facebookmetapixel
मजबूत फंडामेंटल के साथ शेयर बाजार में बढ़त की उम्मीद, BFSI क्षेत्र सबसे आगे: रमेश मंत्रीअमेरिकी प्रतिबंधों से वेनेजुएला की तेल अर्थव्यवस्था झुलसी, निर्यात पर गहरा असर; भारत का आयात भी घटाबांग्लादेश ने IPL के प्रसारण पर लगाया प्रतिबंध, एक्सपर्ट बोले: इस फैसले से कुछ ज्यादा फर्क नहीं पड़ेगादिल्ली दंगा साजिश केस में उमर खालिद और शरजील इमाम को जमानत देने से सुप्रीम कोर्ट ने किया इनकारGrok विवाद में X को सरकार ने दी 72 घंटे की और मोहलत, महिलाओं व बच्चों की तस्वीरों पर केंद्र सख्तकेंद्रीय बजट से पहले IVCA की मांग: AIF ने प्राइवेट क्रेडिट फंड्स के लिए टैक्स में समानता की मांग कीSMC बिल पर एम. दामोदरन की चेतावनी: सेबी का निवेशकों की सुरक्षा पर फोकस कमजोरविश्व आर्थिक मंच की सलाना बैठक में दावोस जाएंगे भारतीय नेतागण, चौहान और वैष्णव करेंगे अगुआईभारत कोकिंग कोल का आईपीओ शुक्रवार को पेश होगा, ₹1,069 करोड़ जुटाने की तैयारीAI इम्पैक्ट समिट में ग्लोबल साउथ पर फोकस, खुद को AI सर्विस सप्लायर के रूप में पेश करेगा भारत

पिछले आठ वर्षों में मेडिकल कॉलेजों में सीटें बढ़ीं, आधारभूत ढांचा बेहतर हुआ: मनसुख मांडविया

Last Updated- December 09, 2022 | 3:42 PM IST
Medical Seat

स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री मनसुख मांडविया ने शुक्रवार को बताया कि देश में 2014 की तुलना में मेडिकल कॉलेजों में एमबीबीएस सीटों की संख्या में अभी दोगुनी से अधिक वृद्धि दर्ज की गई है और स्नातकोत्तर सीटों की संख्या 105 प्रतिशत बढ़ी है।

लोकसभा में गणेश सिंह के पूरक प्रश्न के उत्तर में मांडविया ने कहा कि सरकार देश में गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा सुविधा एवं शिक्षा प्रदान करने के लिये प्रतिबद्धता से काम कर रही है जिसमें मेडिकल कॉलेजों की स्थापना, सीटों की संख्या में वृद्धि और आधारभूत ढांचे एवं सुविधाओं के बेहतर बनाना शामिल है।

उन्होंने बताया कि हमारा प्रयास है कि देश में ऐसी मेडिकल शिक्षा मिल सके ताकि युवाओं को एमबीबीएस करने के लिये विदेशों में नहीं जाना पड़े। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री ने कहा कि इन प्रयासों के तहत ही वर्ष 2014 की तुलना में आज मेडिकल कॉलेजों में एमबीबीएस सीटों की संख्या में दोगुनी वृद्धि दर्ज की गई है। वर्ष 2014 में 44 हजार एमबीबीएस सीटें थीं जो अब बढ़कर 96 हजार हो गई हैं जबकि स्नातकोत्तर सीटों की संख्या 32 हजार से बढ़कर अभी 64 हजार हो गई है।

उन्होंने बताया कि जिला/रेफरल अस्पतालों को उन्नत करते हुए नये मेडिकल कॉलेज स्थापित करने के लिये केंद्रीय प्रायोजित योजना के तहत 157 नए मेडिकल कॉलेज स्वीकृत किये गए जिनमें से 94 पहले से ही चालू हैं। मांडविया ने बताया कि एमबीबीएस और पीजी सीटों की संख्या में वृद्धि करके मौजूदा राज्य सरकारी/केंद्रीय सरकारी मेडिकल कॉलेजों को सुदृढ़ करने की योजना है।

केंद्रीय मंत्री ने बताया कि अत्याधुनिक ब्लॉकों का निर्माण करके सरकारी मेडिकल कॉलेजों के उन्नयन के लिये केंद्रीय क्षेत्र योजना के तहत कुल 75 परियोजनाएं अनुमोदित की गई हैं। उन्होंने बताया कि नए अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) की स्थापना संबंधी केंद्रीय क्षेत्र योजना के तहत 22 एम्स का अनुमोदन किया गया है। इनमें से 19 में स्नातक पाठ्यक्रम शुरू किये गए हैं। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री ने कहा कि इसके अलावा शिक्षक, कर्मचारियों, विस्तरों की संख्या एवं अन्य आधारभूत ढांचे की आवश्यकता के संबंध में मेडिकल कॉलेजों की स्थापना हेतु मानदंडों में छूट देने जैसी पहल की गई हैं।

First Published - December 9, 2022 | 3:42 PM IST

संबंधित पोस्ट