facebookmetapixel
Stocks to Watch: Bajaj Finance से लेकर Nazara Tech तक, बुधवार को इन स्टॉक्स में दिख सकती है हलचलStock Market Update: शेयर बाजार की कमजोर शुरुआत, सेंसेक्स 487 अंक गिरकर खुला; निफ्टी 25700 के नीचेदीपिंदर गोयल का खुला न्योता, पुराने Zomato कर्मचारियों से बोले वापस आ जाइएNavratna कंपनी का बड़ा ऐलान! शेयरधारकों को 2.50 रुपये का डिविडेंड, जानिए रिकॉर्ड डेटAdani Ports Q3 Results: तीसरी तिमाही में मुनाफा 21.2% बढ़ा, अंतरराष्ट्रीय कारोबार में भारी उछालएडवेंट इंटरनेशनल का बड़ा दांव: आदित्य बिड़ला हाउसिंग फाइनेंस में ₹2,750 करोड़ में खरीदी हिस्सेदारी‘दबाव में नहीं लिए फैसले’, CBIC प्रमुख ने सीमा शुल्क सुधारों पर दी सफाई, बताया क्यों घटे टैरिफनौकरी बाजार में अजीब संकट: भीड़ बढ़ी पर नहीं मिल रहे योग्य पेशेवर, 74% कंपनियां टैलेंट के लिए परेशानट्रेड डील पर बोले PM मोदी: राष्ट्रहित में लिया गया ‘बड़ा फैसला’, देश के हर वर्ग को मिलेगा फायदाममता बनर्जी का बड़ा ऐलान: मुख्य चुनाव आयुक्त को हटाने के लिए विपक्ष के प्रस्ताव का करेंगी समर्थन

ITR-2 और ITR-3 फॉर्म में देरी क्यों? सरकार ने दी नई डेडलाइन, एक्सपर्ट से समझें क्या करें टैक्सपेयर्स

ITR Filing 2025: केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (CBDT) ने इन फॉर्म्स की फाइलिंग की आखिरी तारीख 15 सितंबर 2025 तक बढ़ा दी है।

Last Updated- June 26, 2025 | 10:09 AM IST
ITR Filing 2025
Representative Image

ITR Filing 2025: इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) फाइल करने का सीजन शुरू हो चुका है, लेकिन ITR-2 और ITR-3 फॉर्म्स की यूटिलिटी अब तक इनकम टैक्स पोर्टल पर उपलब्ध नहीं है। यह फॉर्म्स उन टैक्सपेयर्स के लिए होते हैं जिनकी आमदनी सैलरी के अलावा पूंजीगत लाभ (capital gains), फ्रीलांस काम या बिजनेस से होती है। यानी आसान कैटेगरी नहीं है। ऐसे में लाखों टैक्सपेयर्स असमंजस में हैं।

CBDT ने डेडलाइन बढ़ाई, लेकिन सतर्क रहने की सलाह

केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (CBDT) ने इन फॉर्म्स की फाइलिंग की आखिरी तारीख 15 सितंबर 2025 तक बढ़ा दी है। लेकिन टैक्स एक्सपर्ट्स का कहना है कि इसके बावजूद लापरवाही नहीं करनी चाहिए।

देरी की वजह क्या है?

सिंघानिया एंड कंपनी की पार्टनर ऋतिका नैयर के मुताबिक, इस साल ITR फॉर्म्स में कई बड़े बदलाव किए गए हैं।

इन बदलावों के कारण बैकएंड सिस्टम को अपग्रेड करना पड़ा, यूटिलिटी को फिर से तैयार किया गया और डेटा की जांच भी करनी पड़ी।

‘1 फाइनेंस’ की न्याति शाह ने बताया कि AIS (Annual Information Statement) और TIS (Taxpayer Information Summary) के डेटा को सिंक्रनाइज़ करने में दिक्कतें आई हैं। साथ ही, इंटरनेशनल रिपोर्टिंग स्टैंडर्ड्स और CBDT के नए सर्कुलर के अनुसार डिटेल्स में बदलाव भी किए गए हैं।

Roinet Solutions के मैनेजिंग डायरेक्टर समीर माथुर ने कहा कि कैपिटल गेन, विदेशी संपत्ति और अनुमानित आय (Presumptive Income) से जुड़े नियम भी बदले हैं, जिससे यूटिलिटी और जटिल हो गई है।

Also Read: ITR Filing 2025: इनकम टैक्स रिटर्न भरने से पहले जरूरी है AIS की जांच, नहीं तो डिपार्टमेंट का आ सकता है नोटिस

ITR Filing 2025: टैक्सपेयर्स अभी क्या करें?

विशेषज्ञों का कहना है कि फॉर्म भले ही न आए हों, लेकिन टैक्सपेयर्स अभी से तैयारी शुरू करें।

  • AIS, TIS और फॉर्म 26AS का मिलान करें
  • डिविडेंड, ब्याज और कैपिटल गेन की डिटेल्स चेक करें
  • Chapter VI-A के तहत मिलने वाली छूट की गणना कर लें
  • सेक्शन 234B से बचने के लिए एडवांस टैक्स की सही जानकारी रखें

ऋतिका नैयर का कहना है कि अगर आपने अपनी आमदनी का ब्योरा, छूट के प्रमाण और बिजनेस लेजर तैयार रखे तो फॉर्म रिलीज होते ही आप तुरंत रिटर्न फाइल कर पाएंगे।

Also Read: ITR Filing: आय छुपाना अब आसान नहीं! एक्सपर्ट बोले– गलत फाइलिंग पर तुरंत होगा जुर्माना, सिस्टम हुआ हाईटेक

क्या रिफंड और डेडलाइन पर असर पड़ेगा?

हालांकि समय सीमा बढ़ाई गई है, लेकिन विशेषज्ञों का मानना है कि इससे फाइलिंग विंडो छोटी हो गई है। नीयति शाह के अनुसार, “जल्दबाजी में रिटर्न फाइल करने से गलती हो सकती है और रिफंड में देरी हो सकती है।”

समीर माथुर ने यह भी चेतावनी दी कि अगर 15 सितंबर के बाद फाइलिंग की गई तो सेक्शन 234A के तहत ब्याज देना पड़ सकता है, भले ही फॉर्म देरी से जारी हुए हों।

फॉर्म रिलीज के बाद सावधानी जरूरी

ऋतिका नैयर ने कहा कि यूटिलिटी आने के बाद फॉर्म में भरी गई प्री-फिल्ड जानकारी को अच्छी तरह जांचें। AIS और TIS से डेटा मैच नहीं हुआ तो नोटिस आ सकता है।

शाह ने यह भी कहा कि पिछले साल के फॉर्म्स को देखकर अंदाजा न लगाएं, क्योंकि इस बार लॉजिक और स्कीमा में बदलाव किया गया है। ऐसे में किसी चार्टर्ड अकाउंटेंट की मदद लेना समझदारी होगी।

Also Read: ITR Filing 2025: बिना रसीद के आप कितना HRA कर सकते हैं क्लेम? जानें इस साल नियमों में क्या हुए बदलाव

ITR फॉर्म्स में क्या बदलाव हुए हैं?

टैक्समैन के वाइस प्रेसिडेंट नवीन वाधवा के अनुसार, इस बार कई बदलाव हुए हैं जिनकी वजह से फॉर्म्स में देरी हुई:

  • ITR-1 और ITR-4 में LTCG लिमिट बढ़कर 1.25 लाख रुपये की गई
  • नई टैक्स व्यवस्था को छोड़ने की प्रक्रिया (फॉर्म 10-IEA) में बदलाव
  • कैपिटल गेन रिपोर्टिंग के लिए नया फॉर्मेट लागू
  • डिविडेंड, विदेशी संपत्ति और सेक्शन 115U के तहत पास-थ्रू इनकम की नई डिटेल्स मांगी गईं

First Published - June 26, 2025 | 9:20 AM IST

संबंधित पोस्ट