Stock Market Closing Bell, February 16, 2026: एशियाई बाजारों से मिलेजुले रुख के बीच भारतीय शेयर बाजार हफ्ते के पहले ट्रेडिंग सेशन यानी सोमवार (16 फरवरी) को बढ़त में बंद हुए। सपाट शुरुआत के बाद कारोबार के दूसरे हाफ में निचले स्तर पर खरीदारी से बाजार को सपोर्ट मिला। इससे पहले शुरुआती कारोबार में सीमित दायरे में कारोबार देखने को मिला। इंडेक्स हैवीवेट एचडीएफसी बैंक और रिलायंस इंडस्ट्रीज (RIL) के शेयरों में तेजी ने बढ़त में अहम भूमिका निभाई।
तीस शेयरों वाला बीएसई सेंसेक्स (BSE Sensex) गिरावट के साथ 82,480 अंक पर खुला। खुलने के बाद इंडेक्स में सीमित दायरे में कारोबार दिखा। लेकिन अंत में 650.39 अंक या 0.79 प्रतिशत की बढ़त लेकर 83,277.15 पर बंद हुआ।
इसी तरह, नैशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) का निफ्टी-50 (Nifty-50) भी गिरावट लेकर 25,423.60 पर था। शुरुआत में इंडेक्स लाल और हरे निशान के बीच डोलता रहा। लेकिन अंत में 211.65 अंक या 0.83 प्रतिशत की बढ़त के साथ 25,682 पर बंद हुआ।
एनरिच मनी के सीईओ पोनमुडी आर ने कहा, ”भारतीय शेयर बाजार दिन के अंत में स्थिर से हल्की तेजी के साथ बंद हुआ। अलग-अलग सेक्टरों में खरीदारी का रुख बदलता रहा। इससे बाजार को सहारा मिला। हालांकि वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताएं अभी भी बनी हुई हैं। सबसे ज्यादा तेजी वित्तीय शेयरों में दिखी। सरकारी और निजी दोनों बैंकों में लगातार खरीदारी हुई। नियमों को लेकर स्थिति साफ होने और बाजार में नकदी की स्थिति ठीक रहने से निवेशकों का भरोसा बढ़ा। इससे कर्ज बढ़ने की उम्मीद और बैंकिंग सेक्टर की स्थिति मजबूत रहने का संकेत मिला।”
उन्होंने कहा, ”कैपिटल गुड्स, रियल्टी, कंज्यूमर और मेटल शेयरों में भी मजबूती रही। इसकी वजह घरेलू मांग के मजबूत रहने और इंफ्रास्ट्रक्चर पर खर्च जारी रहने की उम्मीद मानी जा रही है। वहीं, आईटी सेक्टर के शेयर तुलना में कमजोर रहे। ऐसा इसलिए क्योंकि वैश्विक मांग को लेकर अभी भी सतर्कता बनी हुई है और बड़े निवेशक चुनिंदा शेयरों में ही रुचि दिखा रहे हैं।”
पोनमुडी आर ने कहा कि दिन के दूसरे हिस्से में निवेशकों का भरोसा बढ़ता दिखा और जोखिम लेने की क्षमता में सुधार आया। इसका मतलब है कि निवेशक धीरे-धीरे नीतियों से जुड़ी शॉर्ट टर्म चिंताओं को नजरअंदाज कर रहे हैं और अब उनका ध्यान कंपनियों की कमाई की मजबूती और घरेलू अर्थव्यवस्था की ताकत पर जा रहा है। कुल मिलाकर बाजार की स्थिति यह दिखाती है कि चुनिंदा शेयरों में खरीदारी हो रही है और बाजार का माहौल धीरे-धीरे बेहतर हो रहा है।
सेंसेक्स की कंपनियों में पावर ग्रिड, एचडीएफसी बैंक, एक्सिस बैंक, एनटीपीसी, आईटीसी और एशियन पेंट्स में अच्छी तेजी देखने को मिली। ये शेयर करीब 4.5% तक चढ़े। वहीं दूसरी तरफ टेक महिंद्रा, मारुति सुजुकी, बजाज फाइनेंस, एमएंडएम और ट्रेंट इंडिया के शेयर 1.3% तक गिरावट में रहे।
बीएसई, एंजेल वन और एमसीएक्स के शेयरों में 10% तक की गिरावट आई। यह गिरावट भारतीय रिजर्व बैंक की कैपिटल मार्केट में निवेश से जुड़े नियमों में बदलाव के बाद आई। जेएम फाइनेंशियल का कहना है कि नए नियम बैंकों के लिए फायदेमंद हो सकते हैं। लेकिन ब्रोकरेज कंपनियों के लिए फंडिंग के मामले में सख्ती बढ़ेगी।
ब्रोडर मार्केट में निफ्टी मिडकैप इंडेक्स 0.48% और निफ्टी स्मॉलकैप इंडेक्स 0.11% की बढ़त के साथ बंद हुए। सेक्टर की बात करें तो रियल एस्टेट, सरकारी बैंक, निजी बैंक और फार्मा शेयरों में खरीदारी दिखी, जबकि ऑटो और मेटल सेक्टर के शेयरों पर दबाव बना रहा।
एशिया क्षेत्र के बड़े शेयर बाजार सोमवार को शुरुआती कारोबार में गिरावट के साथ खुले। इसका असर भारतीय शेयर बाजार पर भी पड़ सकता है। जापान का निक्केई 225 (Nikkei 225) 0.1% नीचे कारोबार कर रहा था। इसकी वजह यह रही कि ताजा आंकड़ों में दिखा कि अक्टूबर-दिसंबर तिमाही में जापान की जीडीपी उम्मीद से कम बढ़ी, हालांकि देश तकनीकी मंदी से बच गया।
जापान की जीडीपी इस अवधि में सालाना आधार पर 0.2% बढ़ी, जबकि अनुमान 1.6% बढ़त का था। हॉन्गकॉन्ग का हैंग सेंग 0.67% नीचे था, जबकि ऑस्ट्रेलिया का S&P 200 सोमवार को 0.27% ऊपर कारोबार कर रहा था। दक्षिण कोरिया और चीन (मेनलैंड) के वित्तीय बाजार सोमवार को बंद हैं।
वहीं, अमेरिका में शुक्रवार को एस एंड पी 500 और डाउ जोन्स क्रमशः 0.05% और 0.12% की बढ़त के साथ बंद हुए। नैस्डैक 0.22% गिरकर बंद हुआ। अमेरिकी महंगाई का डेटा उम्मीद के मुताबिक ही रहा, लेकिन इसके बाद भी बाजार में कोई बड़ी तेजी नहीं दिखी।