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CRCS-Sahara रिफंड पोर्टल से करोड़ों जमाकर्ताओं को अपना धन पाने में मदद मिलेगी: अमित शाह

शाह ने जमाकर्ताओं को भरोसा दिया कि अब उनका धन कोई नहीं रोक सकता है और पोर्टल पर पंजीकरण करने के 45 दिनों में उन्हें रिफंड मिल जाएगा।

Last Updated- July 18, 2023 | 2:05 PM IST
Amit Shah

सहकारिता मंत्री अमित शाह ने मंगलवार को ‘सीआरसीएस-सहारा रिफंड पोर्टल’ की शुरुआत की। इस पोर्टल का मकसद सहारा समूह की चार सहकारी समितियों में जमा करोड़ों लोगों की मेहतन की कमाई को लगभग 45 दिनों में वापस करना है।

उन्होंने इसे एक ऐतिहासिक क्षण बताते हुए उन्होंने कहा कि यह पहली बार है जब जमाकर्ताओं को ऐसे मामले में उनका धन वापस मिल रहा है, जहां कई सरकारी एजेंसियां शामिल हैं और प्रत्येक ने संपत्ति जब्त की है।

शाह ने जमाकर्ताओं को भरोसा दिया कि अब उनका धन कोई नहीं रोक सकता है और पोर्टल पर पंजीकरण करने के 45 दिनों में उन्हें रिफंड मिल जाएगा। सरकार ने 29 मार्च को कहा था कि चारों सहकारी समितियों के 10 करोड़ निवेशकों को नौ महीने के भीतर धन लौटा दिया जाएगा। यह घोषणा उच्चतम न्यायालय के उस आदेश के बाद हुई, जिसमें सहारा-सेबी रिफंड खाते से 5,000 करोड़ रुपये सहकारी समितियों के केंद्रीय पंजीयक (सीआरसीएस) को हस्तांतरित करने का निर्देश दिया गया था।

उन्होंने कहा कि शुरुआत में जमाकर्ताओं को 10,000 रुपये तक का रिफंड मिलेगा और बाद में उन लोगों के लिए राशि बढ़ाई जाएगी जिन्होंने अधिक निवेश किया है। उन्होंने कहा कि 5,000 करोड़ रुपये का कोष पहले चरण में 1.7 करोड़ जमाकर्ताओं को राहत देने में सक्षम होगा।

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चार सहकारी समितियों- सहारा क्रेडिट कोऑपरेटिव सोसाइटी लिमिटेड, सहारायन यूनिवर्सल मल्टीपर्पज सोसाइटी लिमिटेड, हमारा इंडिया क्रेडिट कोऑपरेटिव सोसाइटी लिमिटेड और स्टार्स मल्टीपर्पज कोऑपरेटिव सोसाइटी लिमिटेड में लगभग 2.5 करोड़ लोगों के 30,000 रुपये तक जमा हैं।

शाह ने कहा, ”5,000 करोड़ रुपये जमाकर्ताओं को दिए जाने के बाद हम उच्चतम न्यायालय का दरवाजा खटखटाएंगे और उनसे अधिक धनराशि जारी करने का अनुरोध करेंगे, ताकि बड़ी राशि वाले अन्य जमाकर्ताओं का पूरा धन वापस किया जा सके।”

इन सहकारी समितियों के जमाकर्ताओं के वैध दावे प्रस्तुत करने के लिए आईएफसीआई की एक सहायक कंपनी ने पोर्टल विकसित किया है। शाह ने कहा कि इसके लिए दो बातें जरूरी हैं – मोबाइल के साथ आधार पंजीकरण और उस बैंक खाते से आधार को जोड़ना, जिसमें रिफंड जमा करना है। उन्होंने कहा कि पोर्टल पर ऑनलाइन पंजीकरण के लिए साझा सेवा केंद्र जमाकर्ताओं की मदद करेंगे।

First Published - July 18, 2023 | 2:05 PM IST (बिजनेस स्टैंडर्ड के स्टाफ ने इस रिपोर्ट की हेडलाइन और फोटो ही बदली है, बाकी खबर एक साझा समाचार स्रोत से बिना किसी बदलाव के प्रकाशित हुई है।)

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