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गिरवी शेयर मामले में SAT के आदेश पर सुप्रीम कोर्ट की रोक

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HDFC बैंक, बजाज फाइनैंस, ICICI बैंक और इंडसइंड बैंक जैसे अन्य लेनदारों के पास गिरवी रखे गए शेयर कार्वी के क्लाइंटों को सेबी व एनएसडीएल ने हस्तांतरित कर दिए थे।

Last Updated- January 25, 2024 | 9:42 PM IST
Supreme Court

बाजार नियामक सेबी को अंतरिम राहत देते हुए सर्वोच्च न्यायालय ने प्रतिभूति अपील पंचाट (सैट) के आदेश पर रोक लगा दी जिसमें लेनदारों को कार्वी स्टॉक ब्रोकिंग की तरफ से गिरवी रखे गए शेयरों को छुड़ाने की इजाजत मिली थी।

इसके साथ ही सर्वोच्च न्यायालय ने सेबी की अपील स्वीकार कर ली है। मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति डी वाई चंद्रचूड़ की अगुआई वाले पीठ ने कहा कि इसे सुनवाई के लिए अप्रैल 2024 के दूसरे हफ्ते में रखा जाए।

तब तक प्रतिभूति अपील पंचाट के आदेश पर रोक रहेगी। जहां तक ऐक्सिस बैंक के पास गिरवी रखे गए शेयरों का मामला है, इस संबंध में यथास्थिति का निर्देश है। बैंकों को अंतरिम राहत के लिए इसे सोमवार के लिए सूचीबद्ध किया जाए।

यह मामला सैट के 20 दिसंबर के आदेश से जुड़ा है जहां कई लेनदारों ने अपील की थी जिनके पास डिफॉल्टर कार्वी ने क्लाइंटों की 1,400 करोड़ रुपये की प्रतिभूतियां गिरवी रखी थीं।

एचडीएफसी बैंक, बजाज फाइनैंस, आईसीआईसीआई बैंक और इंडसइंड बैंक जैसे अन्य लेनदारों के पास गिरवी रखे गए शेयर कार्वी के क्लाइंटों को सेबी व एनएसडीएल ने हस्तांतरित कर दिए थे।

ट्रिब्यूनल ने इन प्रतिभूतियों के लिए लेनदारों को चार हफ्ते के भीतर मुआवजे का आदेश दिया था। ऐक्सिस बैंक के पास गिरवी शेयर वैसे ही पड़े रहे और उन्हें भुनाया नहीं गया था। इस​लिए सैट ने ऐक्सिस बैंक को गिरवी शेयर बेचने की इजाजत दी थी।

सेबी ने सैट के 20 दिसंबर के आदेश के खिलाफ सर्वोच्च न्यायालय में 30 दिसंबर को अपील की थी।

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First Published - January 25, 2024 | 9:42 PM IST

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