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BS Manthan में बोलीं सीतारमण: AI समिट का विरोध कर कांग्रेस ने की ‘इमरजेंसी’ जैसी गलती, होना चाहिए पछतावा

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बिज़नेस स्टैंडर्ड के मंथन समिट में बोलते हुए सीतारमण ने इस विरोध प्रदर्शन के उद्देश्य पर सवाल उठाया। उन्होंने कहा, “एआई समिट में यह प्रदर्शन किस लिए था?

Last Updated- February 25, 2026 | 3:31 PM IST
FM Nirmala Sitharaman
बिज़नेस स्टैंडर्ड के मंथन समिट में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण अपनी बात रखतीं हुई

BS Manthan 2026: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बुधवार को कांग्रेस पार्टी पर पिछले सप्ताह इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026 के दौरान हुए विरोध प्रदर्शन को लेकर तीखा हमला बोला और कहा कि पार्टी को इस प्रदर्शन पर “शर्मिंदा” होना चाहिए, ठीक वैसे ही जैसे वह आज भी ‘इमरजेंसी’ पर पछताती है।

बिज़नेस स्टैंडर्ड के मंथन समिट में बोलते हुए सीतारमण ने इस विरोध प्रदर्शन के उद्देश्य पर सवाल उठाया। उन्होंने कहा, “एआई समिट में यह प्रदर्शन किस लिए था? यह विरोध किस उद्देश्य से किया गया था और इसका मकसद क्या था?”

एजेंसियां जांच में जुटीं

इंडियन यूथ कांग्रेस (IYC) के कुछ कार्यकर्ताओं ने समिट स्थल के अंदर शर्ट उतारकर विरोध प्रदर्शन किया। उन्होंने ऐसे टी-शर्ट पहने हुए थे जिन पर सरकार और भारत- अमेरिका अंतरिम व्यापार समझौते के खिलाफ नारे लिखे थे। सुरक्षा कर्मियों ने उन्हें बाहर निकाल दिया।

समाचार एजेंसी पीटीआई के अनुसार, जांच एजेंसियां इस विरोध के पीछे संभावित साजिश और वित्तीय पहलुओं की जांच कर रही हैं, जिसमें नारे छपवाने के लिए फंडिंग की पड़ताल भी शामिल है।

Also Read: BS Manthan 2026: भारत में अवसरों की भरमार, सरकार के लिए हर इंडस्ट्री एकसमान – FM सीतारमण

AI समिट का विरोध ‘इमरजेंसी’ जैसी बड़ी गलती

वित्त मंत्री ने कहा कि वह “एक अच्छी, ठोस और मजबूत विपक्ष” चाहती हैं, जो सरकार से सवाल करे। उन्होंने कहा, “हम जो भी करते हैं, उस पर सवाल उठाइए। लेकिन यह भारतीयों और उन लोगों को शर्मिंदा करना है जिनसे आप वोट मांगने जाते हैं। कांग्रेस में मुझे पूरा विश्वास है कि 90 फीसदी लोग समझते हैं कि इससे देश नहीं, बल्कि उन्हें खुद शर्मिंदगी उठानी पड़ी है।”

उन्होंने आगे कहा, “कांग्रेस को इस पर वैसे ही पछताना चाहिए, जैसे वह हमेशा आपातकाल (इमरजेंसी) पर पछताती है।” पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने 1975 में संविधान के अनुच्छेद 352 के तहत देशभर में राष्ट्रीय आपातकाल लागू किया था। यह 1977 तक लागू रहा, जिसके दौरान सरकार को नागरिक स्वतंत्रताओं पर अंकुश लगाने और लोगों के मौलिक अधिकारों को निलंबित करने की अनुमति मिल गई थी।

सीतारमण ने आगे कहा कि यह विरोध प्रदर्शन उन कई युवाओं की मेहनत पर “पानी फेरने” जैसा है, जो एआई में अवसर तलाशने और ग्लोबल एक्सपर्ट्स के साथ बातचीत करने के लिए समिट में शामिल हुए थे।

इस मामले में दिल्ली पुलिस ने इंडियन यूथ कांग्रेस के अध्यक्ष उदय भानु चिब को गिरफ्तार किया है।

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First Published - February 25, 2026 | 3:01 PM IST

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