प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत की मेजबानी में हो रहे इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट का आगाज किया। आज शाम को प्रधानमंत्री ने एआई इम्पैक्ट एक्सपो का उद्घाटन किया। इस 5 दिवसीय वैश्विक सम्मेलन का आयोजन नई दिल्ली के भारत मंडपम में किया जा रहा है। मोदी एक्सपो सेंटर में आर्टिफिशल इंटेलिजेंस (एआई) में अपने नवीनतम नवाचार को प्रदर्शित कर रहे कई स्टार्टअप और कंपनियों के स्टॉलों पर भी गए।
प्रधानमंत्री सर्वम के स्टॉल भी गए जो भारत का पहला स्वदेशी लार्ज लैंग्वेज मॉडल (एलएलएम) बनाने के लिए 10,372 करोड़ रुपये के इंडिया एआई मिशन के तहत चुने गए स्टार्टअप में से एक है। सर्वम के अलावा मोदी ने एचसीएलटेक और रिलायंस जियो जैसी दूसरी कंपनियों की प्रदर्शनी भी देखी, साथ ही भारतजेन, शोध एआई, ज्ञानी डॉट एआई, सॉकेट, मिको, एडवर्ब और वाधवानी एआई जैसे स्टार्टअप के स्टॉल का भी मुआयना किया। समिट को लेकर लोगों के उत्साह का अंदाज इससे लगाया जा सकता है कि पहले ही दिन प्रदर्शनी स्थल में प्रवेश के लिए लंबी कतार लग गई थी।
पांच दिन तक चलने वाले इस समिट में अलग-इलग सत्र के दौरान अल्फाबेट और गूगल के सीईओ सुंदर पिचाई, ओपनएआई के सीईओ सैम ऑल्टमैन, रिलायंस समूह के चेयरमैन मुकेश अंबानी, एंथ्रोपिक के सीईओ डारियो अमोदेई, नोबेल पुरस्कार विजेता और गूगल डीपमाइंड के सीईओ डेमिस हसाबिस और गेट्स फाउंडेशन के चेयरमैन बिल गेट्स सहित दुनिया भर के एआई दिग्गज शिरकत करेंगे।
इससे पहले दिन में केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिकी और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि भारत मीडिया में एआई के गलत इस्तेमाल को रोकने के लिए आवश्यक तकनीकी और कानूनी समाधानों पर एक समझौते पर पहुंचने के लिए 30 से ज्यादा देशों के साथ बातचीत कर रहा है। उन्होंने मोशन पिक्चर एसोसिएशन के चेयरमैन और सीईओ चार्ल्स रिवकिन के साथ फायरसाइड चैट में ये बातें कहीं।
केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिकी एवं आईटी राज्य मंत्री जितिन प्रसाद ने कहा कि एआई छात्रों और शिक्षकों के लिए सीखने के मानक को बेहतर बना सकता है लेकिन इसे ऐसा शॉर्टकट नहीं समझना चाहिए।’
आईटी मंत्रालय में सचिव एस कृष्णन ने कहा कि माइक्रोन इस महीने के आखिर तक अपनी गुजरात इकाई में वाणिज्यिक उत्पादन शुरू कर देगी।