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ब्रिटेन के यात्री 10 दिन क्वारंटीन

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Last Updated- December 12, 2022 | 12:36 AM IST

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने ब्रिटेन से आने वाले सभी यात्रियों के लिए दस दिन के क्वारंटीन के नियम की शुरुआत की है और राज्यों से उस अवधि के दौरान उनकी सख्ती से निगरानी करने को कहा है। भारत की तरफ  से जारी किए गए दिशानिर्देश 4 अक्टूबर से प्रभावी होंगे। वहीं दूसरी तरफ  ब्रिटेन सरकार ने अपने नए यात्रा नियमों के तहत दो टीके लगवा चुके भारतीयों को भी अब तक टीका न लगने वाली श्रेणी में ही रखा है।
पूरी तरह से टीका लगाए गए भारतीयों को अपने नए यात्रा नियमों के एक हिस्से के रूप में गैर-टीकाकरण के रूप में मानने के निर्णय के बाद ब्रिटेन सरकार के उन संशोधित दिशानिर्देशों को आज जारी किया गया था। नए दिशानिर्देश 4 अक्टूबर से लागू हो गए हैं।
पहले के स्वास्थ्य मंत्रालय के दिशानिर्देशों के अनुसार ब्रिटेन से आने वाले यात्रियों को सात दिन तक घर में क्वारंटीन (दिल्ली और मुंबई के हवाईअड्डों की वेबसाइट के अनुसार 14 दिन का क्वारंटीन अनिवार्य था) होना पड़ता था। जांच निगेटिव होने के बाद ही यात्रियों को क्वारंटीन से मुक्ति मिलती थी और उन्हें अगले सात दिन तक भी अपने स्वास्थ्य की निगरानी करनी पड़ती थी। लेकिन इन नियमों को अब सभी यात्रियों के लिए 10 दिन के होम क्वारंटीन में बदल दिया गया है, भले ही उनके टीकाकरण की स्थिति कुछ भी हो। साथ ही अब नियमों पर अमल करने के लिए निगरानी तेज की जा रही है।
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के संयुक्त सचिव लव अग्रवाल ने नागरिक उड्डयन सचिव राजीव बंसल को लिखे पत्र में कहा, ‘क्वारंटीन किए जाने वाले सभी यात्रियों की नियमित रूप से राज्य/जिला अधिकारियों द्वारा निगरानी की जाएगी। आप्रवासन ब्यूरो, ब्रिटेन से आने वाले विमानों में मौजूद विभिन्न राज्यों के यात्रियों की सूचना फॉलोअप के लिए संबंधित राज्य सरकार/एकीकृत रोग निगरानी कार्यक्रम को दी जाएगी।’
अग्रवाल ने लिखा कि ब्रिटेन में कोविड-19 मामलों के तेजी आने और कोरोनावायरस के चार स्ट्रेन की मौजूदगी को देखते हुए दिशानिर्देशों में संशोधन किया गया है। पहले की तरह ही ब्रिटेन से आने वाले यात्रियों को प्रस्थान से 72 घंटे पहले की आरटी-पीसीआर जांच रिपोर्ट देनी होगी और भारत आने पर उसी दिन अपने खर्च पर जांच करानी होगी।
ब्रिटिश उच्चायोग ने भारत सरकार के फैसले पर तुरंत प्रतिक्रिया नहीं दी, लेकिन इसने पिछले हफ्ते कहा था कि वह भारत के साथ कोविड-19 के प्रमाण पत्र से जुड़ी तकनीकी चर्चा में शामिल था। इसने कहा कि किसी भी पक्ष को एक-दूसरे की प्रमाणन प्रक्रिया की तकनीक से जुड़ी चिंता नहीं थी।
पिछले महीने ब्रिटेन ने कुछ देशों के टीका करा चुके यात्रियों के लिए होम क्वारंटीन की अनिवार्यता को खत्म करते हुए एक नई प्रणाली की शुरुआत की। यह लाभ एशिया और कैरिबियाई देशों सहित अतिरिक्त 17 देशों को दिया गया है। हालांकि भारत को इस सूची में शामिल नहीं किया गया है और भारत के यात्रियों (कोविशील्ड के टीके लगाने वालों को भी) को मौजूदा मानदंडों के अनुसार ब्रिटेन पहुंचने पर 10 दिन के लिए खुद को क्वारंटीन रखना होगा। इससे नेताओं और आम जनता में आक्रोश फैल गया और सरकार को ब्रिटेन सरकार के सामने इस मुद्दे को उठाने के लिए मजबूर होना पड़ा। इस विरोध के बाद ब्रिटेन सरकार ने कोविशील्ड टीके को मान्यता दे दी है लेकिन इसने अभी तक भारतीय टीकाकरण प्रमाणपत्र को मंजूरी नहीं दी है।

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First Published - October 1, 2021 | 11:21 PM IST

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