facebookmetapixel
दूध के साथ फ्लेवर्ड दही फ्री! कहानी क्विक कॉमर्स की जो बना रहा नए ब्रांड्स को सुपरहिटWeather Update Today: उत्तर भारत में ठंड की लहर! IMD ने जारी किया कोहरा-बारिश का अलर्ट67% चढ़ सकता है सिर्फ ₹150 का शेयर, Motilal Oswal ने शुरू की कवरेज; BUY की दी सलाहअमेरिका का सख्त कदम, 13 देशों के लिए $15,000 तक का वीजा बॉन्ड जरूरीवेनेजुएला के तेल उद्योग पर अमेरिका की नजर: ट्रंप बोले- अमेरिकी कंपनियों को मिल सकती है सब्सिडीस्टॉक स्प्लिट का ऐलान: इस रियल्टी कंपनी के शेयर 15 जनवरी से होंगे स्प्लिट, जानें डिटेलStock Market Update: हैवीवेट शेयरों में बिकवाली से बाजार की कमजोर शुरुआत, सेंसेक्स 340 अंक गिरा; निफ्टी 26,200 के पासStocks To Watch Today: ONGC से Adani Power तक, आज बाजार में इन स्टॉक्स पर रहेगी नजरमजबूत फंडामेंटल के साथ शेयर बाजार में बढ़त की उम्मीद, BFSI क्षेत्र सबसे आगे: रमेश मंत्रीअमेरिकी प्रतिबंधों से वेनेजुएला की तेल अर्थव्यवस्था झुलसी, निर्यात पर गहरा असर; भारत का आयात भी घटा

राज्यों को केंद्र का तोहफा: 1.46 लाख करोड़ की अतिरिक्त मदद जारी, बोलीं सीतारमण- पूंजीगत व्यय में कटौती नहीं

सीतारमण ने संसद में दिए बयान में बताया कि राज्य सरकारों ने योजना को जारी रखने का अनुरोध किया है और इस योजना के लिए आवंटन समय-समय पर बढ़ता रहा है।

Last Updated- April 01, 2025 | 10:44 PM IST
Nirmala Sitharaman
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण | फाइल फोटो

Capital expenditure: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने मंगलवार को कहा कि केंद्र ने पूंजीगत व्यय के लिए राज्यों को 1.46 लाख करोड़ रुपये की अतिरिक्त सहायता रा​शि जारी कर दी है और यह मार्च 26 तक के आवंटित बजट के 95 फीसदी से अधिक है।

सीतारमण ने राज्य सभा में कांग्रेस के नेता पी. चिदंबरम के सवाल का जवाब देते हुए कहा कि सरकार ने पूंजीगत व्यय को कम नहीं किया है। उन्होंने कहा, ‘पूंजीगत व्यय में कोई कटौती नहीं हुई है। वित्त वर्ष 25 में पूंजीगत व्यय 11.11 लाख करोड़ रुपये था जबकि यह वित्त वर्ष 26 में बढ़कर 11.21 लाख करोड़ रुपये हो गया है। राज्यों को दी जाने वाले पूंजीगत व्यय सहायता इसी अनुपात में बढ़ी है। हमने पूंजीगत व्यय में कोई कटौती नहीं की है।’ पूंजीगत व्यय के लिए राज्यों को 50 साल के ब्याज मुक्त ऋण के रूप में विशेष सहायता की योजना अक्टूबर, 2020 में शुरू हुई थी। यह योजना कोविड 19 महामारी के बाद मुश्किल राजकोषीय स्थिति और कर राजस्व में कमी के दौर में शुरू हुई थी।

सीतारमण ने संसद में दिए बयान में बताया कि राज्य सरकारों ने योजना को जारी रखने का अनुरोध किया है और इस योजना के लिए आवंटन समय-समय पर बढ़ता रहा है। वित्त वर्ष 25 में योजना के लिए कुल 1,53,673 करोड़ रुपये निर्धारित किए गए थे। 

उन्होंने बताया, ‘ऐसे अनुरोध 2024-25 में आंध्र प्रदेश, राजस्थान, मणिपुर और नागालैंड राज्यों से प्राप्त हुए हैं।’ अभी इस क्रम में विशेष सहायता योजना के तहत राज्यों को करीब 3,27,558 करोड़ रुपये और जारी किए जाने हैं। सीतारमण ने बयान में कहा कि पूंजीगत व्यय के बहुआयामी प्रभाव होते हैं और इससे अर्थव्यवस्था की क्षमता में इजाफा होता है। इसलिए हर वित्त वर्ष में इस योजना को शामिल किया गया है।

First Published - April 1, 2025 | 10:44 PM IST

संबंधित पोस्ट