अमेरिका के भारत पर टैरिफ को घटाकर 18 फीसदी करने की घोषणा के बाद मंगलवार को रुपया 1.38 फीसदी उछल गया। सात वर्षों में रुपये में एक दिन के लिहाज से यह सबसे बड़ी तेजी है। बाजार कारोबारियों ने बताया कि सोमवार की शाम टैरिफ कटौती की घोषणा से बाजार धारणा मजबूत हुई। डॉलर के मुकाबले रुपया दिन के कारोबार में 90.05 के ऊंचे स्तर को छूने के बाद पिछले बंद 91.52 के मुकाबले 90.27 प्रति डॉलर पर बंद हुआ। एशिया में 2025 में और जनवरी में भी सबसे खराब प्रदर्शन करने रुपये ने मंगलवार को सबसे अच्छा प्रदर्शन किया। टैरिफ में कमी से रुपये की दिशा बदलने की उम्मीद है, क्योंकि निकट भविष्य में इसमें बढ़त का रुझान रहेगा।
बाजार के कारोबारियों ने कहा कि भारतीय वस्तुओं पर अमेरिकी टैरिफ में 32 प्रतिशत की कमी बाजारों के अनुमान से कहीं अधिक थी। इससे भारत अब क्षेत्रीय देशों जैसे पाकिस्तान, इंडोनेशिया और थाईलैंड की तुलना में अनुकूल स्थिति में है और यह दर चीन की 34 प्रतिशत के टैरिफ से काफी कम है।
बैंक ऑफ अमेरिका में इंडिया फिक्स्ड इनकम, करेंसी और कमोडिटी ट्रेडिंग के प्रमुख विकास जैन ने कहा, ‘यह तेजी मजबूत धारणा और फंडामेंटल दोनों वजहों से आई है। समझौते के बाद धारणा काफी सकारात्मक है। बाजार को चिंता थी कि समझौता हो भी पाएगा या नहीं। 50 फीसदी से 18 फीसदी तक यह एक बड़ा बदलाव है।’ उन्होंने कहा, ‘बुनियादी तौर पर भारत और हमारे सबसे बड़े व्यापार साझेदार अमेरिका के बीच इस करार की वजह से आगे चलकर निर्यात को बढ़ावा मिलेगा।’
इस बीच, सरकारी बॉन्ड बाजार के कारोबारियों ने कहा कि ट्रेड डील के बाद बॉन्ड बाजार में तेजी काफी हद तक धारणा के कारण आई है, क्योंकि सरकार के उधार लेने के प्रोग्राम में काफी बढ़ोतरी हुई है।