facebookmetapixel
Advertisement
Axis AMC ने खरीदा Axis Securities का PMS बिजनेस, AUM बढ़कर ₹15,000 करोड़बारिश की कमी होगी दूर? 10 हजार किमी लंबी मॉनसूनी पट्टी से झमाझम बारिश के संकेतयूपी सरकार की मुफ्त स्कूटी योजना का किसे मिलेगा फायदा? जानिए पूरी डीटेलSteel Stocks: चीन का सस्ता स्टील बढ़ाएगा मुश्किलें? Q1 नतीजों से पहले भारतीय कंपनियों पर बढ़ा दबावSuzlon को 201.6 MW का बड़ा ऑर्डर, Waaree Group के पहले विंड एनर्जी के लिए समझौताJSW Energy vs Adani Green: किस शेयर पर ज्यादा बुलिश हैं ब्रोकरेज, कहां मिल सकता है बड़ा रिटर्न?Xtranet Technologies IPO में पैसा लगाएं या नहीं? जानें प्राइस बैंड, GMP और एक्सपर्ट ने क्या दी सलाहरियल एस्टेट का आउटलुक मजबूत, अब नहीं बिगड़ेंगे हालात; ऑफिस मार्केट बनेगा सबसे बड़ा सहारा!आय बढ़ी तो बीमा कवर भी बढ़ाएं? जानें टर्म प्लान अपडेट करना कब हो जाता है जरूरीLohia Corp IPO: सब्सक्रिप्शन के लिए खुला इश्यू, पैसा लगाएं या नहीं? जानें GMP, प्राइस बैंड और एक्सपर्ट की राय

‘AI और रोजगार का तालमेल जरूरी’, मुख्य आर्थिक सलाहकार वी अनंत नागेश्वरन ने दिया विकास का नया मंत्र

Advertisement

मुख्य आर्थिक सलाहकार ने यह भी कहा कि यह अपने आप नहीं होगा। इसके लिए निजी क्षेत्र, शिक्षाविदों और नीति निर्माताओं को एक टीम के रूप में मिलकर प्रयास करना होगा

Last Updated- February 16, 2026 | 11:08 PM IST
v anantha nageswaran
मुख्य आर्थिक सलाहकार वी अनंत नागेश्वरन | फाइल फोटो

आर्टिफिशल इंटेलिजेंस (एआई) को अपनाने के लिए तत्परता, राजनैतिक इच्छाशक्ति और तकनीक को व्यापक स्तर पर रोजगार क्षमता के साथ जोड़ने के लिए राष्ट्रीय स्तर पर प्रतिबद्धता की आवश्यकता है। मुख्य आर्थिक सलाहकार वी अनंत नागेश्वरन ने सोमवार को एआई इम्पैक्ट समिट में यह बात कही।

एआई के युग में रोजगार क्षमता के भविष्य पर वर्चुअल संबोधन में नागेश्वरन ने कहा, ‘संस्थागत अनुशासन और निरंतर क्रियान्वयन के साथ भारत पहला ऐसा बड़ा समाज हो सकता है, जो यह दिखा सके कि जनशक्ति और मशीन इंटेलिजेंस एक-दूसरे को कमजोर नहीं, बल्कि मजबूत बना सकते हैं।’

मुख्य आर्थिक सलाहकार ने यह भी कहा कि यह अपने आप नहीं होगा। इसके लिए निजी क्षेत्र, शिक्षाविदों और नीति निर्माताओं को एक टीम के रूप में मिलकर प्रयास करना होगा।

उन्होंने कहा, ‘अवसरों की खिड़की अभी भी खुली है, लेकिन ऐसा अनिश्चित समय तक नहीं होगा। भारत के लिए यह काम के भविष्य पर बहस नहीं है। यह विकास, सामाजिक स्थिरता और एकजुटता के भविष्य के बारे में है। हमें अभी और तुरंत इस दिशा में आगे बढ़ कर काम करना होगा।’ उन्होंने कहा कि एआई को अपनाने की दिशा में पहला कदम शिक्षा, अध्यापन और बुनियादी कौशल प्रदान करने में सुधार के साथ शुरू होगा। उन्होंने कहा कि देशों को शिक्षा की नींव को मजबूत कर, उच्च गुणवत्ता वाले कौशल प्रदान कर, श्रम वाले क्षेत्रों का विस्तार कर और नियामकीय बाधाओं को दूर कर निर्णायक रूप से आगे बढ़ने की आवश्यकता है। उन्होंने ने कहा, ‘एआई और रोजगार क्षमता के साथ समृद्धि का रास्ता वहीं से शुरू होता है।’

Advertisement
First Published - February 16, 2026 | 11:08 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement