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SAIL ने रूस से पहली छमाही में छह लाख टन कोकिंग कोयला मंगायाः चेयरमैन

रूस से आठ खेप में कोकिंग कोयला मंगाया गया है जिनमें से हर खेप 75,000 टन की थी।

Last Updated- September 28, 2023 | 8:16 PM IST
Coal production and supply at record level, big step towards self-reliant India कोयला उत्पादन और सप्लाई रिकॉर्ड स्तर पर, आत्मनिर्भर भारत की ओर बड़ा कदम

सार्वजनिक क्षेत्र की इस्पात कंपनी सेल (SAIL) ने चालू वित्त वर्ष की पहली छमाही में रूस से आठ खेप में करीब छह लाख टन कोकिंग कोयले का आयात किया है। सेल के चेयरमैन अमरेंदु प्रकाश ने गुरुवार को यह जानकारी दी। स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड (SAIL) के प्रमुख ने यहां इस्पात बाजार पर आयोजित एक सम्मेलन में बातचीत में कहा कि अप्रैल-सितंबर की अवधि में रूस से आठ खेप में कोकिंग कोयला मंगाया गया है जिनमें से हर खेप 75,000 टन की थी।

स्टील बनाने के लिए कच्चे माल के रूप में इस्तेमाल होता है कोकिंग कोयला

प्रकाश ने कहा, ‘‘हमने वित्त वर्ष की पहली तिमाही में 75,000 टन कोकिंग कोयले की चार खेप मंगवाई थीं। जुलाई-सितंबर तिमाही में भी यही आंकड़ा बरकरार रहा है।’’ इस तरह चालू वित्त वर्ष की पहली दो तिमाहियों में कुल आठ खेप में रूस से करीब छह लाख टन कोकिंग कोयला खरीदा गया है।

कोकिंग कोयले का इस्तेमाल इस्पात विनिर्माण में कच्चे माल के तौर पर होता है। विनिर्माताओं को अपनी 90 प्रतिशत जरूरत आयात से ही पूरी करनी पड़ती है। उन्होंने कहा कि सेल को कोकिंग कोयले की आपूर्ति बढ़ाने के लिए मोजांबिक स्थित आईसीवीएल की उत्पादन क्षमता दोगुना करना की योजना है। इसकी मौजूदा उत्पादन क्षमता 20 लाख टन प्रति वर्ष है।

इंटरनेशनल कोल वेंचर्स प्राइवेट लिमिटेड (आईसीवीएल) कोयला खदानों एवं विदेशी परिसंपत्तियों के अधिग्रहण के लिए गठित एक विशेष उद्देश्य वाली कंपनी है। इसके साझेदार SAIL, RINL, NMDC, कोल इंडिया और NTPC हैं।

First Published - September 28, 2023 | 8:16 PM IST (बिजनेस स्टैंडर्ड के स्टाफ ने इस रिपोर्ट की हेडलाइन और फोटो ही बदली है, बाकी खबर एक साझा समाचार स्रोत से बिना किसी बदलाव के प्रकाशित हुई है।)

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