facebookmetapixel
AI में आत्मनिर्भरता की जरूरत, भारत को सभी स्तरों पर निवेश करना होगा: अभिषेक सिंहAI में 33% बढ़ी नौकरियां, सरकार हर स्तर पर कर रही काम; 10 लाख युवाओं को मिलेगी ट्रेनिंग: वैष्णवडिकंट्रोल से लाभ: प्रतिबंध हटाने से देश को मिलेंगे बड़े फायदेEditorial: प्रगति प्लेटफॉर्म से इंफ्रास्ट्रक्चर को रफ्तार, रुकी परियोजनाओं को मिली गतिवेनेजुएला संकट का भारतीय IT कंपनियों पर कोई खास असर नहीं पड़ेगा, कारोबार रहेगा स्थिरउत्तर प्रदेश की मतदाता सूची में बड़ी छंटनी, SIR में करीब तीन करोड़ लोगों के नाम कटेबांग्लादेश में छात्र नेता की हत्या पर उबाल, भारतीयों के ‘वर्क परमिट’ रद्द करने की मांगकई राज्यों में दूषित पानी से सेहत पर संकट, देशभर में बढ़ रहा जल प्रदूषण का खतरानए हवाई अड्डों से होटल उद्योग को मिलेगी रफ्तार, नवी मुंबई और नोएडा बने नए हॉस्पिटैलिटी हबगांवों में कार बिक्री ने शहरों को पछाड़ा, 2025 में ग्रामीण बाजार बना ऑटो सेक्टर की ताकत

नीलामी से पहले सरकारी बॉन्ड बाज़ार ने बढ़त गंवा दी

अतिरिक्त नकदी गिरकर 2.62 लाख करोड़ रुपये रह गई, जो इसके पहले के सप्ताह में ट्रेजरी बिल की नीलामी में 3.97 लाख करोड़ रुपये थी।

Last Updated- August 13, 2025 | 10:31 PM IST
Bonds

गुरुवार को होने वाली साप्ताहिक नीलामी से पहले सतर्कता के कारण बुधवार को कारोबार की समाप्ति तक सरकारी बॉन्ड बाज़ार ने लगभग पूरी बढ़त गंवा दी। सरकारी बॉन्ड की साप्ताहिक नीलामी गुरुवार को होनी है क्योंकि शुक्रवार को स्वतंत्रता दिवस के कारण बाजार बंद रहेंगे। डीलरों कहा कि दिन के कारोबार में 10 साल के बेंचमार्क सरकारी बॉन्ड शॉर्ट कवरिंग के कारण 3 आधार अंक नीचे गए। ये 6.48 प्रतिशत पर बंद हुए, जबकि पिछली बंदी 6.49 प्रतिशत थी।

एक प्राइमरी डीलरशिप के डीलर ने कहा, ‘प्राइमरी डीलरों और सरकारी बैंकों ने सुबह शॉर्ट कवरिंग की।’ उन्होंने कहा कि बाद में रिजर्व बैंक द्वारा कल (गुरुवार) की नीलामी के बारे में पूछताछ किए जाने की अटकलों के कारण सावधानी बरती गई और बिकवाली हुई। बाजार भागीदारों ने कहा कि हर सप्ताह केंद्र व राज्य सरकारों के 50,000 करोड़ रुपये के बॉन्ड बाजार में आ रहे हैं और बाजार में नुकसान के कारण निवेश व ट्रेडिंग के बही खाते पर पहले से ही दबाव है।  ऐेसे में नए बॉन्ड खरीदने की क्षमता तेजी से घट रही है। आगे रिजर्व बैंक द्वारा ओपन मार्केट ऑपरेशन कराए जाने की उम्मीद कम होने के कारण खरीदार कदम आगे बढ़ाने से हिचक रहे हैं।

बाजार भागीदारों ने कहा कि अंडरराइटिंग शुल्क पहले के सप्ताह से अधिक हो सकता है। एक प्राइमरी डीलरशिप के डीलर ने कहा, ‘सरकार के बॉन्ड की यील्ड नीलामी में होने वाली मांग पर निर्भर होगी। सावधानी तो बरती जा रही है, लेकिन मोटे तौर पर नीलामी सफल होनी चाहिए। अंडरराइटिंग शुल्क सामान्य से ज्यादा हो सकता है।’ 

सरकार ने 50,000 करोड़ रुपये के 2030 बॉन्ड और 13,000 करोड़ रुपये के नए 2055 बॉन्ड बेचने की योजना बनाई है। बुधवार को साप्ताहिक नीलामी में ट्रेजरी बिल पर कटऑफ दर 2 आधार अंक बढ़ी क्योंकि अतिरिक्त नकदी गिरकर 2.62 लाख करोड़ रुपये रह गई, जो इसके पहले के सप्ताह में ट्रेजरी बिल की नीलामी में 3.97 लाख करोड़ रुपये थी।

First Published - August 13, 2025 | 10:26 PM IST

संबंधित पोस्ट