प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि भारत और इजरायल के वार्ताकार महत्त्वाकांक्षी व्यापार समझौते को अंतिम रूप देने के लिए काम कर रहे हैं। यह समझौता दोनों देशों के व्यापार संबंधों में संभावनाओं के व्यापक द्वार खोलेगा। इस समय इजरायल का व्यापार प्रतिनिधिमंडल भारत के दौरे पर है। उसने बुधवार को वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल के साथ बैठक की।
इजरायल की संसद केनेसट को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि दोनों देश कई क्षेत्रों में करीबी सहयोग कर रहे हैं। इनमें भारत-पश्चिम एशिया-यूरोप आर्थिक गलियारा और भारत, इजरायल, अमेरिका तथा यूएई के बीच आई2यू2 फ्रेमवर्क शामिल हैं। बीते साल नवंबर में हुए रक्षा सहयोग समझौते का जिक्र करते हुए मोदी ने दोनों देशों के बीच रक्षा और सुरक्षा संबंधों को साझेदारी का मजबूत स्तंभ बताया। उन्होंने कहा कि वर्तमान अनिश्चित वैश्विक माहौल में भारत-इजरायल रक्षा एवं सुरक्षा साझेदारी अत्यंत महत्त्वपूर्ण है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि उनका जन्म 7 सितंबर 1950 को हुआ था। यह वही दिन है जब भारत ने औपचारिक रूप से इजरायल को मान्यता दी थी। इजरायल की तरह भारत भी आतंकवाद से पीडि़त रहा है। वह शांति तथा क्षेत्रीय स्थिरता में योगदान देने वाले सभी प्रयासों का समर्थन करता है।
केनेसट में अंग्रेजी में दिए अपने भाषण में मोदी ने कहा कि वह 7 अक्टूबर को हमास द्वारा किए गए बर्बर आतंकी हमले में मारे गए प्रत्येक व्यक्ति के लिए भारत की जनता की गहरी संवेदनाएं लेकर आए हैं। उन्होंने कहा, ‘हम आपका दर्द महसूस करते हैं और आपके शोक में सहभागी हैं। भारत इस क्षण और इसके बाद भी पूरी दृढ़ता से इजरायल के साथ खड़ा है।’ उन्होंने आधुनिक भारत में विभिन्न क्षेत्रों में यहूदियों के योगदान का उल्लेख किया, जिनमें 1971 के भारत-पाकिस्तान युद्ध में लेफ्टिनेंट जनरल जेएफआर जैकब की भूमिका भी शामिल है।
केनेसट में मोदी का स्वागत करते हुए इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने उन्हें केवल प्रिय मित्र ही नहीं बल्कि भाई कहकर संबोधित किया। नेतन्याहू ने कहा कि यरुशलम में मोदी की यात्रा से वह बहुत प्रभावित हैं। उन्होंने कहा, ‘2017 में मोदी की पिछली यात्रा के बाद से भारत-इजरायल के बीच व्यापार दोगुना और आपसी सहयोग तिगुना हो गया है। उनकी उस यात्रा ने दोनों देशों के संबंधों को चार गुना बढ़ाया है।’
नेतन्याहू ने कहा, ‘एक ऐसे विश्व में जहां यहूदी-विरोध बढ़ रहा है, भारत उससे अलग खड़ा दिखता है। भारत वह धरती है जहां कभी यहूदियों का उत्पीड़न नहीं हुआ, बल्कि उनका स्वागत ही किया गया। इसके लिए इजरायल भारत का आभारी है।’
नेतन्याहू ने कहा कि वे और उनकी पत्नी सारा बेन गुरियन हवाईअड्डे पर प्रधानमंत्री का स्वागत करने गए थे, जहां उन्होंने एक-दूसरे को गले लगाया। उन्होंने कहा कि मोदी से गले मिलना खास होता है। यह आत्मीयता को दर्शाता है। इजरायल के प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत एक विशाल शक्ति है और इजरायल आत्मा में विशाल है। दोनों देशों के बीच की साझेदारी हमारी व्यक्तिगत शक्तियों, भावना, कार्यों और क्षमताओं का विशाल पिटारा है।
इससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का हवाई अड्डे पर रेड कार्पेट पर स्वागत किया गया। इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू स्वयं अपनी पत्नी सारा के साथ उनकी अगवानी के लिए बेन गुरियन हवाई अड्डे पर पहुंचे। पिछले 9 वर्षों में प्रधानमंत्री मोदी की यह दूसरी इजरायल यात्रा है। इससे पहले वह जुलाई 2017 में इजरायल गए थे।
मोदी ने सोशल मीडिया पर कहा, ‘हवाई अड्डे पर प्रधानमंत्री नेतन्याहू और श्रीमती नेतन्याहू द्वारा स्वागत किया जाना मेरे लिए बेहद सम्मान की बात है। मैं द्विपक्षीय वार्ताओं और उनके फलदायी परिणामों के लिए उत्सुक हूं। इससे भारत-इजरायल मित्रता को मजबूती मिलेगी।’
स्वागत समारोह के बाद दोनों प्रधानमंत्रियों ने संक्षिप्त बैठक भी की। मोदी ने ‘एक्स’ पर कहा, “प्रधानमंत्री नेतन्याहू के साथ उत्कृष्ट बैठक हुई। हमने द्विपक्षीय संबंधों को बढ़ावा देने के लिए विभिन्न मुद्दों पर विस्तृत चर्चा की। प्रौद्योगिकी, जल प्रबंधन, कृषि, प्रतिभा भागीदारी और अन्य क्षेत्रों में आपसी सहयोग की अपार संभावनाएं हैं।’
बाद में होटल पहुंचे प्रधानमंत्री मोदी का भारतीय समुदाय के सदस्यों और यहूदी भारतीय डायस्पोरा ने भी बेहद गर्मजोशी से स्वागत किया और दोनों देशों के कलाकारों ने सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दीं। जब प्रधानमंत्री केनेसट में प्रवेश कर रहे थे, तब उसके सदस्यों ने उनका नाम लेकर नारे लगाए।
पिछले नवंबर में भारत के रक्षा सचिव की इजरायल यात्रा के दौरान दोनों पक्षों ने एक समझौते पर हस्ताक्षर किए थे, जिसके तहत भारत की स्वदेशी वायु रक्षा प्रणाली ‘सुदर्शन चक्र’ में इजरायल की ‘आयरन डोम’ हर मौसम में काम करने वाली वायु रक्षा प्रणाली के तत्व शामिल किए जाएंगे, जो मिसाइलों और तोपखाने के गोले को रोककर नष्ट कर सकती है।
दोनों देशों के बीच व्यापार और निवेश संबंध भी निरंतर प्रगति कर रहे हैं। वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने नवंबर में इजरायल का दौरा किया था और दोनों पक्षों ने मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) वार्ता शुरू करने के लिए संदर्भ की शर्तों पर हस्ताक्षर किए। सितंबर में दोनों पक्षों ने आर्थिक सहयोग को बढ़ाने के लिए द्विपक्षीय निवेश समझौते पर हस्ताक्षर किए थे। बुधवार को गोयल ने सोशल मीडिया पर कहा कि उन्होंने व्यापार संबंधों को लेकर इजरायली प्रतिनिधिमंडल के साथ सार्थक वार्ता की।
नेतन्याहू ने कहा कि गुरुवार को वे दोनों याद वाशेम (होलोकॉस्ट स्मारक) का दौरा करेंगे और उसके बाद अपनी-अपनी टीमों के साथ एक और बैठक करेंगे, जिसके दौरान आर्थिक, सुरक्षा और कूटनीतिक क्षेत्रों में कई समझौतों पर हस्ताक्षर किए जाएंगे, जो इजरायल और भारत के बीच सहयोग को और आगे बढ़ाएंगे।
पश्चिम एशिया में जारी तनाव, जिसमें अमेरिका और ईरान के बीच बिगड़ते संबंध भी शामिल हैं, के कारण मोदी की इजरायल यात्रा पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। कई विपक्षी दलों ने इस यात्रा की आलोचना की है।