facebookmetapixel
Advertisement
नीट केवल परीक्षा नहीं, सामाजिक बदलाव का माध्यम भी हैEditorial: राज्यों का बढ़ता कर्ज और घाटा अर्थव्यवस्था के लिए क्यों है चिंता का विषय?Royal Enfield बाइक बनाने वाली कंपनी का मुनाफा 21.4% बढ़कर ₹1,462 करोड़, रिकॉर्ड बिक्री से बढ़ी चमक Share Market में Intraday Trading से कमाया पैसा? ITR Filing से पहले समझ लें टैक्स के नियमभोपाल में किसानों का विशाल प्रदर्शन, शिवराज का घर घेरा, सीएम हाउस में घुसने का आह्वानStock Market: शेयर बाजार में तूफानी तेजी! सेंसेक्स 888 अंक उछला, IT शेयरों ने किया कमालगोल्ड लोन की बढ़ती मांग, 2028 तक 30 लाख करोड़ रुपये पहुंच सकता है बाजारNCDEX ने लॉन्च किया ‘Nidhi’ म्युचुअल फंड ट्रांजैक्शन प्लेटफॉर्म, अब एक ही जगह SIP, निवेश और रिडेम्पशनAnti Paper Leak Law: अमेरिका, चीन, जापान समेत दुनिया के देशों में परीक्षा में नकल पर क्या है सजा? जानिए नियमदिल्ली लक्ष्मी योजना के लिए कैसे करें आवेदन? महिलाओं के खाते में हर महीने आएंगे ₹2,500

हिमाचल ने लगाई कर छूट बढ़ाने की गुहार

Advertisement
Last Updated- December 07, 2022 | 8:47 PM IST

हिमाचल प्रदेश सरकार ने केंद्र सरकार से राज्य को दी जा रही कर छूट की अवधि को 2013 तक बढ़ाने की गुहार लगाई है।


केंद्र द्वारा घोषित विशेष औद्योगिक पैकेज फिलहाल 2010 तक ही प्रभावी है। राज्य के मुख्यमंत्री प्रेम कुमार धूमल ने इस सिलसिले में प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और वित्त मंत्री पी चिदंबरम से अनुरोध किया है।

धूमल ने दावा किया है कि औद्योगिक संवर्धन विभाग द्वारा जारी एसआईए आंकड़ों के मुताबिक पड़ोसी राज्यों से कोई भी उद्योग हिमाचल की ओर स्थानांतरित नहीं हुआ है। धूमल ने कहा कि पिछले एक वर्ष के दौरान हरियाणा, हिमाचल प्रदेश और पंजाब को क्रमश: 6,350 करोड़ रुपये, 3,596 करोड़ रुपये और 10,737 करोड़ रुपये का निवेश मिला है।

इससे साफ है कि पड़ोसी राज्य निवेश जुटाने के लिहाज से हिमाचल से काफी आगे हैं। उन्होंने कहा कि 2003 में औद्योगिक पैकेज की घोषणा से पहले भी राज्य को निवेश मिल रहा था। राज्य सरकार ने केंद्र से सड़क, बिजली आपूर्ति प्रणाली और अन्य औद्योगिक ढांचागत सुविधा का विकास करने का अनुरोध भी किया है।

Advertisement
First Published - September 12, 2008 | 10:57 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement