काफी परेशानी हो रही थी। पंकज कुमार ने कहा कि हर मंडल में केंद्र खोलने से एमएसएमई को सहूलियत मिलेगी।

मुंबई-कन्याकुमारी आर्थिक गलियारे पर चल रहा काम
केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने मंगलवार को कहा कि भारत माला परियोजना के तहत मुंबई-कन्याकुमारी आर्थिक गलियारे के हिस्से के तौर पर 50,000 करोड़ रुपये की राजमार्ग परियोजनाओं को विकसित किया जा रहा है। गडकरी केरल के लिए 11,571 करोड़ रुपये की सात राजमार्ग परियोजनाओं के शिलान्यास अवसर पर ऑनलाइन तरीके से आयोजित समारोह में बोल रहे थे। इस मौके पर उन्होंने कजाकोट्टम से मुक्कोला के बीच 27 किमी राजमार्ग परियोजना का भी उद्घाटन किया। भाषा

First Published - October 14, 2020 | 12:29 AM IST

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