Stock Market Closing Bell, Thursday, January 1, 2026: वैश्विक बाजारों से कमजोर रुख के बीच भारतीय शेयर बाजार गुरुवार (1 जनवरी) यानी 2026 के पहले ट्रेडिंग सेशन बढ़त में खुलने के बाद सपाट बंद हुए। ऑटो शेयरों में जहां तेजी देखी गई वहीं एफएमसीजी शेयरों में भारी बिकवाली ने बाजार के सेंटीमेंट्स पर नेगेटिव असर डाला।
तीस शेयरों वाला बीएसई सेंसेक्स (BSE Sensex) मामूली बढ़त के साथ 85,255 अंक पर खुला। खुलने के बाद इंडेक्स में थोड़ी और बढ़त देखने को मिली। हालांकि, बाद में यह लाल निशान में फिसल गया और अंत में 32 अंक या 0.04 प्रतिशत की मामूली गिरावट लेकर 85,188.60 पर बंद हुआ।
इसी तरह, नैशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) का निफ्टी-50 (Nifty-50) भी मामूली बढ़त के साथ 26,173 अंक पर खुला। खुलने के बाद इसमें थोड़ी बढ़त देखने को मिली। लेकिन बाद में लगभग सपाट कारोबार करता दिखा। अंत में 16.95 अंक या 0.06 प्रतिशत की मामूली बढ़त लेकर 26,146.55 पर सेटल हुआ।
एनरिच मनी के सीईओ पोन्मुदी आर ने कहा, ”भारतीय शेयर बाजारों ने साल के पहले कारोबारी सत्र की शुरुआत स्थिर और सकारात्मक माहौल के साथ की। वैश्विक संकेत ज्यादातर सुस्त रहे। छुट्टी के चलते ज्यादातर अंतरराष्ट्रीय बाजार बंद थे। जिससे घरेलू कारकों को प्रमुखता मिली। ऑटोमोबाइल सेक्टर सबसे ज्यादा बढ़त दर्ज करने वाला रहा, जहां मजबूत मासिक बिक्री आंकड़े जारी होने के बाद निवेशकों का भरोसा बढ़ा और मांग में निरंतर मजबूती को लेकर सकारात्मक संकेत मिले।”
उन्होंने कहा, ”भारत की मजबूत घरेलू मांग, सुधार-आधारित विकास ढांचा, नीतिगत निरंतरता और सरकार के नेतृत्व में जारी पूंजीगत खर्च निवेशकों को भरोसा दे रहे हैं और निचले स्तरों पर नई खरीदारी को आकर्षित कर रहे हैं, जिससे शेयरों को मजबूत निचला समर्थन मिल रहा है। कुल मिलाकर, साल की शुरुआत में बाजार का रुख सकारात्मक बना हुआ है। निवेशकों की प्राथमिकता स्पष्ट रूप से उन क्वालिटी वाली कंपनियों की ओर झुकी हुई है, जिनकी आय टिकाऊ है और बैलेंस शीट मजबूत है।”
बीएसई पर आईटीसी, बजाज फाइनेंस, एशियन पेंट्स और बीईएल प्रमुख गिरावट वाले शेयरों में शामिल रहे। दूसरी तरफ, एनटीपीसी, इटरनल, एलएंडटी, पावर ग्रिड और एमएंडएम सबसे ज्यादा बढ़त दर्ज करने वालों में रहे।
ब्रोडर मार्केट में निफ्टी मिडकैप 100 0.44 प्रतिशत की बढ़त के साथ बंद हुआ, जबकि एनएसई स्मॉलकैप 100 0.05 प्रतिशत की मामूली गिरावट में रहा।
सेक्टोरल मोर्चे पर निफ्टी एफएमसीजी सबसे खराब प्रदर्शन करने वाला इंडेक्स रहा। इसमें 3.17 प्रतिशत की गिरावट आई। इसका मुख्य कारण आईटीसी के शेयरों में करीब 10 प्रतिशत की गिरावट रही, जो 1 फरवरी से तंबाकू उत्पादों पर अतिरिक्त कर लगाए जाने को लेकर केंद्र सरकार के कदम से जुड़ी चिंताओं के चलते आई।
वहीं, निफ्टी ऑटो में 1 प्रतिशत से अधिक की बढ़त दर्ज की गई। वाहन कंपनियों के दिसंबर 2025 के बिक्री आंकड़े जारी करने के बाद ऑटो स्टॉक्स में तेजी आई। निफ्टी आईटी, मेटल, बैंक और रियल्टी इंडेक्स भी बढ़त के साथ बंद हुए।
एशिया के ज्यादातर प्रमुख शेयर बाजार गुरुवार को नए साल के अवसर पर बंद रहेंगे। वॉल स्ट्रीट पर प्रमुख बेंचमार्क इंडेक्स गिरावट के साथ बंद हुए। एसएंडपी 500 और नैस्डैक इंडेक्स क्रमशः 0.74 प्रतिशत और 0.76 प्रतिशत नीचे बंद हुए। लेकिन इसके बावजूद उन्होंने लगातार तीसरे वर्ष दोहरे अंकों की बढ़त दर्ज की, जो 2021 के बाद उनकी सबसे लंबी बढ़त की सीरीज है।
साल 2025 का आखिरी कारोबारी दिन भारतीय शेयर बाजार के लिए मजबूत और सकारात्मक साबित हुआ। उतार–चढ़ाव भरे साल के बावजूद बाजार ने आखिरकार हरी झंडी के साथ विदाई ली, जहां निफ्टी और सेंसेक्स दोनों ने साल का अंत मजबूती के साथ किया। खास बात यह रही कि निफ्टी ने लगातार 10वें साल सालाना बढ़त दर्ज कर रिकॉर्ड बनाया, जबकि सेंसेक्स ने भी अपनी जीत की रफ्तार को बरकरार रखा। 2025 में सेंसेक्स 7,081.59 अंक या 9 प्रतिशत बढ़ा है और निफ्टी 2,484.8 अंक या 10.50 प्रतिशत बढ़ा।