facebookmetapixel
Advertisement
NTPC पर ब्रोकरेज हुए बुलिश, ग्रीन एनर्जी और न्यूक्लियर कारोबार के दम पर 445 रुपये तक जाने का अनुमानरुपये को संभालने के लिए RBI हर जरूरी कदम उठाएगा: गवर्नर संजय मल्होत्राOil Prices: भारत से ज्यादा महंगा पेट्रोल बेच रहे पड़ोसी देश, चीन- पाकिस्तान के रेट जान चौंक जाएंगेसरकार का नया मास्टरस्ट्रोक! राज्यों को मिलेगा परफॉर्मेंस बेस्ड फंड, मनरेगा होगा रिप्लेसGold, Silver Price Today: सोने में लौटी तेजी, चांदी के भाव ₹2.76 लाख के पारनिजी कंपनियां बनाएंगी बैलिस्टिक मिसाइलें, भारत की डिफेंस स्ट्रैटेजी में बड़ा बदलावCDS अनिल चौहान का बड़ा बयान! थिएटर कमांड से बदलेगी भारत की सैन्य रणनीति, चीन-पाकिस्तान पर सख्त संदेशदिल्ली में पेट्रोल 102 रुपये पार, लेकिन इन देशों में 3 रुपये लीटर से भी कम में मिल रहा तेलटाटा ग्रुप में हलचल तेज! बोर्ड बैठक से पहले नोएल टाटा-चंद्रशेखरन की अहम मुलाकात, बड़े फैसलों के संकेतAI और Biotech की वजह से भारत में बढ़ रही Pharma Jobs! अगले 3 साल में बड़ा उछाल

NSE phone tapping case: चित्रा रामकृष्ण को मनी लांड्रिंग मामले में दिल्ली हाईकोर्ट ने दी जमानत

Advertisement
Last Updated- February 09, 2023 | 11:59 AM IST
Chitra Ramkrishna

दिल्ली उच्च न्यायालय ने नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) के कर्मचारियों की कथित जासूसी व फोन टैपिंग से जुड़े धन शोधन (money laundering) के मामले में एनएसई की पूर्व प्रमुख चित्रा रामकृष्ण (Chitra Ramkrishna) को गुरुवार को जमानत दे दी।

न्यायमूर्ति जसमीत सिंह ने कहा, ‘‘ आवेदन स्वीकार किया जाता है। आवेदक को जमानत दी जाती है।’’ रामकृष्ण को केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने कथित एनएसई को-लोकेशन घोटाले में गिरफ्तार किया था।

उन्हें 14 जुलाई को ईडी ने हिरासत में लिया था। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने मौजूदा मामले में उनकी जमानत याचिका का इस आधार पर विरोध किया था कि वह ‘‘मुख्य साजिशकर्ता’’ थीं। ईडी के अनुसार, फोन टैपिंग मामला 2009 से 2017 के बीच का है जब एनएसई के पूर्व मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) रवि नारायण, रामकृष्ण, कार्यकारी उपाध्यक्ष रवि वाराणसी, प्रमुख (परिसर) महेश हल्दीपुर तथा अन्य ने एनएसई तथा उसके कर्मचारियों से धोखाधड़ी करने की कथित साजिश रची थी।

रामकृष्ण ने जमानत याचिका में दलील दी थी कि उनके खिलाफ कोई अनुसूचित अपराध नहीं बनता है और आरोप भी धन शोधन निवारण अधिनियम के दायरे में नहीं आते हैं। रामकृष्ण को 2009 में संयुक्त प्रबंध निदेशक (एमडी) एनएसई के रूप में नियुक्त किया गया था और 31 मार्च 2013 तक वह पद पर बनी रही। उन्हें एक अप्रैल 2013 को एमडी और सीईओ के रूप में पदोन्नत किया गया।

एनएसई में उनका कार्यकाल दिसंबर 2016 में समाप्त हुआ था।

Advertisement
First Published - February 9, 2023 | 11:38 AM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement