facebookmetapixel
Advertisement
CCIL का मामला फिर से चर्चाओं में, ईएसएमए से समाधान के लिए RBI सक्रियHoli Travel: होली पर घर जाने की होड़, बुकिंग में जबरदस्त उछालकॉरपोरेट सेक्टर की सेहत सुधरी, क्या अब आएगा निवेश बूम? जानें क्या बोले प्रधानमंत्री के प्रधान सचिवशॉर्ट-टर्म शोर से दूर रहें, लंबी रणनीति पर ध्यान दें, कोटक MF के MD नीलेश शाह की सलाहएआई और 5जी में एरिक्सन का बड़ा निवेश, भारत बनेगा वैश्विक रणनीतिक बाजारStocks To Watch Today: एयरटेल, भारत इलेक्ट्रॉनिक्स में हुई बड़ी खबरें; मार्केट की नजर इन शेयरों परकेजरीवाल को आबकारी नीति मामले में कोर्ट से क्लीन चिट: क्या अब बदल जाएगी 2026 की राजनीति?भारत विभाजन का गवाह ‘जिन्ना हाउस’ होगा नीलाम, ₹2600 करोड़ के इस बंगले की लगेगी बोलीफरवरी में UPI लेनदेन में मामूली गिरावट, कुल 26.84 लाख करोड़ रुपये का हुआ ट्रांजैक्शनGST की शानदार रफ्तार: फरवरी में शुद्ध राजस्व 7.9% बढ़ा, ₹1.61 लाख करोड़ पहुंचा संग्रह

Seattle में जातिगत भेदभाव को प्रतिबंधित किए जाने के बाद Toronto में भी गरमाया मुद्दा

Advertisement

अमेरिका में जाति आधारित भेदभाव के मामले पर इस मत परिणाम के दूरगामी प्रभाव पड़ सकते हैं

Last Updated- March 11, 2023 | 9:37 AM IST
Arrest of two suspects possible soon in Nijjar murder case in Canada: Report

सिएटल में जाति आधारित भेदभाव को प्रतिबंधित किए जाने के बाद अब कनाडा के टोरंटो में भी यह मुद्दा गरमाया हुआ है, जहां एक धड़ा जातिगत भेदभाव का विरोध कर रहा है, लेकिन दूसरा धड़ा इस प्रकार के प्रतिबंध के खिलाफ है।

सिएटल पिछले महीने जाति आधारित भेदभाव को प्रतिबंधित करने वाला अमेरिका का पहला शहर बन गया। भारतीय अमेरिकी नेता क्षमा सावंत ने सिएटल सिटी काउंसिल में भेदभाव न करने की नीति में जाति को शामिल करने के लिए एक प्रस्ताव पेश किया था, जिसे पारित कर दिया गया है।

उच्च जाति की हिंदू नेता सावंत के प्रस्ताव को सिएटल के सदन यानी सिटी काउंसिल में एक के मुकाबले छह मतों से पारित किया गया। अमेरिका में जाति आधारित भेदभाव के मामले पर इस मत परिणाम के दूरगामी प्रभाव पड़ सकते हैं।

जातिगत भेदभाव संबंधी प्रस्ताव को टोरंटो जिला स्कूल बोर्ड (टीडीएसबी) के सामने विचार-विमर्श के लिए रखा गया, लेकिन बोर्ड ने आठ मार्च को इसे ओंटारियो मानवाधिकार आयोग के पास समीक्षा के लिए भेज दिया। बोर्ड ने कहा कि उसे इस मामले में विशेषज्ञता प्राप्त नहीं है।

सिएटल की सिटी काउंसलर सावंत ने टीडीएसबी सदस्यों को लिखे एक पत्र में कहा, ‘‘इस प्रस्ताव पर यदि ‘हां’ में जवाब आता है, तो यह टोरंटो में सभी स्कूली छात्रों के हित में होगा। छात्र शैक्षणिक माहौल में कई प्रकार से जातिगत भेदभाव का अनुभव कर सकते हैं। उन्हें जातिवादी अपशब्दों, सामाजिक और ऑनलाइन परिवेश में भेदभाव आदि का सामना करना पड़ सकता है।’’

दूसरी ओर, इस प्रस्ताव का विरोध कर रहे ‘कोलिशन ऑफ हिंदूज ऑफ नॉर्थ अमेरिका’ (सीओएचएनए) ने कहा कि किसी एक समुदाय को चिह्नित किए जाने के कारण कनाडाई दक्षिण एशियाई समुदाय इसका कड़ा विरोध कर रहा है।

मीडिया में यहां जारी एक विज्ञप्ति में बताया गया कि सीओएचएनए कनाडा की मदद से समुदाय के लोगों ने बोर्ड के न्यासियों को 21,000 से अधिक ईमेल भेजे और कई फोन कॉल किए। नॉर्थ यॉर्क में भी टीडीएसबी कार्यालय के बाहर प्रदर्शनकारियों ने इस प्रस्ताव का विरोध किया।

Advertisement
First Published - March 11, 2023 | 9:37 AM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement