facebookmetapixel
Advertisement
Balanced Advantage Funds में बढ़ा इक्विटी दांव, गिरते वैल्यूएशन के बीच फंड मैनेजरों ने बदली रणनीतिभारत को AI इंफ्रास्ट्रक्चर में निवेश बढ़ाना होगा; टैक्स-छूट की घोषणा बड़ा अवसर: Nvidia‘वैश्विक AI खाई को पाटने की तुरंत जरूरत’: एआई समिट में माइक्रोसॉफ्ट प्रेसिडेंटBaroda BNP Paribas के ELSS फंड का कमाल, ₹10,000 की मंथली SIP से 20 साल में ₹1 करोड़; साथ में मिला टैक्स बेनेफिटदेश की आ​र्थिक सेहत के लिए सोने-चांदी का आयात बना चुनौती! ट्रेड डील से राहत की उम्मीदGovt Scheme: सड़क हादसे के बाद नहीं लगेगा एक भी रुपया! इस सरकारी योजना में मिलेगा 1.5 लाख तक फ्री इलाजStocks To Buy: रोड और इंफ्रा से जुड़े शेयरों में बन सकता है अच्छा मुनाफा, एक्सिस ने ₹275 से ₹1450 तक के दिए टारगेटAadhaar Update: बस एक ‘Hi’ भेजें और मोबाइल पर पाएं आधार कार्ड; जानें डाउनलोड करने का सबसे आसान तरीकाAI Impact Summit 2026: लेफ्टिनेंट जनरल विपुल सिंघल का बड़ा बयान- AI सिर्फ सलाह दे सकता है, आदेश नहीं₹140 तक जाएगा 100 रु का इंफ्रा स्टॉक! ब्रोकरेज ने कहा- Q3 ने दिखाया बड़ा बदलाव

माइक्रोफाइनैंस सेक्टर पर बढ़ा दबाव: कर्जदाताओं की चूक दर दोगुनी, RBI की चेतावनी

Advertisement

कई कर्जदाताओं से कर्ज लेने वालों की संख्या बढ़ी, ज्यादा ब्याज वसूली पर RBI की सख्ती

Last Updated- December 30, 2024 | 11:12 PM IST
microfinance

भारतीय रिजर्व बैंक ने सोमवार को कहा है कि अप्रैल सितंबर के दौरान माइक्रोफाइनैंस सेक्टर पर दबाव बढ़कर दोगुना हो गया है। इनकी 31 से 180 दिन बकाये वाली संपत्तियां (डीपीडी) 2.15 प्रतिशत से बढ़कर 4.30 प्रतिशत हो गई हैं। इसके साथ ही उधार लेने वाले ऐसे लोगों की संख्या बढ़ी है, जिन्होंने कई कर्जदाताओं से कर्ज लिया है।

वित्तीय स्थिरता रिपोर्ट के मुताबिक वित्त वर्ष 2025 के अप्रैल-सितंबर की अवधि के दौरान माइक्रोफाइनैंस (एमएफआई) सेक्टर की दबाव वाली संपत्तियां, जिनके ऋण भुगतान में 31 से 180 दिन की देरी (डीपीडी) हुई है, बढ़कर सितंबर 2025 में 4.30 प्रतिशत हो गई हैं, जो मार्च 2024 में 2.15 प्रतिशत थीं।

रिपोर्ट में रिजर्व बैंक ने कहा है कि माइक्रोफाइनैंस सेक्टर पर दबाव के संकेत दिख रहे हैं और सभी तरह के कर्जदाताओं और सभी आकार के कर्ज में चूक बढ़ रही है। इसके अलावा कई कर्जदाताओं से ज्यादा कर्ज लेने वाले कर्जदारों की संख्या भी लगातार उच्च बनी हुई है। चूक बढ़ने के बावजूद पिछले 3 साल के दौरान ऐसे लोगों की संख्या तेजी से बढ़ी है, जिन्होंने 4 या इससे ज्यादा कर्जदाताओं से कर्ज लिया है।

रिजर्व बैंक ने यह भी कहा कि महामारी के बाद माइक्रोफाइनैंस क्षेत्र में ऋण में वृद्धि के बीच कुछ एनबीएफसी-एमएफआई और अन्य एनबीएफसी अत्यधिक उच्च ब्याज दर वसूलते पाए गए, जिसके परिणामस्वरूप अक्टूबर 2024 में पर्यवेक्षी कार्रवाई की गई।

Advertisement
First Published - December 30, 2024 | 11:12 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement