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पुरानी सरकारों पर मोदी ने लगाया परियोजनाएं लटकाने का आरोप

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Last Updated- December 11, 2022 | 9:10 PM IST

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को महाराष्ट्र में ठाणे और दिवा को जोड़ने वाली दो अतिरिक्त रेलवे लाइन का उद्घाटन किया और दो उपनगरीय ट्रेनों को झंडी दिखाकर रवाना किया। इस दौरान प्रधानमंत्री ने पूर्व की सरकारों पर निशाना साधते हुए इस प्रोजेक्ट को कई साल तक लटकाने का आरोप भी लगाया। पीएम ने कहा कि 21वीं सदी का भारत बनाने के लिए लाए हैं पीएम गतिशक्ति नैशनल मास्टरप्लान लाए हैं।
इस प्रोजेक्ट को हरी झंडी दिखाने के बाद अपने ऑनलाइन संबोधन में प्रधानमंत्री मोदी ने नई रेल लाइन के लिए मुंबई और ठाणे के लोगों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह नई रेल लाइन मुंबईवासियों के जीवन में एक नया बदलाव लाएगी। यह नई रेल लाइन मुंबई की कभी ना थकने वाली गति को और रफ्तार देगी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि योजना और क्रियान्वयन में समन्वय की कमी के कारण बुनियादी ढांचा परियोजनाएं पहले खिंचती रहती थीं, लेकिन हमने उस दृष्टिकोण को बदल दिया है। 2005 में इस प्रोजेक्ट का शिलान्यास हुआ था। 2015 में इसे पूरा होना था, लेकिन 2014 तक यह अलग-अलग कारणों से लटका रहा। इसके बाद हमने इस पर तेजी से काम किया और जो समस्याएं थी उसे सुलझाया। अनेक चुनौतियों के बावजूद हमारे श्रमिकों और हमारे इंजीनियरों ने इस प्रोजेक्ट को पूरा किया। दर्जनों पुल बनाए फ्लाईओवर बनाए और सुरंग तैयार की। राष्ट्र निर्माण के लिए मैं ऐसे कमिटमेंट को हृदय से नमन करता हूं।
21वीं सदी का भारत बनाने के लिए लाए हैं पीएम गतिशक्ति नेशनल मास्टरप्लान तैयार है। हमारा प्रयास यह है कि आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में मुंबई का सामर्थ्य कई गुना ज्यादा बड़े। इसलिए 21 मुंबई में 21वीं सदी के इंफ्रास्ट्रक्चर निर्माण पर हमारा विशेष फोकस है। प्रधानमंत्री ने कहा कि हमारा प्रयास है कि मुंबई उपनगरों की क्षमता है, उसमें 400 किलोमीटर का विस्तार किया जाएगा। इसके अलावा हमारी योजना 19 स्टेशनों के आधुनिकरण की भी है। इसलिए अहमदाबाद मुंबई हाई स्पीड ट्रेन आज देश की आवश्यकता है। यह प्रोजेक्ट तेज गति से पूरा हो यह सभी की हम सभी की प्राथमिकता है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि कोरोना संकटकाल में हमने किसान रेल के माध्यम से देश भर के किसानों को बाजार से जोड़ने का काम किया है। वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेन ने देश की देश को गति दे रही और आने वाले समय में 400 बंदे भारत ट्रेन देश को नई गति देंगी। प्रधानमंत्री ने कहा कि एक और चीज जो हमारी सरकार ने बदली है वह कि रेलवे के अपने सामर्थ्य पर भरोसा। सात आठ साल पहले तक रेल की जो फैक्ट्रियां थी उसको लेकर बहुत ही उदास उदासीनता थी। पहले कोई कल्पना भी नहीं कर सकता था कि यह फैक्ट्रियां इतनी आधुनिक कोच बना सकती है। लेकिन आज वंदे भारत ट्रेन है और विस्टा डर्म्कोस इन्हीं फैक्ट्री में बन रहे हैं।
ठाणे और दिवा को जोड़ने वाली दो अतिरिक्त रेल लाइन लगभग 620 करोड़ रुपये की लागत से बनाई गई हैं और इसमें 1.4 किलोमीटर लंबा रेल फ्लाईओवर, तीन प्रमुख पुल, 21 छोटे पुल शामिल हैं। ये लाइन मुंबई में उपनगरीय रेलगाड़ियों के यातायात के साथ लंबी दूरी की रेलगाड़ियों के यातायात में रुकावट को काफी हद तक दूर कर देंगी। इससे शहर में 36 नयी उपनगरीय ट्रेनें भी चलाई जा सकेंगी।
इस कार्य़क्रम में शामिल होने आए रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने मुंबई कीलोकल ट्रेन से यात्रा की। द्वितीय श्रेणी के डिब्बे में यात्रा करने के दौरान और दिवा स्टेशन पर मंत्री ने यात्रियों के साथ बात की। वैष्णव के साथ लोकल ट्रेन में रेल राज्य मंत्री रावसाहेब दानवे, रेलवे बोर्ड के अध्यक्ष वी के त्रिपाठी और अन्य अधिकारी भी थे।  एक अधिकारी ने कहा कि दो नयी लाइन के शुरू होने से मध्य रेलवे की मुख्य लाइन पर 36 अतिरिक्त उपनगरीय सेवाएं शुरू हो जाएंगी और वातानुकूलित लोकल ट्रेनों की संख्या 10 से बढ़कर 44 हो जाएंगी।। यह लोकल के आधुनिकरण के केंद्र सरकार के वादे का हिस्सा है। बीते साल सात सालों में मुंबई में मेट्रो का भी विस्तार किया गया है। हम मेट्रो नेटवर्क को तेजी से फैलाने का काम कर रहे हैं।
उपनगरीय लोकल ट्रेनों को मुंबई की जीवन रेखा माना जाता है। कोविड-19 महामारी की वजह से यात्रा प्रतिबंधों के चलते वर्तमान में करीब 60 लाख यात्री रोजाना उपनगरीय ट्रेनों का उपयोग करते हैं। हालांकि, महामारी से पहले उपनगरीय ट्रेनों के जरिए 75 लाख से अधिक यात्री यात्रा करते थे।

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First Published - February 19, 2022 | 12:21 AM IST

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पुरानी सरकारों पर मोदी ने लगाया परियोजनाएं लटकाने का आरोप

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Last Updated- December 11, 2022 | 9:10 PM IST

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को महाराष्ट्र में ठाणे और दिवा को जोड़ने वाली दो अतिरिक्त रेलवे लाइन का उद्घाटन किया और दो उपनगरीय ट्रेनों को झंडी दिखाकर रवाना किया। इस दौरान प्रधानमंत्री ने पूर्व की सरकारों पर निशाना साधते हुए इस प्रोजेक्ट को कई साल तक लटकाने का आरोप भी लगाया। पीएम ने कहा कि 21वीं सदी का भारत बनाने के लिए लाए हैं पीएम गतिशक्ति नैशनल मास्टरप्लान लाए हैं।
इस प्रोजेक्ट को हरी झंडी दिखाने के बाद अपने ऑनलाइन संबोधन में प्रधानमंत्री मोदी ने नई रेल लाइन के लिए मुंबई और ठाणे के लोगों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह नई रेल लाइन मुंबईवासियों के जीवन में एक नया बदलाव लाएगी। यह नई रेल लाइन मुंबई की कभी ना थकने वाली गति को और रफ्तार देगी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि योजना और क्रियान्वयन में समन्वय की कमी के कारण बुनियादी ढांचा परियोजनाएं पहले खिंचती रहती थीं, लेकिन हमने उस दृष्टिकोण को बदल दिया है। 2005 में इस प्रोजेक्ट का शिलान्यास हुआ था। 2015 में इसे पूरा होना था, लेकिन 2014 तक यह अलग-अलग कारणों से लटका रहा। इसके बाद हमने इस पर तेजी से काम किया और जो समस्याएं थी उसे सुलझाया। अनेक चुनौतियों के बावजूद हमारे श्रमिकों और हमारे इंजीनियरों ने इस प्रोजेक्ट को पूरा किया। दर्जनों पुल बनाए फ्लाईओवर बनाए और सुरंग तैयार की। राष्ट्र निर्माण के लिए मैं ऐसे कमिटमेंट को हृदय से नमन करता हूं।
21वीं सदी का भारत बनाने के लिए लाए हैं पीएम गतिशक्ति नेशनल मास्टरप्लान तैयार है। हमारा प्रयास यह है कि आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में मुंबई का सामर्थ्य कई गुना ज्यादा बड़े। इसलिए 21 मुंबई में 21वीं सदी के इंफ्रास्ट्रक्चर निर्माण पर हमारा विशेष फोकस है। प्रधानमंत्री ने कहा कि हमारा प्रयास है कि मुंबई उपनगरों की क्षमता है, उसमें 400 किलोमीटर का विस्तार किया जाएगा। इसके अलावा हमारी योजना 19 स्टेशनों के आधुनिकरण की भी है। इसलिए अहमदाबाद मुंबई हाई स्पीड ट्रेन आज देश की आवश्यकता है। यह प्रोजेक्ट तेज गति से पूरा हो यह सभी की हम सभी की प्राथमिकता है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि कोरोना संकटकाल में हमने किसान रेल के माध्यम से देश भर के किसानों को बाजार से जोड़ने का काम किया है। वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेन ने देश की देश को गति दे रही और आने वाले समय में 400 बंदे भारत ट्रेन देश को नई गति देंगी। प्रधानमंत्री ने कहा कि एक और चीज जो हमारी सरकार ने बदली है वह कि रेलवे के अपने सामर्थ्य पर भरोसा। सात आठ साल पहले तक रेल की जो फैक्ट्रियां थी उसको लेकर बहुत ही उदास उदासीनता थी। पहले कोई कल्पना भी नहीं कर सकता था कि यह फैक्ट्रियां इतनी आधुनिक कोच बना सकती है। लेकिन आज वंदे भारत ट्रेन है और विस्टा डर्म्कोस इन्हीं फैक्ट्री में बन रहे हैं।
ठाणे और दिवा को जोड़ने वाली दो अतिरिक्त रेल लाइन लगभग 620 करोड़ रुपये की लागत से बनाई गई हैं और इसमें 1.4 किलोमीटर लंबा रेल फ्लाईओवर, तीन प्रमुख पुल, 21 छोटे पुल शामिल हैं। ये लाइन मुंबई में उपनगरीय रेलगाड़ियों के यातायात के साथ लंबी दूरी की रेलगाड़ियों के यातायात में रुकावट को काफी हद तक दूर कर देंगी। इससे शहर में 36 नयी उपनगरीय ट्रेनें भी चलाई जा सकेंगी।
इस कार्य़क्रम में शामिल होने आए रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने मुंबई कीलोकल ट्रेन से यात्रा की। द्वितीय श्रेणी के डिब्बे में यात्रा करने के दौरान और दिवा स्टेशन पर मंत्री ने यात्रियों के साथ बात की। वैष्णव के साथ लोकल ट्रेन में रेल राज्य मंत्री रावसाहेब दानवे, रेलवे बोर्ड के अध्यक्ष वी के त्रिपाठी और अन्य अधिकारी भी थे।  एक अधिकारी ने कहा कि दो नयी लाइन के शुरू होने से मध्य रेलवे की मुख्य लाइन पर 36 अतिरिक्त उपनगरीय सेवाएं शुरू हो जाएंगी और वातानुकूलित लोकल ट्रेनों की संख्या 10 से बढ़कर 44 हो जाएंगी।। यह लोकल के आधुनिकरण के केंद्र सरकार के वादे का हिस्सा है। बीते साल सात सालों में मुंबई में मेट्रो का भी विस्तार किया गया है। हम मेट्रो नेटवर्क को तेजी से फैलाने का काम कर रहे हैं।
उपनगरीय लोकल ट्रेनों को मुंबई की जीवन रेखा माना जाता है। कोविड-19 महामारी की वजह से यात्रा प्रतिबंधों के चलते वर्तमान में करीब 60 लाख यात्री रोजाना उपनगरीय ट्रेनों का उपयोग करते हैं। हालांकि, महामारी से पहले उपनगरीय ट्रेनों के जरिए 75 लाख से अधिक यात्री यात्रा करते थे।

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First Published - February 19, 2022 | 12:21 AM IST

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