जनवरी से मार्च तिमाही के दौरान आपूर्ति के दबाव के कारण सोमवार को सरकारी बॉन्ड की यील्ड में तेजी देखी गई। राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों ने राज्य विकास ऋण (एसडीएल) के माध्यम से 4.99 लाख करोड़ रुपये तक जुटाने की योजना की घोषणा की है और उम्मीद की जा रही है कि 10 साल की केंद्र सरकार की सिक्योरिटीज और राज्य बॉन्डों का स्प्रेड बढ़ेगा, जो इस समय 80 से 100 आधार अंक के करीब है।
10 साल के सरकारी बॉन्ड का यील्ड 6.64 प्रतिशत पर बंद हुआ, जबकि पहले की बंदी 6.60 प्रतिशत थी।
एक प्राइमरी डीलरशिप के डीलर ने कहा, ‘एसडीएल की अधिक आपूर्ति के कारण एक अंतर के साथ यील्ड खुली।’ उन्होंने कहा कि 10 साल के बेंचमार्क बॉन्ड की यील्ड 6.65 प्रतिशत पर इसलिए बची रह पाई, क्योंकि सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों ने खरीदारी की।
बाजार के भागीदारों ने कहा कि 40,000 से 50,000 करोड़ रुपये की भारी साप्ताहिक आपूर्ति ऐसे समय में आ रही है, जब दर में कटौती की संभावना ठहर गई है। इससे मांग की धारणा सीमित हो रही है और राज्यों के बॉन्ड और सरकारी बॉन्डों के यील्ड में निकट भविष्य के हिसाब से वृद्धि की संभावना है, भले ही ओपन मार्केट ऑपरेशन के माध्यम से रिजर्व बैंक सहयोग करता रहे।
एक बाजार भागीदार ने कहा, ‘अगर बेंचमार्क यील्ड 6.65 प्रतिशत के दायरे को तोड़ती है तो यह 6.70 प्रतिशत की ओर बढ़ेगी। अगर यह वापसी करता है तो उसका अगला विराम 6.60 पर होगा।’ उन्होंने कहा, ‘कल (मंगलवार को) एसडीएल का कट ऑफ ही बाजार की स्थिति तय करेगा।’