facebookmetapixel
Advertisement
जून में सुस्त IPO के बावजूद ऋण प्रतिभूतियों ने रचा इतिहास, जुटाई ₹3.15 लाख करोड़ की रिकॉर्ड रकमपेपर लीक के खिलाफ कानून में संशोधन को केंद्रीय मंत्रिमंडल की मंजूरी, सोमवार को संसद में पेश होगा विधेयकभारी बारिश और बाढ़ का कहर: गुजरात में सेना ने संभाला मोर्चा, असम-महाराष्ट्र में भी हालात गंभीरचार साल के निचले स्तर पर पहुंची निजी कारोबारी गतिविधियां, महंगाई और पश्चिम एशिया तनाव से सुस्त पड़ी रफ्तारफ्रंट-रनिंग मामले में ऐक्सिस MF के पूर्व डीलर वीरेश जोशी पर 7 साल का प्रतिबंध, 3 करोड़ का जुर्माना भीरसायन क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए सरकार का बड़ा कदम, 3,030 करोड़ रुपये की ‘भव्य-रसायन’ योजना मंजूरCBDT को वित्त मंत्री की सख्त हिदायत, कहा: अभी भी 5.4 लाख अपीलें लंबित, मुकदमेबाजी रणनीति की करें समीक्षाUS Tariff on India: अमेरिका ने भारतीय वस्तुओं पर लगाया 10% टैरिफ, धारा 301 के तहत हुई कार्रवाईUpcoming IPO: देश का सबसे बड़ा हेल्थकेयर IPO ला रही मणिपाल हेल्थ, 29 जुलाई से खुलेगा इश्यूHindustan Zinc Q1 Results: दोगुने से ज्यादा बढ़ा मुनाफा, 5,469 करोड़ रुपये पर पहुंचा आंकड़ा

काबुल हवाईअड्डे के पास फिर से हमला

Advertisement
Last Updated- December 12, 2022 | 1:28 AM IST

अफगानिस्तान की राजधानी काबुल में अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से उत्तर-पश्चिम स्थित एक इलाके में एक रॉकेट से हमला किया गया जिसमें एक बच्चे की मौत हो गई। यह हमला ऐसे समय किया गया है जब अमेरिका अफगानिस्तान से निकलने के अभियान को संचालित कर रहा है। काबुल के पुलिस प्रमुख राशिद ने कहा कि रॉकेट रविवार दोपहर को गिरा। अमेरिका के अधिकारियों ने कहा कि ड्रोन ने ऐसे वाहन पर हमला किया जिसमें कई आत्मघाती हमलावर सवार थे और वह काबुल हवाई अड्डे की ओर जा रहा था, लेकिन खतरे को समाप्त कर दिया गया है। वहीं तालिबान के प्रवक्ता ने कहा कि एक अमेरिकी हवाई हमले ने एक वाहन में सवार एक आत्मघाती हमलावर को निशाना बनाया जो काबुल हवाई अड्डे पर हमला करना चाहता था। प्रवक्ता जबीहुल्लाह मुजाहिद ने पत्रकारों को भेजे एक संदेश में कहा कि यह हमला रविवार को हुआ। 
इससे पहले अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडन ने चेतावनी दी कि काबुल हवाईअड्डे पर अगले 24 से 36 घंटों में एक और आतंकवादी हमला होने की आशंका है। इसके साथ ही अमेरिका ने अफगानिस्तान के काबुल हवाईअड्डा क्षेत्र में मौजूद अपने सभी नागरिकों से तत्काल इलाका छोडऩे का अनुरोध किया है। बाइडन ने सैनिकों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए हरसंभव कदम उठाने का निर्देश दिया। 

उन्होंने हवाईअड्डे पर गुरुवार को हुए हमले के लिए जिम्मेदार आतंकवादियों के खिलाफ जवाबी कार्रवाई जारी रखने का भी संकल्प लिया। हवाईअड्डे पर गुरुवार को आत्मघाती बम हमले में कम से कम 169 अफगान नागरिक और अमेरिका के 13 सैनिक मारे गए थे। अफगानिस्तान में इस्लामिक स्टेट से संबद्ध संगठन इस्लामिक स्टेट-खोरासान प्रांत ने हमले की जिम्मेदारी ली है। हमले के जवाब में अमेरिका ने शुक्रवार को पूर्वी अफगानिस्तान में एक ड्रोन हमला किया।
पेंटागन ने कहा कि  ड्रोन हमले में आईएसआईएस के दो हाई प्रोफाइल आतंकी मारे गए और एक अन्य घायल हो गया है। अमेरिका के राष्ट्रपति ने कहा, ‘जब भी कोई अमेरिका को नुकसान पहुंचाने या हमारे सैनिकों पर हमला करने की कोशिश करेगा तो हम जवाब देंगे।’  
ब्रिटेन का अभियान खत्म

ब्रिटेन के शेष सैनिक काबुल से वापस अपने देश पहुंचने लगे हैं और इसके साथ ही ब्रिटेन का अफगानिस्तान में 20 साल लंबा सैन्य अभियान खत्म हो गया जहां तालिबान ने कब्जा कर लिया है। तालिबान ने कई प्रमुख शहरों पर कब्जा करने के बाद 15 अगस्त को काबुल पर कब्जा कर लिया था। यह अमेरिका के देश से जाने की समय-सीमा से दो हफ्ते पहले हुआ था।

प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन ने रविवार सुबह ट्विटर पर एक वीडियो जारी कर कहा, ‘ऑपरेशन पिटिंग का खत्म होना एक ऐसे मिशन का समापन है जो हमने जो कुछ भी अपने जीवन में देखा है यह उसके विपरीत है। ब्रिटिश सैनिकों और अधिकारियों ने दुखद परिस्थितियों में चौबीसों घंटे काम किया।’ 
वहीं ब्रिटेन के विदेश मंत्री डोमिनिक राब ने एक लेख में कहा कि ब्रिटेन तालिबान के खिलाफ लगी पाबंदियों पर विचार करने को तैयार है लेकिन यह इस बात पर निर्भर करता है कि वे मुख्य मुद्दों पर क्या निर्णय लेते हैं। ब्रिटेन ने कहा है कि सुरक्षा और राजनीति की स्थिति के ठीक होने पर वह काबुल में राजनयिक उपस्थिति को फिर से स्थापित करने का इरादा रखती है।

Advertisement
First Published - August 30, 2021 | 1:29 AM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement