facebookmetapixel
Budget 2026 में रिसाइक्लिंग इंडस्ट्री की सरकार से मांग: GST कम होगा तभी उद्योग में आएगी तेजी27 जनवरी को बैंक हड़ताल से देशभर में ठप होंगी सरकारी बैंक सेवाएं, पांच दिन काम को लेकर अड़े कर्मचारीऐतिहासिक भारत-EU FTA और डिफेंस पैक्ट से बदलेगी दुनिया की अर्थव्यवस्था, मंगलवार को होगा ऐलानइलेक्ट्रिक टू व्हीलर कंपनियों ने सरकार से की मांग: PM E-Drive सब्सिडी मार्च 2026 के बाद भी रहे जारीसुरक्षित निवेश और कम सप्लाई: क्यों सोने की कीमत लगातार नए रिकॉर्ड बना रही है?Budget decoded: सरकार की योजना आपके परिवार की आर्थिक स्थिति को कैसे प्रभावित करती है?गणतंत्र दिवस पर दिखी भारत की सॉफ्ट पावर, विदेशी धरती पर प्रवासी भारतीयों ने शान से फहराया तिरंगाIndia-EU FTA पर मुहर की तैयारी: कपड़ा, जूते-चप्पल, कार और वाइन पर शुल्क कटौती की संभावनाBudget 2026 से इंश्योरेंस सेक्टर को टैक्स में राहत की उम्मीद, पॉलिसीधारकों को मिल सकता है सीधा फायदा!Budget 2026 से बड़ी उम्मीदें: टैक्स, सीमा शुल्क नियमें में सुधार और विकास को रफ्तार देने पर फोकस

Bihar Election Results: क्या NDA 2010 की ऐतिहासिक जीत को भी पीछे छोड़ने जा रही है?

मतगणना के नतीजे दिखा रहे हैं कि इसबार एनडीए को बड़ी जीत मिलने वाली है। ट्रेंड्स 2010 के उस ऐतिहासिक स्वीप जैसे हैं, जब जेडीयू-बीजेपी गठबंधन ने 243 में से 206 सीटें जीती थीं

Last Updated- November 14, 2025 | 3:15 PM IST
Nitish Kumar
बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार | फाइल फोटो

बिहार में विधानसभा चुनाव की मतगणना चल रही है। मतगणना की शुरुआत के साथ ही एनडीए यानी नेशनल डेमोक्रेटिक अलायंस ने अपने प्रदर्शन से सबको चौंका दिया है। अभी तक के ट्रेंड्स में एनडीए 200 सीटों के पार पहुंचने की ओर बढ़ रहा है। 243 सीटों वाली विधानसभा में ये आंकड़ा किसी बड़े उलटफेर की ओर इशारा कर रहा है। जनता दल यूनाइटेड यानी जेडीयू और भारतीय जनता पार्टी यानी बीजेपी मिलकर विपक्ष को काफी पीछे छोड़ते दिख रहे हैं।

साल 2020 की ऐतिहासिक जीत

2010 में बिहार ने ऐसा ही कुछ देखा था। उस साल 24 नवंबर को जेडीयू और बीजेपी का गठबंधन 243 में से 206 सीटें जीतकर इतिहास बना दिया था। उससे पहले 2005 में इन दोनों को मिलाकर सिर्फ 143 सीटें मिली थीं। लेकिन 2020 में नीतीश कुमार की अगुवाई वाली जेडीयू ने तब अपनी ताकत दिखाई थी। आरजेडी को महज 22 सीटें मिलीं, भले ही वो लोक जनशक्ति पार्टी के साथ लड़ी थी। पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी दोनों सीटों से हार गई थीं। पासवान परिवार को भी झटका लगा था। कांग्रेस सिर्फ चार सीटें ही बचा पाई थी। वो चुनाव बिहार में एकतरफा जीत का नया मानक बन गया था।

Also Read: Bihar Election Results 2025 LIVE: रुझानों में 90 सीटों के साथ BJP सबसे बड़ी पार्टी, NDA को प्रचंड बहुमत

2015 में महागठबंधन ने पलट दी बाजी

हालांकि, पांच साल बाद 2015 में कहानी बदल गई। जेडीयू, आरजेडी और कांग्रेस का महागठबंधन 243 में से 178 सीटें लेकर सत्ता में आया। एनडीए को सिर्फ 58 सीटें मिलीं, बाकी सात सीटें दूसरों के खाते में गईं। महागठबंधन में लालू प्रसाद की आरजेडी सबसे आगे रही, जिसने 80 सीटें जीती थीं। जेडीयू को 71 और कांग्रेस को 27 सीटें मिली थीं। एनडीए की तरफ से बीजेपी 53 सीटें लाई थीं। राम विलास पासवान की एलजेपी को दो, उपेंद्र कुशवाहा की राष्ट्रीय लोक समता पार्टी को दो और जीतन राम मांझी की हिंदुस्तानी अवाम मोर्चा को एक सीट मिली थी। ये जीत बिहार की राजनीति में बड़ा उलटफेर थी। बाद में नीतीश कुमार ने फिर बीजेपी का साथ थाम लिया था।

2025 में जेडीयू और बीजेपी की जोरदार वापसी

इस बार ट्रेंड्स में जेडीयू सबसे बड़ा फायदा उठाती दिख रही है। 2020 में ये पार्टी सिर्फ 43 सीटें जीत पाई थी, लेकिन अब 80 सीटों पर आगे चल रही है। बीजेपी भी कमाल कर रही है, 82 सीटों पर लीड कर रही है। 2020 में बीजेपी को 74 सीटें मिली थीं, यानी आठ का इजाफा। अगर ये ट्रेंड्स नतीजों में बदल गए तो एनडीए 2010 जैसा स्वीप दोहरा सकता है। विपक्ष के लिए ये झटका है। आरजेडी, कांग्रेस और प्रशांत किशोर की जन सुराज पार्टी मुश्किल में फंसती नजर आ रही हैं। कई जानकार कह रहे हैं कि विपक्ष को अपनी रणनीति, गठबंधन और संगठन पर फिर से सोचना पड़ेगा।

First Published - November 14, 2025 | 3:05 PM IST

संबंधित पोस्ट