facebookmetapixel
Gold-Silver Price Crash: चांदी 4 दिन में ₹2 लाख तक टूटी! सोना भी 24% फिसला; आगे क्या फिर चमकेगा?₹400 के पार जाएगा NTPC? तीन ब्रोकरेज ने दी BUY की सलाहडिविडेंड और म्युचुअल फंड इनकम पर ब्याज कटौती खत्म, कैसे बढ़ेगा आपका टैक्स बोझ? ₹1 लाख के कैलकुलेशन से समझेंसरकार की रणनीति समझिए, बजट में छिपा है बड़ा संदेशक्या प्रदूषण से हो रही मौतों को स्वीकार करने से बच रही सरकार? दो सरकारी विभागों में ही इसपर बड़ा विरोधाभासBank Stocks: SBI, BOB, Indian Bank क्यों टूटे? 2 दिन में 8% की बड़ी गिरावटUnion Budget 2026 Decoded: निरंतरता या बदलाव?‘सोना-चांदी-बिटकॉइन की गिरती कीमतें एक बड़ा मौका’, रॉबर्ट कियोसाकी ने निवेशकों से ऐसा क्यों कहा?2.78 लाख बुकिंग, 1.75 लाख ऑर्डर पेंडिंग; मजबूत मांग के बीच दाम बढ़ाने की तैयारी में मारुतिजनवरी में मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में हल्की रिकवरी, नए ऑर्डर में तेजी से PMI सुधरकर 55.4 पर

सरकारी बीमा कंपनियों के शेयरों में तेजी, निवेशकों का विश्वास बढ़ा

सरकारी बीमा कंपनियों के शेयरों में अपर सर्किट, निवेशकों ने की जमकर खरीदारी

Last Updated- November 24, 2023 | 10:05 PM IST
Jio Financial Services

शुक्रवार को सरकार के स्वामित्व वाली बीमा कंपनियों के शेयरों में कई वजहों से तेजी दर्ज की गई। सामान्य बीमा कंपनी न्यू इंडिया एश्योरेंस के शेयर में अपर सर्किट लगा, भारतीय जीवन बीमा निगम (एलआईसी) में 10 प्रतिशत तक तेजी आई। सरकार-संचालित पुनर्बीमा कंपनी जनरल इंश्योरेंस कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (जीआईसी) का शेयर 16.7 प्रतिशत चढ़कर बंद हुआ।

विश्लेषकों के अनुसार, शेयर भाव में तेजी के कई कारण थे। इनमें लो फ्लोट और आरबीआई द्वारा असुरक्षित ऋणों पर जोखिम भार बढ़ाने के बाद उधारी शेयरों में रोटेशन मुख्य रूप से शामिल हैं।

एचडीएफसी सिक्योरिटीज में रिटेल रिसर्च के प्रमुख दीपक जसानी ने कहा, ‘एनआईए, एलआईसी और जीआईसी आरई समेत कई बीमा शेयरों ने कम फ्लोट और उधारी शेयरों के आंशिक रोटेशन की वजह से पिछले कुछ दिनों में अच्छी तेजी आई है। ये शेयर कुछ समय पहले तक अपने निजी प्रतिस्पर्धियों के मुकाबले आकर्षक मूल्यांकन पर उपलब्ध थे।’

लो-फ्लोट शेयर ऐसी कंपनियों से जुड़े होते हैं जो सार्वजनिक ट्रेडिंग के लिए अपेक्षाकृत कम संख्या में उपलब्ध होते हैं। लेकिन इसका मतलब यह भी नहीं है कि ऐसी कंपनी के पास बहुत कम शेयर हों।

अल्फानीति फिनटेक के सह-संस्थापक यूआर भट ने कहा, ‘पीएसयू बीमा कंपनियों का मूल्यांकन कमजोर बना हुआ था और कुछ तो अपने निर्गम भाव से नीचे कारोबार कर रही थीं। इसलिए इस क्षेत्र में कुछ खरीदारी दिलचस्पी दिखी है। निजी बीमा कंपनियां अच्छा प्रदर्शन कर रही हैं और चूंकि वे समान क्षेत्र में परिचालन करती हैं तथा सस्ते मूल्यांकन पर उपलब्ध हैं इसलिए इनके खरीदार मौजूद हैं।’

हाल में, आरबीआई ने असुरक्षित ऋणों – व्यक्तिगत ऋण और क्रेडिट कार्ड ऋण के लिए जोखिम भारांक 100 प्रतिशत से बढ़ाकर 125 प्रतिशत कर दिया है। ऊंची रेटिंग वाली एनबीएफसी के लिए भी बैंक ऋणों पर जोखिम भारांक 25 आधार अंक तक बढ़ाया गया है।

एसबीआई सिक्योरिटीज में फंडामेंटल रिसर्च डेस्क के प्रमुख सनी अग्रवाल ने कहा, ‘मूल्यांकन के संदर्भ में, एलआईसी इस क्षेत्र में सबसे सस्ती बीमा कंपनियों में से एक है, क्योंकि वह निजी क्षेत्र की जीवन बीमा कंपनियों के 2-4गुना के पी/ईवी के मुकाबले 1 गुना पी/ईवी पर कारोबार कर रही है।’

एलआईसी के शेयर में तेजी की एक वजह कंपनी के चेयरमैन सिद्धार्थ मोहंती का वह बयान है जिसमें उन्होंने कहा कि जीवन बीमा निगम ने पिछले साल के मुकाबले दो अंक की वृद्धि का अनुमान जताया है और नई आकर्षक योजनाएं पेश करने की तैयारी की है।

मेहता इक्विटी में वरिष्ठ उपध्यक्ष (शोध) प्रशांत तापसे ने कहा, ‘सुस्त बाजार के बावजूद पीएसयू बीमा कंपनियों के शेयरों एलआईसी, जीआईसी और न्यू इंडिया एश्योरेंस लंबी अवधि के बाद बड़ी तेजी दर्ज कर रहे हैं।’

‘इन शेयरों में मुख्य तौर पर उन खबरों की मदद से तेजी आई है, जिनमें कहा गया कि उद्योग का विकास परिदृश्य ‘स्थिर’ से ‘सकारात्मक’ हो गया है। एलआईसी ने पिछले साल के मुकाबले दो अंक की वृद्धि का भी अनुमान जताया है। एएम बेस्ट द्वारा मौजूदा रेटिंग की पुष्टि किए जाने और कंपनी को नैशनल स्केल रेटिंग (एनएसआर) दिए जाने के बाद जीआईसी के शेयर में भी तेजी आई है।’

First Published - November 24, 2023 | 10:05 PM IST

संबंधित पोस्ट