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NABARD ने बॉन्ड बाजार से जुटाए ₹6,779 करोड़, 7.01% की यील्ड पर निवेशकों ने दिखाया जबरदस्त भरोसा

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हालांकि, वित्त वर्ष 2026 में कॉरपोरेट बॉडों से धन जुटाने की रफ्तार सुस्त रही है। भूराजनीतिक तनाव के कारण उच्च यील्य की वजह से जारीकर्ताओं का उत्साह कम रहा है

Last Updated- February 16, 2026 | 10:38 PM IST
NABARD
प्रतीकात्मक तस्वीर | फाइल फोटो

डीलरों ने कहा कि राष्ट्रीय कृषि एवं ग्रामीण विकास बैंक (नाबार्ड) ने 7.01 प्रतिशत के कट-ऑफ यील्ड पर 3 साल के बॉन्ड के माध्यम से 6,779 करोड़ रुपये जुटाए। बाजार हिस्सेदारों ने कीमतों को जारीकर्ता के अनुकूल बताया है।

वहीं आरईसी लिमिटेड बुधवार को 3000 करोड़ रुपये तक जुटाने के लिए बॉन्ड बाजार में आएगी। इश्यू का बेस साइज 500 करोड़ रुपये और ग्रीन-शू ऑप्शन 2,500 करोड़ रुपये है। बॉन्ड की अवधि एक साल, 11 महीने और 29 दिन है।

आईआईएफएल  फाइनेंस ने 2,000 करोड़ रुपये तक जुटाने के लिए अपने सिक्योर्ड एनसीडी का पब्लिक इश्यू खोला है, जिसमें 500 करोड़ रुपये का बेस इश्यू और 1,500 करोड़ रुपये का ग्रीन-शू ऑप्शन शामिल है। मंगलवार को खुलने वाला यह इश्यू 4 मार्च को बंद होगा।इसमें दो, तीन और पांच साल की मैच्योरिटी और 8.7 प्रतिशत से 9 प्रतिशत तक ब्याज के साथ 9 सीरीज की पेशकश की गई है। इससे मिलने वाले धन का इस्तेमाल उधार देने, रीफाइनेंसिंग और कंपनी के सामान्य कामकाज के लिए होगा।

पिछले सप्ताह सरकार के प्रमुख जारीकर्ताओं ने बाजार से 20,000 करोड़ रुपये से अधिक जुटाए थे।

वित्त वर्ष 2026 में कॉरपोरेट बॉडों से धन जुटाने की रफ्तार सुस्त रही है। भूराजनीतिक तनाव के कारण उच्च यील्य की वजह से जारीकर्ताओं का उत्साह कम रहा है। वित्त वर्ष 2025-26 (अप्रैल-दिसंबर) के शुरुआती 9 महीनों के दौरान बॉन्ड के माध्यम से धन जुटाने की रफ्तार पिछले साल से 6 प्रतिशत घटकर 6.76 लाख करोड़ रुपये रह गई।

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First Published - February 16, 2026 | 10:38 PM IST

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