अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने आज सुबह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को फोन कर दीवाली की शुभकामनाएं दीं और बाद में व्हाइट हाउस में संवाददाताओं को बताया कि दोनों के बीच व्यापार मुद्दों और पाकिस्तान के साथ भारत के संघर्ष पर भी चर्चा हुई।
पिछले हफ्ते के अपने दावे के उलट ट्रंप ने कहा कि भारत रूस से तेल खरीद को पूरी तरह बंद करने के बजाय उसे कम करेगा। उन्होंने कहा कि भारत रूस से ज्यादा तेल नहीं खरीदेगा। पिछले हफ्ते ट्रंप ने दावा किया था कि भारत रूस से तेल की खरीद बंद कर देगा।
भारत ने यह स्पष्ट नहीं किया कि दोनों नेताओं ने व्यापार और भारत द्वारा रूसी तेल की खरीद पर चर्चा की या नहीं। हालांकि भारत में आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि फोन पर बातचीत के दौरान पाकिस्तान पर कोई चर्चा नहीं हुई।
प्रधानमंत्री कार्यालय ने कहा कि मोदी ने ट्रंप को उनकी ‘दीवाली की शुभकामनाओं और व्यक्तिगत फोन कॉल’ के लिए धन्यवाद दिया। प्रधानमंत्री ने भारत-अमेरिका साझेदारी की स्थायी मजबूती पर जोर दिया और आतंकवाद से निपटने तथा अंतरराष्ट्रीय सहयोग को बढ़ावा देने के लिए भारत की अटूट प्रतिबद्धता दोहराई।
फोन पर हुई बातचीत से पता चलता है कि ट्रंप ने भारत की आलोचना में नरमी बरती है, खास कर रूस से तेल खरीदने के मामले में लेकिन पाकिस्तान पर उनके दावों पर चर्चा से दोनों पक्षों के बीच विश्वास की कमी का संकेत मिलता है। यह बातचीत बुधवार को बनी अनिश्चितता के संदर्भ में महत्त्वपूर्ण हो जाती है कि प्रधानमंत्री रविवार से कुआलालंपुर में शुरू हो रहे पूर्वी एशिया शिखर सम्मेलन में शामिल होंगे या नहीं।
ट्रंप ने कहा है कि वह मलेशियाई राजधानी की यात्रा करेंगे। मोदी ने 2014 के बाद से केवल एक बार ही पूर्वी एशिया शिखर सम्मेलन में भाग नहीं लिया है।
अमेरिकी शुल्क लगाए जाने के बाद 16 सितंबर से मोदी और ट्रंप के बीच फोन पर यह तीसरी बातचीत है। 16 अक्टूबर को ट्रंप ने दावा किया था कि मोदी ने उन्हें फोन पर आश्वासन दिया है कि भारत रूसी तेल की खरीद बंद कर देगा। मगर उसके कुछ ही घंटों बाद भारत के विदेश मंत्रालय ने कहा कि उसे दोनों नेताओं के बीच ऐसी किसी भी फोन कॉल की जानकारी नहीं है।
हालांकि आज की फोन कॉल के बाद व्हाइट हाउस में पत्रकारों से बात करते हुए ट्रंप ने कहा कि भारत धीरे-धीरे रूसी तेल की खरीद कम करेगा। मोदी ने सोशल मीडिया पर पोस्ट किया, ‘राष्ट्रपति ट्रंप, आपकी फोन कॉल और दीवाली की हार्दिक शुभकामनाओं के लिए धन्यवाद। दीपों के इस पर्व पर हमारे दो महान लोकतंत्र दुनिया को आशा की किरण दिखाते रहें और सभी रूपों में आतंकवाद के खिलाफ एकजुट रहें।’
(साथ में एजेंसियां)