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हेलीकॉप्टर दुर्घटनाएं बढ़ने से बीमा प्रीमियम में भी भारी वृद्धि संभव

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वित्त वर्ष 2025 में भारत में विमानन क्षेत्र ने करीब 1,010 करोड़ रुपये का प्रीमियम जमा कराया था, जो एक साल पहले के मुकाबले 4 फीसदी अधिक है।

Last Updated- June 18, 2025 | 11:22 PM IST
helicopter

भारत में हेलीकॉप्टर बीमा के प्रीमियम से 15 से 30 फीसदी इजाफा होने की संभावना है। उद्योग के अंदरूनी सूत्रों का ऐसा मानना है। उन्होंने बताया कि हाल के दिनों में बढ़ती दुर्घटना और वैश्विक बीमाकर्ताओं को हो रहे विमानन नुकसान के कारण प्रीमियम में वृद्धि हो सकती है।

विमानन बीमा काफी हद तक पुनर्बीमा पर आधारित है, जिसमें सामान्य विमानन बाजार में कॉरपोरेट जेट, हेलीकॉप्टर शामिल होते हैं, जो भारत में इस क्षेत्र का 15 फीसदी है। शेष हिस्सेदारी वाणिज्यिक विमानन की है।

उल्लेखनीय है कि वित्त वर्ष 2025 में भारत में विमानन क्षेत्र ने करीब 1,010 करोड़ रुपये का प्रीमियम जमा कराया था, जो एक साल पहले के मुकाबले 4 फीसदी अधिक है। सामान्य विमानन क्षेत्र में प्रीमियम की दरें देनदारियों के साथ-साथ विमान कितना पुराना है और उसमें कितने लोगों के बैठने की क्षमता है के आधार पर तय की जाती थी।

हेलीकॉप्टर का पतवार मूल्य 25 से 30 करोड़ रुपये तक हो सकता है, जो 100 करोड़ रुपये तक भी जा सकता है। उद्योग के जानकारों के मुताबिक, हेलीकॉप्टरों के लिए औसत प्रीमियम करीब 75 लाख रुपये है। विमानन बीमा बाजार में सख्ती के कारण इसमें 25 से 30 फीसदी की वृद्धि होने की संभावना है।

एक बीमा ब्रोकर ने बताया, ‘पिछले कुछ महीनों में 5 से 6 हेलीकॉप्टर दुर्घटनाएं हो चुकी हैं। कुल मिलाकर भारतीय बीमाकर्ता प्रीमियम के मुकाबले दावों के भुगतान के लिए दबाव में हैं।  हमने छोटे रोटर विंग ऑपरेटर के लिए दरों में तेज वृद्धि देखी है, खासकर वे जो केदारनाथ, चारधाम और शायद छोटे सामान्य विमानन हेलीकॉप्टर ऑपरेटर के लिए उड़ान भरते हैं। कुछ मामलों में प्रीमियम की रकम दोगुनी हो गई है। इसके अलावा, एयर इंडिया का विमान दुर्घटनाग्रस्त होने के बाद आने वाले महीनों में बीमा बाजार में सख्ती का जाएगी।’

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First Published - June 18, 2025 | 10:39 PM IST

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