facebookmetapixel
मजबूत फंडामेंटल के साथ शेयर बाजार में बढ़त की उम्मीद, BFSI क्षेत्र सबसे आगे: रमेश मंत्रीअमेरिकी प्रतिबंधों से वेनेजुएला की तेल अर्थव्यवस्था झुलसी, निर्यात पर गहरा असर; भारत का आयात भी घटाबांग्लादेश ने IPL के प्रसारण पर लगाया प्रतिबंध, एक्सपर्ट बोले: इस फैसले से कुछ ज्यादा फर्क नहीं पड़ेगादिल्ली दंगा साजिश केस में उमर खालिद और शरजील इमाम को जमानत देने से सुप्रीम कोर्ट ने किया इनकारGrok विवाद में X को सरकार ने दी 72 घंटे की और मोहलत, महिलाओं व बच्चों की तस्वीरों पर केंद्र सख्तकेंद्रीय बजट से पहले IVCA की मांग: AIF ने प्राइवेट क्रेडिट फंड्स के लिए टैक्स में समानता की मांग कीSMC बिल पर एम. दामोदरन की चेतावनी: सेबी का निवेशकों की सुरक्षा पर फोकस कमजोरविश्व आर्थिक मंच की सलाना बैठक में दावोस जाएंगे भारतीय नेतागण, चौहान और वैष्णव करेंगे अगुआईभारत कोकिंग कोल का आईपीओ शुक्रवार को पेश होगा, ₹1,069 करोड़ जुटाने की तैयारीAI इम्पैक्ट समिट में ग्लोबल साउथ पर फोकस, खुद को AI सर्विस सप्लायर के रूप में पेश करेगा भारत

SEBI का बड़ा कदम: FPIs के लिए आसान होगा रजिस्ट्रेशन, कॉमन KYC और डिजिटल सिग्नेचर से मिलेगी राहत

बोर्ड मीटिंग के बाद सेबी चेयरमैन तुहिन कांत पांडेय और पूर्णकालिक सदस्य अनंत नारायण जी ने संकेत दिया कि नियामक आगे और कदम उठाने पर विचार कर रहा है।

Last Updated- September 15, 2025 | 8:42 PM IST
SEBI

भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (SEBI) विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (FPIs) के लिए रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया को और आसान बनाने की योजना पर काम कर रहा है। इसके तहत एक कॉमन KYC फ्रेमवर्क और इंडिया डिजिटल सिग्नेचर (India Digital Signature) के जरिए सरल डॉक्यूमेंटेशन की सुविधा शामिल होगी।

सेबी ने उठाए कई कदम

पिछले एक साल में मार्केट रेगुलेटर ने FPI ऑनबोर्डिंग को आसान बनाने के लिए कई कदम उठाए हैं। इनमें सिर्फ सरकारी सिक्योरिटीज में निवेश करने वालों को राहत देना, डिस्क्लोजर नियमों में छूट देना और हाल ही में SWAGAT-FI को मंजूरी देना शामिल है। यह एक सिंगल-विंडो फ्रेमवर्क है, जो भरोसेमंद निवेशकों जैसे सरकारी स्वामित्व वाले या उनसे जुड़े फंड्स, पेंशन फंड्स और सॉवरेन वेल्थ फंड्स के लिए बनाया गया है।

बोर्ड मीटिंग के बाद सेबी चेयरमैन तुहिन कांत पांडेय और पूर्णकालिक सदस्य अनंत नारायण जी ने संकेत दिया कि नियामक आगे और कदम उठाने पर विचार कर रहा है।

Also Read: SEBI ने हीरो मोटर्स, केनरा रोबेको समेत छह कंपनियों के IPO को दी मंजूरी, सभी मिलकर जुटाएंगी ₹9 हजार करोड़

इंडिया डिजिटल सिग्नेचर अपनाने की अपील

सेबी ने विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों से इंडिया डिजिटल सिग्नेचर को व्यापक रूप से अपनाने की अपील की है, क्योंकि यह कानूनी दस्तावेजों को अधिकृत करने की प्रक्रिया को सरल बनाता है।

पांडेय ने कहा कि सेबी इंडिया डिजिटल सिग्नेचर को कॉमन एप्लीकेशन फॉर्म (CAF) के साथ इंटीग्रेट करेगा, जो FPI रजिस्ट्रेशन के लिए अनिवार्य है। उन्होंने बताया, “इससे कई दस्तावेजी आवश्यकताएं खत्म हो जाएंगी और अनुपालन की प्रक्रिया आसान हो जाएगी।”

कॉमन KYC सिस्टम लाने पर जोर

इसके अलावा, भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के साथ एक कॉमन KYC सिस्टम लाने पर भी चर्चा चल रही है। नारायण ने बताया, “हाल ही में चेयरमैन ने RBI गवर्नर से मुलाकात की, ताकि KYC प्रक्रिया को और आसान बनाया जा सके। लक्ष्य है कि बैंक और FPI दोनों के लिए एक कॉमन KYC नियम लागू हो। खासकर उन लो-रिस्क कैटेगरी के लिए जहां दोनों पक्षों को सुविधा हो।”

Also Read: इक्विटी फंड्स को झटका: 1 साल में 20 में से 18 कैटेगरी का रिटर्न निगेटिव, टेक फंड्स का सबसे बुरा हाल

SWAGAT-FI के तहत अब पात्र FPI रजिस्ट्रेशन का रिन्यूअल हर 3 साल की बजाय 10 साल में एक बार करना होगा। इन FPIs को 10 साल की अवधि के लिए एकमुश्त KYC फीस 2,500 डॉलर देनी होगी, जो पहले तीन साल के चक्र के अनुसार ली जाती थी। साथ ही, इन्हें गैर-निवासी भारतीयों (NRI) और भारतीय मूल के विदेशी नागरिकों (OCI) पर लागू 50 फीसदी कुल निवेश सीमा से भी छूट दी जाएगी।

First Published - September 15, 2025 | 8:37 PM IST

संबंधित पोस्ट