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बढ़ते करोड़पतियों, वित्तीयकरण से वेल्थ मैनेजमेंट में आ रही तेजी; BFSI समिट में बोले उद्योग विशेषज्ञ

राहुल जैन ने कहा कि पिछले एक दशक के दौरान भारत के अमीर लोगों ने धीरे-धीरे रियल एस्टेट और सोने जैसी पारंपरिक संपत्तियों से वित्तीय निवेशों की ओर रुख किया है।

Last Updated- October 30, 2025 | 11:17 PM IST

बिज़नेस स्टैंडर्ड बीएफएसआई समिट 2025 में शीर्ष अधिकारियों ने कहा कि देश का वेल्थ मैनेजमेंट उद्यम अहम दौर में प्रवेश कर रहा है, क्योंकि अधिक अमीर (एचएनआई) और अत्यधिक अमीर लोगों की बढ़ती संख्या परिष्कृत वित्तीय सलाह और नवीन निवेश योजनाओं की मांग को बढ़ा रही है।

साल 2021 से भारत में करोड़पति परिवारों की संख्या लगभग दोगुनी हो चुकी है और इस वृद्धि में छोटे शहरों और कस्बों का भी खास योगदान है। आर्थिक विस्तार और वित्तीयकरण की ओर झुकाव से प्रेरित यह उछाल वेल्थ मैनेजमेंट के परिदृश्य को बदल रहा है, जिससे सेवाएं अधिक सुलभ तथा तकनीक पर आधारित हो रही हैं। बिज़नेस स्टैंडर्ड के समी मोडक द्वारा संचालित चर्चा के दौरान इसमें शामिल ज्यादातर विशेषज्ञों ने यह बात दोहराई।

हुरुन इंडिया के संस्थापक और मुख्य शोधकर्ता, अनस रहमान जुनैद ने कहा, ‘संपत्ति सृजन के नजरिये से भारत अब बहुत तेजी से आगे बढ़ रहा है।’ उन्होंने कहा कि पिछले चार वर्षों के दौरान भारत की जीडीपी में एक लाख करोड़ डॉलर तक की बढ़ोतरी हुई है और साल 2030 तक इसमें और 2 लाख करोड़ डॉलर की बढ़ोतरी होने की उम्मीद है, जिससे देश का एचएनआई और यूएचएनआई आधार दोगुना हो सकता है।

एएसके प्राइवेट वेल्थ के प्रबंध निदेशक राजेश सलूजा ने कहा कि भारत में अब भी विकास की काफी गुंजाइश है। उन्होंने कहा, ‘भारत में अब अमेरिका के 11,000 की तुलना में लगभग 1,600 डॉलर अरबपति हैं। जहां अमेरिका में लगभग 34 लाख डॉलर करोड़पति हैं, वहीं भारत में 6,00,000 से भी कम हैं। हमारे पास आगे बढ़ने के लिए बहुत बड़ा रास्ता है।’ उन्होंने कहा कि एचएनआई और यूएचएनआई की संख्या सालाना लगभग 8 से 9 प्रतिशत की दर से बढ़ रही है।

नुवामा वेल्थ के अध्यक्ष और प्रमुख राहुल जैन ने कहा कि पिछले एक दशक के दौरान भारत के अमीर लोगों ने धीरे-धीरे रियल एस्टेट और सोने जैसी पारंपरिक संपत्तियों से वित्तीय निवेशों की ओर रुख किया है।

उन्होंने कहा, ‘युवा निवेशकों ने इक्विटी और म्युचुअल फंड में शुरुआती कदम बढ़ाया। हाल के वर्षों में पुरानी पीढ़ी के लोगों ने भी अपने पोर्टफोलियो में विविधता लाने के लिए – आम तौर पर रियल एस्टेट वाली संपत्तियों को बेचकर, व्यावसायिक वेल्थ मैनेजमेंट की ओर रुख किया है।’

सलूजा के अनुसार, बाजार के कई चक्र का अनुभव रखने वाले अनुभवी निवेशक अस्थिरता के बीच अनुशासन बनाए हुए हैं। उन्होंने कहा, ‘हालांकि इक्विटी मुख्य होल्डिंग बनी हुई है, लेकिन निवेशक बाजार की मजबूती के समय निश्चित आय, सोने और चांदी से प्रतिफल तलाश रहे हैं।’

निवेश अब प्राइवेट क्रेडिट, रियल एस्टेट इन्वेस्टमेंट ट्रस्ट (रीट), इन्फ्रास्ट्रक्चर इन्वेस्टमेंट ट्रस्ट (इनविट), और प्री-आईपीओ प्राइवेट इक्विटी जैसे विकल्पों में भी विभक्त हो रहा है। तकनीक परिष्कृत साधनों तक पहुंच को बढ़ाने में मुख्य भूमिका निभा रही है।

आयोनिक वेल्थ के सह-संस्थापक और मुख्य कार्य अधिकारी श्रीकांत सुब्रमण्यम ने कहा, ‘हमारा लक्ष्य है कि निवेश के जो मौके कभी केवल अत्यधिक अमीर लोगों तक ही सीमित थे, उन्हें तकनीक, विनियमन और फ्रैक्शनाइजेशन, जिसमें टोकनाइज्ड या ब्लॉकचेन आधारित ढांचा शामिल हैं, के जरिये अधिक लोगों तक पहुंचाया जाए।’

चर्चा में शामिल विशेषज्ञों ने यह भी कहा कि वेल्थ मैनेजमेंट के हृदय में इंसानी रिश्ते ही रहते हैं। सलूजा ने कहा, ‘एचएनआई और यूएचएनआई अब भी व्यक्गितगत रूप से सलाह पसंद करते हैं। तकनीक को उस स्पर्श को बढ़ाना चाहिए, न कि उसका स्थान लेना चाहिए।’

First Published - October 30, 2025 | 11:11 PM IST

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