facebookmetapixel
मजबूत फंडामेंटल के साथ शेयर बाजार में बढ़त की उम्मीद, BFSI क्षेत्र सबसे आगे: रमेश मंत्रीअमेरिकी प्रतिबंधों से वेनेजुएला की तेल अर्थव्यवस्था झुलसी, निर्यात पर गहरा असर; भारत का आयात भी घटाबांग्लादेश ने IPL के प्रसारण पर लगाया प्रतिबंध, एक्सपर्ट बोले: इस फैसले से कुछ ज्यादा फर्क नहीं पड़ेगादिल्ली दंगा साजिश केस में उमर खालिद और शरजील इमाम को जमानत देने से सुप्रीम कोर्ट ने किया इनकारGrok विवाद में X को सरकार ने दी 72 घंटे की और मोहलत, महिलाओं व बच्चों की तस्वीरों पर केंद्र सख्तकेंद्रीय बजट से पहले IVCA की मांग: AIF ने प्राइवेट क्रेडिट फंड्स के लिए टैक्स में समानता की मांग कीSMC बिल पर एम. दामोदरन की चेतावनी: सेबी का निवेशकों की सुरक्षा पर फोकस कमजोरविश्व आर्थिक मंच की सलाना बैठक में दावोस जाएंगे भारतीय नेतागण, चौहान और वैष्णव करेंगे अगुआईभारत कोकिंग कोल का आईपीओ शुक्रवार को पेश होगा, ₹1,069 करोड़ जुटाने की तैयारीAI इम्पैक्ट समिट में ग्लोबल साउथ पर फोकस, खुद को AI सर्विस सप्लायर के रूप में पेश करेगा भारत

GPS टोल प्रणाली में निजता का संरक्षण, सिर्फ हाईवे पर डेटा संग्रह: राजमार्ग सचिव अनुराग जैन

उन्होंने बताया कि वाणिज्यिक वाहनों में वाहन मालिक एकीकृत लॉजिस्टिक्स इंटरफेस प्लेटफॉर्म से अपने वाहन की स्थिति ज्ञात कर सकते हैं।

Last Updated- September 13, 2024 | 11:26 PM IST
Fastag

जीपीएस आधारित टोल संग्रह प्रणाली में निजता हनन की चिंताओं के बीच राजमार्ग सचिव अनुराग जैन ने स्पष्ट किया कि डेटा संग्रहण केवल राष्ट्रीय राजमार्गों तक ही सीमित रहेगा। इस प्रणाली को ग्लोबल नैविगेशन सैटेलाइट सिस्टम (जीएनएसएस) टोल कलेक्शन के रूप में भी जाना जाता है।

टोल संग्रह की यह प्रणाली लागू होने के बाद टोल बूथ खत्म हो जाएंगे। इस प्रणाली के तहत हर वाहन पर ऑन बोर्ड यूनिट (ओबीयू) को अनिवार्य रूप से स्थापित किया जाएगा और उसी के जरिये टोल शुल्क कट जाएगा।

जैन ने गुरुवार को एक संवाददाता सम्मेलन के दौरान बिज़नेस स्टैंडर्ड को बताया, ‘हम डेटा की निजता को लेकर बिल्कुल स्पष्ट हैं। आपका वाहन जब राजमार्ग पर प्रवेश करेगा तो सिग्नल पर नजर रखी जाएगी। आपका वाहन जैसे ही राजमार्ग को छोड़ेंगे तो सिग्नल पर नजर रखना अपने से खत्म हो जाएगा।’

इस प्रणाली को लेकर चिंताएं यह हैं कि इस लेन देन में शामिल साझेदार जैसे ओबीयू विनिर्माता, बैंक और बीमाकर्ता सिर्फ वाहन के राष्ट्रीय राजमार्ग पर रहने के दौरान ही नहीं बल्कि हर समय रियल टाइम लोकेशन के आंकड़ों को हासिल कर सकते हैं।

इस पर जैन ने बताया, ‘हमारे साथ हुए समझौते के तहत उन पर बाध्यताएं हैं (वे सभी समय नजर नहीं रख सकते)।’ सचिव ने बताया, ‘आज भी हम राष्ट्रीय राजमार्गों पर वाहनों के बारे में जानकारी एकत्र करते हैं, क्योंकि वाहन टोल गेट से गुजरते हैं। बस यह एक गोपनीय और समेकित फॉर्म में होता है।’

उन्होंने बताया कि वाणिज्यिक वाहनों में वाहन मालिक एकीकृत लॉजिस्टिक्स इंटरफेस प्लेटफॉर्म से अपने वाहन की स्थिति ज्ञात कर सकते हैं।

First Published - September 13, 2024 | 10:59 PM IST

संबंधित पोस्ट