इस साल निवेशकों की पहली पसंद बनकर उभरे फ्लेक्सीकैप फंड 2025 में सबसे पसंदीदा इक्विटी म्युचुअल फंड (एमएफ) श्रेणी के रूप में उभरे हैं। वे निवेश की आवक के चार्ट पर सबसे ऊपर हैं और परिसंपत्तियों के हिसाब से सबसे बड़ा इक्विटी सेगमेंट बन गए हैं। उन्होंने सेक्टोरल और थीमैटिक फंडों को पीछे छोड़ दिया है।
एसोसिएशन ऑफ म्युचुअल फंड्स इन इंडिया (एम्फी) के आंकड़ों से पता चलता है कि फ्लेक्सीकैप फंडों ने 2025 में अब तक (नवंबर तक) 70,960 करोड़ रुपये का शुद्ध पूंजी निवेश आकर्षित किया है। यह सभी इक्विटी फंड श्रेणियों में सबसे अधिक है। यह स्मॉलकैप फंडों से काफी अधिक है, जिन्होंने 48,497 करोड़ रुपये का निवेश हासिल किया जबकि मिडकैप फंडों ने 45,763 करोड़ रुपये प्राप्त किए। इस दौरान लार्ज ऐंड मिडकैप श्रेणी के फंडों ने 38,083 करोड़ रुपये आकर्षित किए तो सेक्टोरल और थीमैटिक फंडों ने 37,199 करोड़ रुपये का शुद्ध निवेश खींचा।
निवेश का मजबूत रुझान अस्थिर और असमान बाजार हालात के बीच निवेशकों की पसंद वाली श्रेणियों का दर्शाता है। फ्लेक्सीकैप फंड मुख्य रूप से फंड प्रबंधकों को बिना किसी नियामकीय आवंटन सीमा के लार्जकैप, मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में निवेश की अनुमति देते हैं, जिससे वे मुख्य इक्विटी होल्डिंग के रूप में उपयुक्त होते हैं।
अधिकांश योजनाएं व्यापक बाजार बेंचमार्क के साथ जुड़े रहने के लिए लार्जकैप में ज्यादा निवेश करती हैं, जबकि अन्य क्षेत्रों में अवसरों का इस्तेमाल करने की उनकी क्षमता बरकरार रखती है। लगातार निवेश प्रवाह ने फ्लेक्सीकैप फंडों को संपत्ति के मामले में तेजी से बढ़ने में भी मदद की है। श्रेणी में प्रबंधन अधीन परिसंपत्तियां (एयूएम) वर्ष की शुरुआत में 4.38 लाख करोड़ रुपये थीं जो नवंबर के अंत तक बढ़कर 5.45 लाख करोड़ रुपये हो गई हैं। इसके साथ ही, फ्लेक्सीकैप फंड सेक्टोरल और थीमैटिक योजनाओं को पीछे छोड़ते हुए सबसे बड़ी इक्विटी फंड श्रेणी बन गए हैं।