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बिल्डर ने घर लेट से दिया या फिर कंस्ट्रक्शन खराब निकला? RERA में ऐसे करें शिकायत और पाएं मुआवजा!

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RERA के तहत सरकार ने प्रोजेक्ट में देरी, घटिया कंस्ट्रक्शन और छुपी जानकारी जैसे मामलों में खरीदारों की शिकायतों का ऑनलाइन निपटारा सुनिश्चित किया है

Last Updated- December 12, 2025 | 6:39 PM IST
Real Estate
प्रतीकात्मक तस्वीर | फाइल फोटो

उत्तर भारत समेत पूरे देश में ज्यादातर घर खरीदने वाले लोग अक्सर पजेशन में लंबी देरी या घटिया कंस्ट्रक्शन क्वालिटी का सामना करते हैं। इस समस्या से निजात दिलाने के लिए सरकार ने साल 2016 में रियल एस्टेट (रेगुलेशन एंड डेवलपमेंट) एक्ट यानी RERA लाया था। इसका मकसद खरीदारों के हितों की रक्षा करना और बिल्डरों के खिलाफ शिकायत का एक साफ-सुथरा सिस्टम देना है।

RERA क्या है और इसका मकसद क्या है?

RERA के तहत हर वो रिहायशी और कमर्शियल प्रोजेक्ट जिसका एरिया तय लिमिट से ज्यादा है, उसे अपने राज्य के रेरा अथॉरिटी में रजिस्टर करना जरूरी है। इससे प्रोजेक्ट की टाइमलाइन, अप्रूवल, बिल्डर की जिम्मेदारी सहित सारी डिटेल पूरी पारदर्शिता के साथ रहती है।

इस कानून के जरिए खरीदार इन समस्याओं के लिए राहत मांग सकते हैं:

  • तय तारीख से ज्यादा देरी होना
  • कंस्ट्रक्शन में खराबी या कमियां होना
  • प्रोजेक्ट से जुड़े अप्रूवल या देनदारी छुपाना

Also Read: DDA पर ₹17,000 करोड़ का कर्ज! 34,000 फ्लैट अभी पड़े हैं अनसोल्ड- आखिर क्या है पूरा मामला?

शिकायत कैसे दर्ज करें?

RERA में शिकायत करना बहुत आसान है। आप ये स्टेप फॉलो करें:

यहां हर स्टेप विस्तार से बताया जा रहा है:

  • अपने राज्य का RERA पोर्टल ढूंढें: जिस राज्य में आपकी प्रॉपर्टी है, उसके ऑफिशियल RERA वेबसाइट पर जाएं (जैसे उत्तर प्रदेश के लिए up-rera.in, महाराष्ट्र के लिए maharera.maharashtra.gov.in)।
  • रजिस्टर/साइन अप करें: “Register” या “File Complaint” पर क्लिक करके Complainant के तौर पर साइन अप करें। अपना नाम, ईमेल और मोबाइल नंबर सही-सही भरें।
  • लॉग-इन करें: नए यूजरनेम-पासवर्ड से लॉग-इन करें।
  • प्रोफाइल पूरी करें: My Profile सेक्शन में अपनी सारी पर्सनल डिटेल भरें।
  • शिकायत दर्ज करें: Complaint सेक्शन में जाएं और तय करें कि आपका प्रोजेक्ट रजिस्टर्ड है या नहीं।
  • सारी डिटेल भरें: प्रोजेक्ट का नाम, RERA नंबर, अपनी यूनिट का नंबर, एरिया, बिल्डर की डिटेल, अब तक कितने पैसे दिए, बुकिंग/एग्रीमेंट की तारीख और अपनी समस्या व राहत (रिफंड, पजेशन आदि) साफ-साफ लिखें।
  • डॉक्यूमेंट अपलोड करें: ID प्रूफ, सेल एग्रीमेंट, पेमेंट रसीदें और बिल्डर से हुई सारी चिट्ठी-पत्री PDF में अपलोड करें।
  • फीस जमा करें: ऑनलाइन 1,000 रुपये (अथॉरिटी के लिए) + 5,000 रुपये (एडजुडिकेटिंग ऑफिसर के लिए) UPI, नेट बैंकिंग आदि से दें।
  • सबमिट करें: सब कुछ चेक करके फाइनल सबमिट कर दें।
  • ट्रैक करें: रेफरेंस नंबर नोट कर लें, उसी से पोर्टल पर अपनी शिकायत की स्थिति देखते रहें।

कितने दिनों में फैसला आता है?

RERA में शिकायत का निपटारा कुछ महीनों के अंदर करना जरूरी है, लेकिन यह केस पर निर्भर करता है।

खरीदार को मिल सकता है:

  • देरी का मुआवजा + ब्याज सहित कंस्ट्रक्शन की खराबी ठीक

अगर आपको भी कोई बिल्डर परेशान कर रहा है तो बिना देर किए अपने राज्य के RERA पोर्टल पर शिकायत दर्ज करें। यह आपका हक है और कानून पूरी तरह आपके साथ है!

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First Published - December 12, 2025 | 6:39 PM IST

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