facebookmetapixel
भारतीय बैंकिंग में AI अपनाने की रफ्तार अभी धीमी: इकोनॉमिक सर्वेसुबह 6 से रात 11 बजे तक जंक फूड के विज्ञापनों पर रोक लगे: इकोनॉमिक सर्वे की सिफारिशEconomic Survey 2026: मनरेगा का अस्तित्व खत्म, VB-G RAM G से ग्रामीण रोजगार को मिलेगा बूस्टबजट 2026 से पहले पेंशन पर बड़ा फैसला संभव! SBI रिसर्च की रायEconomic Survey 2025-26: यूरिया महंगी होगी? इकोनॉमिक सर्वे ने दिया बड़ा फॉर्मूला, किसान को मिलेगा पैसाEconomic Survey 2026: वैश्विक उथल-पुथल के बीच भारत की स्थिति बेहतर, टैरिफ के बावजूद ग्रोथ में तेजी – सीईए नागेश्वरनसुप्रीम कोर्ट ने नए UGC नियमों के लागू होने पर रोक लगाई, जारी रहेंगे 2012 के नियमEconomic Survey: बजट से पहले क्यों जारी की जाती है यह रिपोर्ट, जानिए आर्थिक सर्वेक्षण का मतलबVi Revival Plan: 5G, 4G और अब 45,000 करोड़ रुपये का दांव- क्या यही Vi की आखिरी उम्मीद है?Economic Survey 2026: FY27 में GDP ग्रोथ 6.8–7.2% रहने का अनुमान, महंगाई बड़ी चुनौती नहीं; जानें सर्वे की मुख्य बातें

GST Council की बैठक से पहले दरों को युक्तिसंगत बनाने पर मंत्री समूह की बैठक

एक अधिकारी ने कहा, ‘‘ मंत्री समूह की बैठक आज होगी जिसमें अभी तक की प्रगति तथा भविष्य की कार्रवाई पर गौर किया जाएगा।’’

Last Updated- August 22, 2024 | 1:26 PM IST
GST
Representative image

जीएसटी परिषद की नौ सितंबर को होने वाली बैठक से पहले जीएसटी दरों को युक्तिसंगत बनाने पर मंत्री समूह (जीओएम) की बैठक यहां बृहस्पतिवार को होगी। सात राज्यों के मंत्रियों के इस समूह की यह पहली बैठक होगी।

इसके संयोजक बिहार के उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी हैं। समिति के अन्य सदस्य पश्चिम बंगाल की वित्त मंत्री चंद्रिमा भट्टाचार्य, कर्नाटक के राजस्व मंत्री कृष्णा बायरे गौड़ा, केरल के वित्त मंत्री के एन बालगोपाल, उत्तर प्रदेश के वित्त मंत्री सुरेश कुमार खन्ना, गोवा के परिवहन मंत्री मौविन गोडिन्हो, राजस्थान के चिकित्सक एवं स्वास्थ्य सेवा मंत्री गजेंद्र सिंह हैं।

एक अधिकारी ने कहा, ‘‘ मंत्री समूह की बैठक आज होगी जिसमें अभी तक की प्रगति तथा भविष्य की कार्रवाई पर गौर किया जाएगा।’’

जीएसटी परिषद ने जून में अपनी पिछली बैठक में मंत्री समूह को जीएसटी दरों को युक्तिसंगत बनाने उठाए गए कदमों का विस्तृत विवरण या एक मसौदा रिपोर्ट देने का काम सौंपा था। इसमें समिति द्वारा अभी तक किए गए काम की स्थिति तथा उसके समक्ष लंबित काम शामिल होंगे। मंत्री समूह को अपेक्षित दर युक्तिकरण तथा उलटे शुल्क ढांचे में सुधार के सुझाव देने का काम सौंपा गया है, जिसका मकसद दर ढांचे को सरल बनाना, जीएसटी छूट सूची की समीक्षा करना और वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) से राजस्व बढ़ाना है।

जीएसटी व्यवस्था में वर्तमान में शून्य, 5, 12, 18 और 28 प्रतिशत की पांच कर ‘स्लैब’ हैं। विलासिता (लग्जरी) तथा अवगुण (तंबाकू, मादक पेय आदि) वस्तुओं पर सर्वाधिक 28 प्रतिशत दर के अलावा उपकर लगाया जाता है। जीएसटी परिषद नौ सितंबर को अपनी 54वीं बैठक में दरों को युक्तिसंगत बनाने के लिए आगे की रणनीति पर चर्चा करेगी।

केंद्र तथा राज्यों के वित्त मंत्रियों वाली जीएसटी परिषद, वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) के संबंध में सर्वोच्च निर्णय लेने वाली संस्था है। यह एक जुलाई 2017 से काम कर रही है।

First Published - August 22, 2024 | 1:25 PM IST (बिजनेस स्टैंडर्ड के स्टाफ ने इस रिपोर्ट की हेडलाइन और फोटो ही बदली है, बाकी खबर एक साझा समाचार स्रोत से बिना किसी बदलाव के प्रकाशित हुई है।)

संबंधित पोस्ट