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मोदी और सुगा ने जताई हिंद-प्रशांत पर प्रतिबद्धता

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Last Updated- December 12, 2022 | 12:46 AM IST

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और जापान के प्रधानमंत्री योशिहिदे सुगा ने गुरुवार को मुलाकात कर द्विपक्षीय संबंधों पर चर्चा की। दोनों नेताओं ने अफगानिस्तान समेत हाल के वैश्विक घटनाक्रम पर विचारों का आदान-प्रदान भी किया। अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडन की मेजबानी में होने जा रही ‘क्वाड’ समूह की प्रथम प्रत्यक्ष बैठक से पहले मोदी और सुगा ने स्वतंत्र, खुले और समावेशी हिंद-प्रशांत क्षेत्र के लिए अपनी प्रतिबद्धता की एक बार फिर पुष्टि की। जापान के विदेश मंत्रालय (एमओएफए) की ओर से जारी वक्तव्य के अनुसार गुरुावार को हुई बैठक में दोनों देशों के प्रधानमंत्रियों ने द्विपक्षीय सुरक्षा और रक्षा उपकरण एवं प्रौद्योगिकी समेत रक्षा सहयोग बढ़ाने पर सहमति जताई।
 भारत के विदेश सचिव हर्षवद्र्धन शृंगला ने मोदी और उनके जापानी प्रधानमंत्री सुगा के बीच बैठक के बारे में संवाददाताओं से कहा कि यह उनकी पहली सीधी मुलाकात थी। यह पूछे जाने पर कि क्या पिछले कुछ वर्षों में चीन के व्यवहार के बारे में बातचीत हुई तो उन्होंने कहा कि चीन के बड़े वैश्विक ताकत के रूप में उभरने के मुद्दे पर बातचीत हुई। दोनों प्रधानमंत्रियों ने भारत-जापान के बीच बढ़ते आर्थिक संपर्क का भी स्वागत किया।
मोदी ने ट्विटर पर लिखा कि जापान भारत के महत्त्वपूर्ण साझेदारों में से एक है। उन्होंने कहा, ‘प्रधानमंत्री सुगा के साथ विभिन्न विषयों पर शानदार बैठक हुई जिससे हमारे देशों के बीच सहयोग और बढ़ेगा। भारत और जापान के बीच मजबूत मित्रता पूरी दुनिया के लिए शुभ है।’ विदेश मंत्रालय ने कहा, ‘हिंद-प्रशांत, क्षेत्रीय घटनाक्रम, आपूर्ति शृंखला, कारोबार, डिजिटल अर्थव्यवस्था और पी2पी संबंध जैसे विविध विषयों पर चर्चा हुई। इसमें कहा गया कि जापान के साथ एक विशेष रणनीतिक और वैश्विक साझेदारी- इतिहास में मजबूती से निहित है और समान मूल्यों पर आधारित है।’
शुक्रवार को ही प्रधानमंत्री मोदी की अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन के बीच सीधी मुलाकात हुई। बाइडन तीनों प्रधानमंत्रियों-नरेंद्र मोदी, ऑस्ट्रेलिया के स्कॉट मॉरिसन और जापान के योशिहिदे सुगा के साथ शुक्रवार दोपहर व्हाइट हाउस के पूर्वी कक्ष में वार्ता करेंगे। क्वाड नेताओं की आमने-सामने की यह पहली बैठक होगी। अमेरिका की उप-राष्ट्रपति कमला हैरिस इस बैठक की मेजबानी करेंगी। इस बीच, चीन ने कहा है कि वाशिंगटन में अमेरिका, भारत, जापान और ऑस्ट्रेलिया के नेताओं के बीच क्वाड शिखर सम्मेलन से पहले शुक्रवार को समूह की आलोचना की और कहा कि इस विशिष्ट बंद समूह के गठन का वह समर्थन नहीं करता है।
मॉरिसन के साथ भी हुई मुलाकात
प्रधानमंत्री ने गुरुवार को ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री स्कॉट मॉरिसन से भी मुलाकात की। इस बैठक के एक सप्ताह पहले दोनों नेताओं ने टेलीफोन पर भी बातचीत की थी। उन्होंने हालिया ‘टू प्लस टू’ वार्ता समेत भारत-ऑस्ट्रेलिया समग्र रणनीतिक भागीदारी की समीक्षा की और क्षेत्रीय विकास तथा अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन की मेजबानी में क्वाड बैठक को लेकर विचारों का आदान प्रदान किया। दोनों नेताओं ने कम उत्सर्जन प्रौद्योगिकी साझेदारी तथा कम लागत वाले सौर कार्यक्रम सहित कुछ महत्वपूर्ण नई पहल पर सहमत हुए हैं। मॉरिसन ने कहा कि यह दोनों देशों के बीच आर्थिक संबंधों को और गहरा करने में मदद करेंगी। मोदी और मॉरिसन इस बात पर सहमत हुए कि इस क्षेत्र में दो जीवंत लोकतंत्रों के रूप में भारत और ऑस्ट्रेलिया को अन्य बातों के साथ-साथ महामारी के बाद की दुनिया में चुनौतियों से पार पाने के लिए आपूर्ति श्रृंखला में लचीलापन बढ़ाने को लेकर मिलकर काम करने की आवश्यकता है।
कमला हैरिस के साथ लोकतंत्र पर चर्चा
मोदी ने गुरुवार को अमेरिका की उप-राष्ट्रपति कमला हैरिस से पहली मुलाकात की। दोनों नेताओं ने दुनिया में लोकतंत्र के समक्ष चुनौतियों पर चर्चा की। बैठक में दोनों नेताओं ने भारत-अमेरिका रणनीतिक भागीदारी को और मजबूत करने का निर्णय किया और साझा हित वाले वैश्विक मुद्दों पर चर्चा की। हैरिस ने कहा कि लोकतंत्र की रक्षा करना दोनों देशों का दायित्व है और यह दोनों देशों के लोगों के सर्वाेत्तम हित में है। 

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First Published - September 24, 2021 | 10:59 PM IST

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