केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने मंगलवार को कहा कि देश में आर्टिफिशल इंटेलिजेंस (एआई) क्षेत्र की प्रतिभाओं को नौकरी देने में 33 फीसदी का इजाफा हुआ है।
राजस्थान रीजनल एआई इंपैक्ट समिट को आभासी रूप में संबोधित करते हुए वैष्णव ने कहा कि सरकार उद्योग जगत के साथ मिलकर काम कर रही है ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि एआई ढांचे के सभी पांच स्तरों में विकास हो। इसमें ऐप्लीकेशन स्तर, लार्ज ऐंड स्मॉल लैंगुएज मॉडल स्तर, सेमीकंडक्टर चिप्स ऐंड डेटा सेंटर स्तर और एनर्जी सप्लाई शामिल हैं।
वैष्णव ने कहा, ‘हम देश की सभी आईटी कंपनियों के साथ काम कर रहे हैं और देखना चाहते हैं कि कैसे एआई का इस्तेमाल करके ऐप्लिकेशन विकसित की जा सकती हैं ताकि इस तकनीक का बेहतर इस्तेमाल किया जा सके। हमने इसमें कामयाबी हासिल की है।’
उन्होंने कहा कि नागरिकों के हित में एआई का बेहतर विकास और उपयोग सुनिश्चित करने के लिए, इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने मंगलवार को एक नया कार्यक्रम शुरू किया है, जिसके तहत अगले एक वर्ष में 10 लाख युवाओं को एआई कौशल में प्रशिक्षित किया जाएगा। इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री जितिन प्रसाद ने रीजनल एआई इंपैक्ट समिट को संबोधित करते हुए कहा कि भारत का एआई मिशन स्वास्थ्य सेवा, कृषि और शिक्षा में एआई जैसी तकनीकों का उपयोग करके व्यापक बदलाव लाने पर केंद्रित है।
मंगलवार को राजस्थान ने एआई और मशीन लर्निंग नीति 2026 भी जारी की। इसका लक्ष्य जवाबदेह, समावेशी और नवाचार आधारित एआई को बढ़ावा देना है। नीति जारी करने के बाद राज्य के मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा ने कहा कि राजस्थान जल्दी ही स्कूलों, कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में एआई के इस्तेमाल को बढ़ावा देगा। शर्मा ने कहा, ‘एआई की मदद से कई सकारात्मक बदलाव लाए जा सकते हैं। यह केवल एक और तकनीक भर नहीं है बल्कि विकास को सब तक पहुंचाने का एक तरीका भी है।’ उन्होंने कहा कि एआई इंसानी तरक्की की एक नई भाषा का सृजन कर रहा है।
राजस्थान रीजनल एआई इम्पैक्ट समिट देशभर में आयोजित किए जा रहे कार्यक्रमों का हिस्सा है, जो 19-20 फरवरी को नई दिल्ली में होने वाले भारत एआई समिट की तैयारी के रूप में किए जा रहे हैं।
नई दिल्ली में होने वाली समिट के दौरान, सरकार द्वारा भारत एआई मिशन के तहत घोषित विभिन्न स्वदेशी बड़े भाषा मॉडल के निर्माण में अब तक हुई प्रगति को प्रदर्शित करने की संभावना है।
एआई भारत मिशन के सीईओ अभिषेक सिंह के मुताबिक वैश्विक प्रौद्योगिकी और एआई क्षेत्र की अग्रणी कंपनियों मसलन एनविडिया के संस्थापक और मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) जेनसन हुआंग, ओपनएआई के संस्थापक और सीईओ सैम ऑल्टमैन, गूगल और अल्फाबेट के सीईओ सुंदर पिचाई, डीपमाइंड के सीईओ और सह-संस्थापक डेमिस हासाबिस, माइक्रोसॉफ्ट के सह-संस्थापक और परोपकारी बिल गेट्स सहित अन्य नेता फरवरी की समिट में मौजूद रहेंगे।