म्युचुअल फंडों (एमएफ) में नए निवेशकों के जुड़ने की रफ्तार साल 2025 में धीमी पड़ गई। इसकी वजह शेयर बाजार में गिरावट और अस्थिरता बढ़ना रही, जिसने इक्विटी योजनाओं का आकर्षण कम कर दिया। म्युचुअल फंडों में 2025 में (30 नवंबर तक) 58 लाख नए निवेशक जुड़े जो कैलेंडर वर्ष 2024 में जुड़े रिकॉर्ड 1.06 […]
आगे पढ़े
Midcap Funds Outlook for 2026: कई साल तक शानदार रिटर्न देने के बाद 2025 में मिडकैप म्युचुअल फंड्स की रफ्तार धीमी पड़ गई। इस साल अब तक इन फंड्स का रिटर्न करीब 2.5 फीसदी रहा, जिससे वे लार्ज कैप फंड्स से काफी पीछे रह गए। इस कमजोर प्रदर्शन ने निवेशकों के धैर्य की परीक्षा ली […]
आगे पढ़े
भारत का आईपीओ बाजार 2025 में भले ही “तेज” नजर आ रहा हो, लेकिन संस्थागत निवेशकों के रुझानों का विश्लेषण इससे कहीं ज्यादा स्थिर और परिपक्व तस्वीर पेश करता है। संस्थागत भागीदारी में संतुलन, पूंजी के अनुशासित उपयोग और निकासी के बजाय ग्रोथ के लिए फंडिंग की ओर स्पष्ट झुकाव देखने को मिला है। पैंटोमैथ […]
आगे पढ़े
Year Ender 2025: भारतीय म्युचुअल फंड इंडस्ट्री के लिए साल 2025 मिला-जुला रहा। एक तरह जहां बाजार में जारी उतार-चढ़ाव का असर इक्विटी म्युचुअल फंड्स के रिटर्न पर साफ-साफ दिखाई दिया। वहीं, दूसरी तरफ मौद्रिक नीति में ढील और बॉन्ड बाजार में तेजी के चलते डेट म्युचुअल फंड्स में निवेशकों की दिलचस्पी काफी बढ़ी। वहीं, […]
आगे पढ़े
भारतीय परिवारों के लिए रिटायरमेंट पहली बार सबसे बड़ी वित्तीय प्राथमिकता (financial priority) बन गया है। लेकिन इसके बावजूद, रिटायरमेंट की तैयारी में तेज गिरावट आई है। पीजीआईएम इंडिया म्युचुअल फंड की रिटायरमेंट रेडीनेस रिसर्च रिपोर्ट 2025 के तीसरे संस्करण में यह खुलासा हुआ है। रिपोर्ट के अनुसार, 2025 में केवल 37 फीसदी लोगों के […]
आगे पढ़े
Debt Mutual Fund Strategy in 2026: मौद्रिक नीति में ढील और बॉन्ड बाजार में तेजी का दौर अब खत्म हो रहा है। 2026 में डेट म्युचुअल फंड निवेशकों को एक अलग तरह का माहौल देखने को मिलेगा। एक्सपर्ट्स के बीच एक आम सहमति है कि ब्याज दरों में गिरावट से मिलने वाला बड़ा फायदा पहले […]
आगे पढ़े
पोर्टफोलियो में परिसंपत्ति आवंटन की समीक्षा और उसमें फेरबदल या संतुलन की जरूरत की जांच-पड़ताल करने के बाद अगला कदम प्रदर्शन के मूल्यांकन पर जाकर टिकता है। किसी फंड श्रेणी का औसत प्रतिफल (रिटर्न) अक्सर उसमें शामिल फंडों के अलग-अलग रिटर्न में अंतर पर पर्दा डाल देता है। उदाहरण के लिए लार्ज कैप फंड की […]
आगे पढ़े
म्युचुअल फंड योजनाओं के तहत सिस्टमैटिक इन्वेस्टमेंट प्लान (एसआईपी) में निवेश साल 2025 में 3 लाख करोड़ रुपये के पार पहुंच गया जो किसी कैलेंडर वर्ष में पहली बार हुआ है। इससे पता चलता है कि शेयर बाजार में उथल-पुथल के बीच निवेशकों ने चरणबद्ध तरीके से निवेश के इस विकल्प पर अधिक भरोसा जताया। […]
आगे पढ़े
इस साल निवेशकों की पहली पसंद बनकर उभरे फ्लेक्सीकैप फंड 2025 में सबसे पसंदीदा इक्विटी म्युचुअल फंड (एमएफ) श्रेणी के रूप में उभरे हैं। वे निवेश की आवक के चार्ट पर सबसे ऊपर हैं और परिसंपत्तियों के हिसाब से सबसे बड़ा इक्विटी सेगमेंट बन गए हैं। उन्होंने सेक्टोरल और थीमैटिक फंडों को पीछे छोड़ दिया […]
आगे पढ़े
ETF Top Picks: भारत में एक्सचेंज ट्रेडेड फंड (ETF) में निवेश का चलन काफी तेजी से बढ़ा है। अक्टूबर 2025 तक भारत के ETF सेक्टर का कुल एसेट अंडर मैनजमेंट (AUM) 10 लाख करोड़ रुपये के पार पहुंच गया है। यदि आप निवेश के लिए मजबूत और भरोसेमंद ETFs की तलाश में हैं, तो यह […]
आगे पढ़े