Editorial: क्रेडिट स्कोर से परे, भारत के खुदरा ऋण बाजार में बड़ा बदलाव
इस समाचार पत्र में प्रकाशित खबरों के मुताबिक भारत का खुदरा ऋण बाजार महामारी के पश्चात एक महत्त्वपूर्ण बदलाव के दौर से गुजर रहा है। ट्रांसयूनियन क्रेडिट इन्फॉर्मेशन ब्यूरो (इंडिया) लिमिटेड (सिबिल) द्वारा उद्धृत आंकड़ों के अनुसार, पिछले पांच वर्षों में कुल ऋण बाजार में पहली बार कर्ज लेने वालों की हिस्सेदारी लगातार घट रही […]
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MSMEs की महत्वाकांक्षाओं को न दबाएं: मानकों से समझौता किए बिना अनुपालन को सरल बनाना जरूरी
मीडिया एवं पेशेवर संगठनों द्वारा सूक्ष्म, छोटे और मझोले उद्योग (एमएसएमई) से संबंधित गैर-वित्तीय नियामकीय सुधारों से जुड़ी उच्चस्तरीय समिति की कुछ सिफारिशों की व्यापक चर्चा हुई है। ये सिफारिशें कुछ हद तक स्वागतयोग्य और कुछ हद तक चिंताजनक हैं। किसी भी प्रयास से यदि प्रक्रियाओं को सरल बनाया जाए, समय, लागत कम करने के […]
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भारत का तेल व्यापार घाटा: मांग पर नियंत्रण और खपत में संतुलन की जरूरत
पश्चिम एशिया संकट भारत की अर्थव्यवस्था को कई तरह से प्रभावित कर रहा है। ऊर्जा जिंसों खासतौर पर कच्चे तेल की कीमतों पर इसका सबसे अधिक असर हुआ है। फरवरी के अंत में जंग छिड़ने के बाद से अब तक कच्चे तेल की कीमतें 60 फीसदी बढ़ चुकी हैं। कमी के बावजूद तेल और तेल […]
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Editorial: अमेरिकी शुल्क के नए दांव से व्यापार समझौते पर बढ़ेगी अनिश्चितता
अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि (यूएसटीआर) ने भारत से आयात पर 1974 के अमेरिकी व्यापार अधिनियम के सेक्शन 301 के तहत अतिरिक्त 12.5 फीसदी शुल्क लगाने का जो प्रस्ताव रखा है वह आयात पर कुल प्रतिबंधों को बढ़ाने का प्रयास ही है। यह प्रस्ताव उस जांच के बाद आया जिसमें देखा गया कि क्या भारत सहित 60 […]
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