facebookmetapixel
विमान हादसे में राकांपा प्रमुख अजित पवार की मौत, चार अन्य लोगों की भी गई जानराष्ट्रपति मुर्मू का बजट सत्र अभिभाषण: देश की आर्थिक बुनियाद मजबूत, ईयू-एफटीए से रोजगार और विकास को मिलेगी नई रफ्तारमारुति को दमदार बिक्री से मिली रफ्तार, Q3 में मुनाफा 4.1% बढ़ा, नए लेबर कोड का दिखा असरखपत के रुझान स्थिर, मार्जिन में सुधार के आसार; FMCG में ठोस वृद्धि की आस: मैरिकोIndia-EU FTA में बाजार पहुंच की बाधाओं से निपटने के लिए बनेगा स्पेशन ‘रैपिड रिस्पॉन्स मैकेनिज्म’India EU FTA में वाहन आयात पर सख्ती, टैरिफ कोटा का लाभ सिर्फ चुनिंदा यूरोपीय कंपनियों कोCBAM नियमों से संकट में छोटे स्टील निर्यातक, यूरोपीय बंदरगाहों पर माल जब्त; ऑर्डर रद्दIndia-EU FTA के उत्साह से लगातार दूसरे दिन चढ़े बाजार, सेंसेक्स 487 अंक उछलाEU से भारत सिर्फ 50,000 टन सेब का आयात करेगा, किसानों की आय बनी रहेगी सुरक्षितIndia-EU FTA से फुटवियर-लेदर सेक्टर को बूस्ट, भारतीय फुटवियर उद्योग के जमेंगे पांव

GSK फार्मा की राह में मूल्यांकन की बाधा, शेयर फरवरी से अब तक करीब 14 प्रतिशत गिरा

इस फार्मा बहुराष्ट्रीय दिग्गज की भारतीय इकाई को फरवरी के शुरू में अपने ऊंचे स्तरों से करीब 20 प्रतिशत बाजार पूंजीकरण गंवाना पड़ा है।

Last Updated- April 12, 2024 | 10:41 PM IST
GSK फार्मा की राह में मूल्यांकन की बाधा, शेयर फरवरी से अब तक करीब 14 प्रतिशत गिरा, Valuations hurdle likely to keep GSK Pharma stock under pressure

ग्लैक्सो ​स्मिथक्लाइन फार्मास्युटिकल्स (जीएसके) फार्मा का शेयर फरवरी से अब तक करीब 14 प्रतिशत गिरा है। इस शेयर ने बीएसई हेल्थकेयर सूचकांक के मुकाबले कमजोर प्रदर्शन किया है। बीएसई हेल्थकेयर सूचकांक इस दौरान लगभ 5.7 प्रतिशत तक चढ़ा है। इस फार्मा बहुराष्ट्रीय दिग्गज की भारतीय इकाई को फरवरी के शुरू में अपने ऊंचे स्तरों से करीब 20 प्रतिशत बाजार पूंजीकरण गंवाना पड़ा है।

जहां कमजोर दिसंबर तिमाही प्रदर्शन और डाउनग्रेड से सुस्त प्रतिफल को बढ़ावा मिला, वहीं कई ब्रोकरों ने मूल्यांकन चिंताओं के कारण इस शेयर पर तटस्थ रुख अपनाया है।हालांकि कंपनी की फार्मा प्रतिस्प​​र्धियों ने दिसंबर तिमाही में दो अंक की वृद्धि दर्ज की लेकिन जीएसके फार्मा की बिक्री 805 करोड़ रुपये के साथ एक साल पहले की तिमाही के मुकाबले सपाट बनी रही। यह बिक्री ब्रोकरों के जताए 860 करोड़ रुपये के अनुमान से भी कम थी।

प्रमुख ब्रांडों में कीमतों में कटौती और एक्यूट सेगमेंट में मंदी की वजह से राजस्व सपाट बना रहा। एंटीबायोटिक सेफ्टम और ऑइंटमेंट टी-बैक्ट की कीमतें क्रम से 57 प्रतिशत और 30 प्रतिशत तक कम की गई थीं। हालांकि तिमाही आधार पर बिक्री वृद्धि से इसकी कुछ हद तक भरपाई हो गई थी।

कंपनी ने कहा है कि नैशनल लिस्ट ऑफ एसें​शियल मेडिसिंस (एनएलईएम) की वजह से समेकित आधार पर कीमत कटौती का प्रभाव 8 प्रतिशत था। हालांकि सेफ्टम, टी-बैक्ट और सेलपोल जैसे उसके कुछ प्रमुख ब्रांडों ने 7 प्रतिशत की बिक्री वृद्धि दर्ज की, जिससे एनएलईएम की वजह से पड़ने वाले प्रभाव को कम करने में मदद मिली।

टीकों और विटामि, मिनरल, न्यूट्रीएंट्स सेगमेंट ने अच्छा प्रदर्शन किया। मार्च तिमाही के दौरान इन्फनरिक्स हेक्सा (कॉ​म्बिनेशन वैक्सीन) जैसे प्रमुख वैक्सीन ब्रांडों में 12 प्रतिशत तक की तेजी आई, जबकि हैव्रिक्स (हैपेटाइटिस ए वायरस) और बू​​स्ट्रिक्स में क्रम से 24 प्रतिशत और 40 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई।

सिंगल डोज टीके ​शिंग्रिक्स की पेशकश ने भी कुछ लोकप्रियता हासिल की। देश के प्रमुख बिक्री वाले फार्मा ब्रांड ऑगमेंटिन की बिक्री सपाट रही। कंपनी ने संकेत दिया है कि इसकी बिक्री दो अंक में बढ़ रही है।

कंपनी को वित्त वर्ष 2025 की पहली छमाही में एनएलईएम ब्रांडों की बिक्री वृद्धि दमदार रहने का अनुमान है। उसने संकेत दिया है कि वह अपने गैर-एनएलईएम पोर्टफोलियो की कीमतें 60 प्रतिशत तक बढ़ाएगी।

First Published - April 12, 2024 | 10:41 PM IST

संबंधित पोस्ट