facebookmetapixel
Advertisement
फ्लैट खरीदने के बाद पुराने मेंटेनेंस बकाया का आ गया बिल? जानिए क्या कहता है कानून और क्या करें नए खरीदार360% का मोटा डिविडेंड! IT सेक्टर की दिग्गज कंपनी का निवेशकों को तोहफा, रिकॉर्ड डेट फिक्सक्या ईरान पर सबसे बड़े हमले की तैयारी में अमेरिका? ट्रंप बोले: हम ‘लॉक्ड एंड लोडेड’, पर बातचीत भी जारी‘उदारीकण के बाद अहसास हुआ कि हमें इनोवेशन करना होगा, न कि दिल्ली में इंतजार’, नारायण मूर्ति ने बयां की 1991 से पहले की दुश्वारियां1991 से अब तक का सफर: अविश्वास से निकलकर भरोसे पर आधारित आर्थिक नीति बनाने की जरूरत‘बंगाल को मिली तबाही और निराशा की विरासत’, बोले स्वप्न दासगुप्ता: निवेश लाने के लिए करेंगे अतिरिक्त प्रयासऑरिफ्लेम बेचेगी भारत में अपना विनिर्माण कारोबार, अकुम्स ड्रग्स की सहायक कंपनी प्योर एंड क्योर से हुआ समझौता₹9,200 करोड़ के IPO से कर्जमुक्त होगी मणिपाल हेल्थ, उत्तर भारत में विस्तार पर कंपनी का जोर: दिलीप जोसजून में लगातार दूसरे महीने क्रेडिट कार्ड खर्च ₹2 लाख करोड़ पार, HDFC Bank और SBI का दिखा दबदबाICICI Bank ने डॉलर बॉन्ड से जुटाए $1 अरब, 2017 के बाद पहला सबसे बड़ा सार्वजनिक बॉन्ड इश्यू

तालिबान को 31 तक का है इंतजार

Advertisement
Last Updated- December 12, 2022 | 1:42 AM IST

तालिबान के साथ वार्ता की जानकारी रखने वाले एक अफगान अधिकारी ने कहा कि देश में आगामी सरकार के बारे में 31 अगस्त तक कोई भी निर्णय या घोषणा करने की कोई योजना नहीं है। यह तारीख अमेरिका के सैनिकों की वापसी की प्रक्रिया पूर्ण होने की है। अधिकारी ने कहा कि तालिबान के मुख्य वार्ताकार अनस हक्कानी ने अपनी पूर्व सरकार के वार्ताकारों से कहा है कि समूह का अमेरिका के साथ समझौता है कि अंतिम वापसी प्रक्रिया की तारीख तक कुछ नहीं करना है। उसने यह नहीं बताया कि कुछ नहीं करने का संदर्भ केवल राजनीतिक क्षेत्र के लिए है।
हक्कानी के बयान से यह चिंता उभरती है कि समूह 31 अगस्त के बाद के लिए क्या योजना बना रहा है और क्या वे अगली सरकार में गैर तालिबानी अधिकारियों को शामिल करने के वादे को पूरा करेंगे। तालिबान ने अभी तक यह नहीं बताया है कि अफगान राष्ट्रीय सुरक्षा बलों को बदलने की उनकी योजना है या नहीं। शुक्रवार को राजधानी में अफगान नागरिकों का जीवन सामान्य होता दिखा। हालांकि काबुल की सामान्य तौर पर भीड़भाड़ वाली सड़कें खाली दिखीं। लोग जुम्मे के नमाज की तैयारी कर रहे थे लेकिन तालिबान ने लोगों पर कोई पाबंदी नहीं लगाई है। 
मांगा जवाब

अमेरिका में रिपब्लिकन पार्टी के 24 से अधिक सीनेटरों ने अफगानिस्तान में अमेरिकी सेना के अरबों डॉलर के संवेदनशील सैन्य उपकरण तालिबान के हाथ लगने को लेकर जो बाइडन प्रशासन से जवाब मांगा। उन्होंने इस बात की संभावना को लेकर भी आगाह किया कि तालिबान इन उपकरणों का इस्तेमाल करने के लिए रूस, पाकिस्तान, ईरान और चीन जैसे देशों से मदद ले सकता है।
अमेरिका को काबुल हवाईअड्डे से अमेरिकी और अफगान नागरिकों की निकासी की प्रक्रिया तेज करने में संघर्ष करना पड़ा। इस दौरान उसने सशस्त्र तालिबानी चौकियों से लेकर कागजी कामकाज जैसी समस्याओं का सामना किया।

इस बीच जर्मनी ने कहा है कि उसने इस हफ्ते काबुल से 1,600 से अधिक लोगों को वापस बुलाया है। वहीं दूसरी तरफ पाकिस्तान सरकार द्वारा संचालित एयरलाइन ने अफगानिस्तान में फंसे पाकिस्तानी और विदेशी नागरिकों को निकालने के लिए काबुल के लिए विशेष उड़ानों का संचालन फिर से शुरू कर दिया है। 
जयशंकर-ब्लिंकन चर्चा
अमेरिका के विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन और भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर ने इस हफ्ते में दूसरी बार अफगानिस्तान में स्थिति पर गुरुवार को चर्चा की और वे इस मामले पर करीबी समन्वय जारी रखने पर सहमत हुए। तालिबान ने अफगानिस्तान की सत्ता पर रविवार को कब्जा जमा लिया था। 20 साल तक चले युद्ध के बाद अमेरिकी सेना के वापस जाने पर हुई तालिबान की इस जीत ने काबुल हवाईअड्डïे पर अफरातफरी का माहौल पैदा कर दिया जहां से अमेरिका और अन्य सहयोगी देश अपने हजारों नागरिकों और सहयोगियों को वहां से सुरक्षित बाहर निकलने की कोशिश में हैं।

Advertisement
First Published - August 21, 2021 | 10:16 AM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement