facebookmetapixel
Advertisement
बाजार में उतार-चढ़ाव से बदला फंडरेजिंग ट्रेंड, राइट्स इश्यू रिकॉर्ड स्तर पर, QIP में भारी गिरावटपश्चिम एशिया संकट: MSME को कर्ज भुगतान में राहत पर विचार, RBI से मॉरेटोरियम की मांग तेजRCB की बिक्री से शेयरहोल्डर्स की बल्ले-बल्ले! USL दे सकती है ₹196 तक का स्पेशल डिविडेंडतेल में बढ़त से शेयर और बॉन्ड में गिरावट; ईरान का अमेरिका के साथ बातचीत से इनकारगोल्डमैन सैक्स ने देसी शेयरों को किया डाउनग्रेड, निफ्टी का टारगेट भी घटायाकिधर जाएगा निफ्टीः 19,900 या 27,500; तेल और भू-राजनीति तनाव से तय होगा रुखसंघर्ष बढ़ने के भय से कच्चे तेल में 4% की उछाल, कीमतें एक बार फिर 100 डॉलर के पारGold Rate: तेल महंगा होने से सोना 2% फिसला, ब्याज दरों में कटौती की उम्मीद कमजोरEditorial: दिवालिया समाधान से CSR और ऑडिट सुधार तक बड़े बदलावसरकारी बैंकों में प्रमोशन के पीछे की कहानी और सुधार की बढ़ती जरूरत

अब UPI से ही ₹10 लाख तक का पेमेंट! चुनिंदा ट्रांजेक्शन्स पर बढ़ाई गई लिमिट, चेक करें लिस्ट

Advertisement

NPCI ने कई UPI मर्चेंट पेमेंट्स की लिमिट बढ़ाकर 10 लाख रुपये कर दी है, जिससे इंश्योरेंस, EMI, क्रेडिट कार्ड बिल जैसे बड़े पेमेंट करने में आसानी होगी

Last Updated- September 15, 2025 | 8:50 PM IST
Jio Payments Bank UPI
प्रतीकात्मक तस्वीर | फाइल फोटो

UPI Transaction Limit Increase: आजकल अधिकतर लोग कैश में पेमेंट करने के बजाय ऑनलाइन-पे करना ज्यादा पसंद करते हैं। और UPI ने तो इस काम को बच्चों का खेल बना दिया है। लेकिन अब इसमें एक बड़ा अपडेट आ गया है, जो बड़े-बड़े पेमेंट्स को और आसान बना देगा। दरअसल UPI को कंट्रोल करने वाली संस्था नेशनल पेमेंट्स कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) ने पर्सन-टू-मर्चेंट (P2M) पेमेंट्स की डेली लिमिट बढ़ा दी है। यानी अब आप कैपिटल मार्केट्स, इंश्योरेंस, लोन रीपेमेंट, ट्रैवल बुकिंग्स, EMI, क्रेडिट कार्ड बिल या सरकारी ई-मार्केटप्लेस जैसे बड़े पेमेंट्स एक दिन में 10 लाख रुपये तक कर सकते हैं। पहले ये लिमिट काफी कम थी, जिसकी वजह से कई बार परेशानी होती थी। अब इंश्योरेंस प्रीमियम हो या बड़ी बुकिंग, सब कुछ एक ही दिन में निपट जाएगा। हालांकि, ये नई सुविधा सिर्फ वेरीफाइड मर्चेंट्स पर ही लागू होगी, ताकि फ्रॉड से बचाव हो सके। आम यूजर्स के लिए पर्सन-टू-पर्सन (P2P) लिमिट अभी भी 1 लाख रुपये ही रहेगी। ये कदम डिजिटल पेमेंट्स को और भरोसेमंद और पावरफुल बनाएगा। ये बदलाव 15 सितंबर 2025 से ही लागू हो चुके हैं।

कहां लागू होगी ये बढ़ी हुई लिमिट?

यह नया नियम सिर्फ कुछ खास कैटेगरी के लिए है, ताकि आम पर्सन-टू-पर्सन ट्रांसफर पर असर न पड़े। उदाहरण के तौर पर, कैपिटल मार्केट्स और इंश्योरेंस पेमेंट्स के लिए प्रति ट्रांजेक्शन लिमिट 2 लाख से बढ़कर 5 लाख रुपये हो गई है, और एक दिन में कुल 10 लाख तक का भुगतान कर सकते हैं। इसी तरह, गवर्नमेंट ई-मार्केटप्लेस, ट्रैवल बुकिंग्स, लोन रीपेमेंट्स और EMI पेमेंट्स पर भी प्रति ट्रांजेक्शन 5 लाख और डेली 10 लाख की कैप लगेगी।

Also Read: अगस्त 2025 में UPI ट्रांजैक्शन ने बनाया नया रिकॉर्ड, बीते महीने ₹20 अरब से अधिक का हुआ लेन-देन

क्रेडिट कार्ड बिल भरने के लिए प्रति ट्रांजेक्शन 5 लाख (पहले 2 लाख था) और डेली 6 लाख (पहले 5 लाख) तक हो सकता है। ज्वेलरी खरीदारी में प्रति ट्रांजेक्शन अभी भी 2 लाख ही रहेगा, लेकिन डेली लिमिट 6 लाख हो गई है। हॉस्पिटल और एजुकेशन पेमेंट्स पहले से ही 10 लाख डेली पर थे, वो वैसे ही रहेंगे। टर्म डिपॉजिट्स जैसे बैंकिंग सर्विसेज के लिए भी प्रति ट्रांजेक्शन और डेली दोनों 5 लाख तक की लिमिट हो गई है। गवर्नमेंट सिक्योरिटीज में इन्वेस्टमेंट के लिए डेली 10 लाख तक संभव है।

फ्रॉड से कैसे बचाव होगा, वो भी ध्यान में रखा गया

बढ़ी हुई लिमिट के साथ सिक्योरिटी पर भी फोकस है, क्योंकि बड़े पैसे का मामला जो है। NPCI ने ये लिमिट सिर्फ वेरीफाइड मर्चेंट्स के लिए ही बढ़ाई है, ताकि फ्रॉड का खतरा कम रहे। P2P कलेक्ट फीचर को बंद कर दिया गया है, जो फ्रॉड रोकने में मदद करेगा। एक्सपर्ट्स के मुताबिक इससे बिजनेस पेमेंट्स आसान होंगे, लेकिन यूजर्स को सेफ रखने के लिए सख्त नियम बनाए गए हैं। सामान्य यूजर्स के लिए P2P ट्रांजेक्शन अभी भी 1 लाख प्रति दिन ही रहेगा। ये सब मिलाकर डिजिटल पेमेंट्स को और मजबूत बनाने का प्रयास है।

Advertisement
First Published - September 15, 2025 | 8:46 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement