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Israel-Hamas War: हमास के हमले में ईरान की भूमिका के बारे में कोई विशेष सूचना नहीं है – अमेरिका

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सुलिवान ने कहा कि अमेरिका अपनी खुफिया एजेंसियों से इस बारे में जानकारी जुटाने की कोशिश कर रहा है कि क्या उनके पास इस बारे में कोई सूचना है।

Last Updated- October 11, 2023 | 10:15 AM IST
Israel - Hamas conflict

अमेरिका ने मंगलवार को कहा कि इजराइल पर हमास के हाल के आतंकवादी हमले में ईरान की भूमिका के बारे में कोई विशेष सूचना नहीं मिली है लेकिन आतंकवादी समूह की सैन्य शाखा के लिए वित्त पोषण में ‘‘व्यापक तौर’’ पर उसकी मिलीभगत है।

अमेरिका के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (एनएसए) जैक सुलिवान ने मंगलवार को पत्रकारों से कहा, ‘‘हमने शुरुआत से कहा है कि ईरान की व्यापक तौर पर इस हमले में मिलीभगत है क्योंकि उन्होंने हमास की सैन्य शाखा को भारी-भरकम वित्त पोषण दिया है। उन्होंने प्रशिक्षण मुहैया कराया। उन्होंने (ईरान) उन्हें हमला करने की क्षमताएं मुहैया करायी। उन्होंने सहयोग दिया और वे वर्षों से हमास के साथ संपर्क में हैं।’’

उन्होंने कहा, ‘‘इन सभी चीजों ने उस घटना में भूमिका निभायी है जो हमने देखी है। अभी इस सवाल पर कि क्या ईरान को इस हमले के बारे में पहले से पता था या उसने योजना बनाने में मदद की या इस हमले का निर्देश दिया, तो अभी हमारे पास ऐसी कोई सूचना नहीं है। हम इस सवाल के बारे में अपने इजराइली समकक्षों से नियमित आधार पर बात कर रहे हैं।’’

यह भी पढ़ें : भारत इजराइल-फलस्तीन दोनों का मित्र, संकट कम करने में निभा सकता है अच्छी भूमिका: फलस्तीनी राजदूत

सुलिवान ने कहा कि अमेरिका अपनी खुफिया एजेंसियों से इस बारे में जानकारी जुटाने की कोशिश कर रहा है कि क्या उनके पास इस बारे में कोई सूचना है। उन्होंने कहा, ‘‘हम और खुफिया जानकारी हासिल करने की कोशिश कर रहे हैं। अगर कोई जानकरी मिलती है तो मैं आपके साथ साझा करूंगा।’’ फलस्तीनी आतंकवादी संगठन हमास ने शनिवार को इजराइल पर हमले शुरू कर दिए थे जिसमें 1,000 से अधिक लोग मारे गए हैं। इजराइल ने भी जवाबी कार्रवाई करते हुए गाजा में हवाई हमले किए जिसमें 800 से अधिक लोगों की मौत हो गयी है।

अमेरिका ने इजराइल के लिए समर्थन जुटाने और हमास के खिलाफ आवश्यक कार्रवाई करने के लिए एक बड़ा वैश्विक कूटनीतिक अभियान चलाया है। उन्होंने कहा कि अमेरिका ऐसे मुद्दों पर चीन के बयान के इतिहास को देखते हुए हमास के हमले पर उसकी प्रतिक्रिया से हैरान नहीं है।

एनएसए ने कहा, ‘‘हमारा मानना है कि अमेरिका यूरोप में यूक्रेन का समर्थन करने, हिंद-प्रशांत में हमारे सहयोगियों का समर्थन करने और हमारे करीबी सहयोगी इजराइल को इस मुश्किल वक्त में समर्थन करने में समक्ष है। हमारा मानना है कि हमारे पास प्रभावी रूप से ऐसा करने के लिए सभी संसाधन, उपकरण और क्षमताएं हैं।’’

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First Published - October 11, 2023 | 10:15 AM IST (बिजनेस स्टैंडर्ड के स्टाफ ने इस रिपोर्ट की हेडलाइन और फोटो ही बदली है, बाकी खबर एक साझा समाचार स्रोत से बिना किसी बदलाव के प्रकाशित हुई है।)

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