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मध्यस्थता कानून में संशोधन के लिए सरकार ने गठित किया समिति

भारत को अंतरराष्ट्रीय मध्यस्थता का केंद्र बनाने की कोशिशों के बीच सरकार ने विशेषज्ञ समिति का गठन किया है

Last Updated- June 16, 2023 | 11:15 PM IST
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केंद्र (कानून मंत्रालय विभाग) ने मध्यस्थता और सुलह अधिनियम 1996 में सुधार की सिफारिश के लिए समिति गठित की है। यह समिति पूर्व विधि सचिव टी. के. विश्वनाथन के नेतृत्व में गठित की गई है। इस समिति में 15 सदस्य हैं।

भारत को अंतरराष्ट्रीय मध्यस्थता का केंद्र बनाने की कोशिशों के बीच सरकार ने विशेषज्ञ समिति का गठन किया है, जो अदालतों पर से मुकदमों का बोझ कम करने के उद्देश्य से मध्यस्थता और सुलह अधिनियम में सुधारों की सिफारिश करेगी। अटॉर्नी जनरल एन वेंकटरमणी केंद्रीय कानून मंत्रालय में कानूनी मामलों के विभाग द्वारा गठित विशेषज्ञ समिति का भी हिस्सा हैं।

कानून मंत्रालय के अतिरिक्त सचिव राजीव मणि, कुछ वरिष्ठ अधिवक्ता, निजी कानूनी फर्म के प्रतिनिधि और विधायी विभाग, नीति आयोग, भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई), रेलवे और केंद्रीय लोक निर्माण विभाग (सीपीडब्ल्यूडी) के अधिकारी इसके अन्य सदस्य हैं।

समिति के संदर्भ की शर्तों के अनुसार यह मध्यस्थता अधिनियम के कामकाज सहित देश के वर्तमान मध्यस्थता पारिस्थितिकी तंत्र के संचालन का मूल्यांकन और विश्लेषण करेगी। इसकी मजबूती, कमजोरियों और अन्य महत्वपूर्ण विदेशी अदालतों की तुलना में चुनौतियों को उजागर करेगी। बुधवार को जारी कार्यालय ज्ञापन में कहा गया कि समिति को 30 दिन के भीतर अपनी रिपोर्ट सौंपनी है।

First Published - June 16, 2023 | 11:15 PM IST

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