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आईपीओ की बहार से बैंकिंग व्यवस्था पर दबाव

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Last Updated- December 12, 2022 | 2:01 AM IST

शुक्रवार को बंद हुए चार आरंभिक सार्वजनिक पेशकश (आईपीओ) के लिए 1.7 लाख करोड़ रुपये की पूंजी हासिल हुई और इनके लिए 1 करोड़ से ज्यादा रिटेल आवेदन मिले। इससे बैंकिंग व्यवस्था पर काफी दबाव पड़ गया था। उद्योग के जानकारों के अनुसार, कई बैंकों को एक ही बार में बड़ी तादाद में आवेदन की प्रक्रिया पूरी करने में कठिनाई का सामना करना पड़ा, जिससे विफलता दर को बढ़ावा मिला और ओटीपी मैसेजों में भी विलंब दर्ज किया गया। स्टॉक एक्सचेंजों और ब्रोकरों जैसे अन्य बाजार बिचौलियों पर दबाव काफी बढ़ गया था जिससे आवेदन का समय शाम 8 बजे तक बढ़ाया गया था।
वर्ष 2007 से पहली बार, चार आईपीओ को एक ही दिन पेश किया गया था, जिनमें देवयानी इंटरनैशनल, एक्सारो टाइल्स, विंडलैस बायोटेक, और कृष्णा डायग्नोस्टिक शामिल थो।

आईपीओ के लिए मौजूदा उत्साह को देखते हुए, छोटे निवेशकों ने इन सभी आईपीओ पर ध्यान बनाए रखा। शाम 6 बजे तक चारों निर्गमों के रिटेल हिस्से को 24 गुना और 40 गुना के बीच अभिदान मिला था। कुल मिलाकर, केएफसी और पिज्जा हट फ्रैंचाइजी देवयानी इंटरनैशनल के लिए अभिदान 22 गुना और 117 गुना के बीच था। रिटेल निवेशक वे व्यक्तिगत निवेशक हैं, जो किसी आईपीओ में 2 लाख रुपये तक निवेश करते हैं। निवेश बैंकरों का कहना है कि चार निर्गमों के लिए कुल रिटेल आवेदन 17,000 करोड़ रुपये की वैल्यू से ज्यादा के थे।
इन आईपीओ में से एक की शेयर बिक्री का प्रबंधन करने वाले निवेश बैंकर ने कहा, ‘किसी एक दिन में छोटे निवेशकों से मिलने वाली यह रिकॉर्ड राशि है। ऐसे में आप ऊंची संख्या में विफलता या आवेदनों के खारिज होने की आशंका से इनकार नहीं कर सकते।’ अक्सर, किसी आईपीओ में यूनिफाइड पेमेंट इंटरफेस (यूपीआई) रूट के जरिये मिलने वाले कुल आवेदनों का 30 प्रतिशत रद्द हो जाता है, क्योंकि बैंक इन्हें प्रोसेस करने में सक्षम नहीं होते और साथ ही आवेदनकर्ता की ओर से भी समस्याएं होती हैं, जैसे एक ही निर्गम के लिए कई प्रविष्टियां, नाम और पैन नंबर में असमानता आदि।

उद्योग के कारोबारियों का कहना है कि अमीर निवेशकों यानी एचएनआई से भारी मांग से गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों (एनबीएफसी) के लिए उधारी दरें बढ़ गईं। उद्योग के एक अधिकारी ने कहा, ‘एचएनआई को वित्तीय मदद प्रदान करने वालीं एनबीएफसी को इतनी ज्यादा मांग की उम्मीद नहीं थी। इससे तरलता संकट को बढ़ावा मिला और वाणिज्यिक पत्रों पर उधारी दरों में करीब 200 आधार अंक तक का इजाफा हो गया।’
देवयानी इंटरनैशनल के आईपीओ को एचएनआई श्रेणी में 200 गुना से ज्यादा, जबकि कृष्णा डायग्नोस्टिक को 116 गुना का अभिदान मिला था।

विश्लेषकों का कहना है कि ताजा आईपीओ द्वारा सूचीबद्घता पर बढ़त ने छोटे निवेशकों का उत्साह बढ़ा दिया था। इन चारों कंपनियों के अलावा ग्लेनमार्क लाइफ की सूचीबद्घता को भी शानदार प्रतिक्रिया मिली। इस शेयर में पहले दिन 65 प्रतिशत और 113 प्रतिशत के बीच तेजी दर्ज की गई। 
निवेश बैंकर न्यूवोको विस्टास कॉरपोरेशन के आईपीओ के साथ अन्य व्यस्त सप्ताह के लिए तैयारी कर रहे हैं और इसके अलावा एप्टस वैल्यू हाउसिंग फाइनैंस इंडिया, केमप्लास्ट सन्मार, और कारट्रेड टेक भी बाजार में सूचीबद्घता को तैयार हैं।

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First Published - August 9, 2021 | 1:26 AM IST

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