facebookmetapixel
Advertisement
PM किसान की किस्त रुकी है? ऐसे दर्ज करें ऑनलाइन शिकायतAdani Power Q1 Results: मुनाफा 47% से ज्यादा बढ़ा, बोर्ड ने ₹15,000 करोड़ जुटाने को दी मंजूरीCube Highways Trust InvIT IPO: आज से खुला ₹5,000 करोड़ का इश्यू, निवेश से पहले जान लें ब्रोकरेज की राय और GMP का हालDelhi Metro Alert: दिल्ली में सुरक्षा कारणों से 16 मेट्रो स्टेशन बंद, जानें कौन से रूट हुए प्रभावितTVS Motor: 3% उछला शेयर, Q1 नतीजों के बाद क्या करें निवेशक? ब्रोकरेज ने जताया 15% अपसाइड का अनुमानBCCL Share Crash: तिमाही नतीजों ने लगाया बड़ा झटका! एक दिन में 8% से ज्यादा टूटा मल्टीबैगर PSU शेयरBandhan Bank 18% से ज्यादा टूटा, Q1 नतीजों के बाद ब्रोकरेज ने घटाई रेटिंग; आगे क्या करें निवेशक?Trump Tariff on Generic Drugs: ट्रंप के 200% टैरिफ वाले बयान से टूटे भारतीय फार्मा शेयर, निवेशकों में बढ़ी चिंताFY27 में रेखा झुनझुनवाला का पोर्टफोलियो ₹46,982 करोड़ हुआ, 20% की छलांग; सेंसेक्स सिर्फ 7.7% चढ़ाएस. जयशंकर और मार्को रुबियो के बीच अहम बैठक; व्यापार, रक्षा और AI समेत कई मुद्दों पर चर्चा

Personal Loan रिजेक्ट हो रहा है? कहीं आप भी तो नहीं कर रहे ये गलतियां! अभी चेक करें

Advertisement

डिजिटल लेंडिंग के बढ़ने के बावजूद पर्सनल लोन रिजेक्शन का मुख्य कारण अब क्रेडिट बिहेवियर और वित्तीय अनुशासन बन गया है।

Last Updated- May 17, 2026 | 3:43 PM IST
personal loan
Representative image

देश में डिजिटल बैंकिंग और फिनटेक सेवाओं के विस्तार के साथ पर्सनल लोन लेना पहले की तुलना में काफी आसान हो गया है। मोबाइल ऐप्स और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स के जरिए कुछ ही मिनटों में लोन आवेदन और तेज प्रोसेसिंग ने लोगों की वित्तीय जरूरतों को पूरा करना सरल बना दिया है।

इसके बावजूद बड़ी संख्या में आवेदन रिजेक्ट हो रहे हैं। कई मामलों में अच्छी आय और स्थिर नौकरी होने के बाद भी लोन मंजूर नहीं होता। विशेषज्ञों के अनुसार इसका कारण अब सिर्फ आय नहीं, बल्कि बदलता हुआ क्रेडिट बिहेवियर और वित्तीय अनुशासन है।

पर्सनल लोन क्या है?

पर्सनल लोन एक अनसिक्योर्ड लोन होता है, जिसमें किसी संपत्ति को गिरवी नहीं रखना पड़ता। यह लोन शादी, मेडिकल इमरजेंसी, शिक्षा, यात्रा या अन्य व्यक्तिगत जरूरतों के लिए लिया जाता है।

चूंकि इसमें बैंक को कोई सुरक्षा नहीं मिलती, इसलिए लोन मंजूरी पूरी तरह आवेदक की क्रेडिट हिस्ट्री, आय स्थिरता, खर्च करने की आदत और बैंकिंग व्यवहार पर आधारित होती है।

क्यों हो रहे हैं लोन रिजेक्ट?

डिजिटल फाइनेंस के इस दौर में लोन रिजेक्शन के पैटर्न में बड़ा बदलाव देखा जा रहा है। अब बैंक सिर्फ CIBIL स्कोर नहीं देखते, बल्कि ग्राहक की पूरी वित्तीय गतिविधियों का विश्लेषण करते हैं।

कई युवा एक साथ क्रेडिट कार्ड, BNPL (Buy Now Pay Later) और छोटे डिजिटल लोन का इस्तेमाल करते हैं, जिससे उनका डेट-टू-इनकम रेशियो बढ़ जाता है। इसके अलावा बार-बार लोन के लिए आवेदन करना भी क्रेडिट प्रोफाइल को कमजोर करता है।

खराब क्रेडिट बिहेवियर से बढ़ा जो​खिम: एक्सपर्ट

फिनटेक कंपनी PayMe के संस्थापक और सीईओ महेश शुक्ला कहते हैं, आज के समय में पर्सनल लोन रिजेक्शन का सबसे बड़ा कारण “कम सैलरी” नहीं बल्कि “खराब क्रेडिट बिहेवियर” बन चुका है। कई युवा प्रोफेशनल्स एक साथ कई BNPL ऐप्स, क्रेडिट कार्ड और छोटे डिजिटल लोन का उपयोग करते हैं, जिससे उनका कुल कर्ज बढ़ जाता है और डेट-टू-इनकम रेशियो असंतुलित हो जाता है।

महेश शुक्ला के अनुसार, बैंक अब सिर्फ CIBIL स्कोर पर निर्भर नहीं हैं, बल्कि वे खर्च करने की आदत, EMI भुगतान अनुशासन और बैंक ट्रांजैक्शन पैटर्न को भी गहराई से देखते हैं। बार-बार अलग-अलग संस्थानों में लोन के लिए आवेदन करना क्रेडिट प्रोफाइल को कमजोर करता है, क्योंकि इससे कई हार्ड इन्क्वायरी बनती हैं।

Ezeepay के सीईओ और संस्थापक शम्स तबरेज का कहना है, डिजिटल लेंडिंग के विस्तार के बावजूद लोन अप्रूवल अब पूरी तरह “क्रेडिट बिहेवियर” आधारित हो चुका है। अच्छी आय के बावजूद कई लोगों का लोन सिर्फ इसलिए रिजेक्ट हो जाता है क्योंकि उनका वित्तीय व्यवहार असंतुलित होता है।

तबरेज के अनुसार, कम क्रेडिट स्कोर इसके पीछे एक कारण जरूर है, लेकिन असली समस्या तब होती है जब लोग समय पर EMI और क्रेडिट कार्ड बिल का भुगतान नहीं करते या अपने क्रेडिट का अत्यधिक उपयोग करते हैं। लोन रिजेक्शन का एक बड़ा कारण आय की अस्थिरता और गलत दस्तावेज भी हैं। खासकर स्वरोजगार करने वालों के मामले में बैंक आय की निरंतरता को अधिक महत्व देते हैं।

फिनटेक प्लेटफॉर्म LoansJagat की को-फाउंडर सरिका ग्रोवर के अनुसार, हर साल करीब 48 प्रतिशत पर्सनल लोन आवेदन रिजेक्ट हो जाते हैं।

उन्होंने बताया कि कम क्रेडिट स्कोर, पुराने भुगतान डिफॉल्ट, अधिक EMI बोझ और बार-बार लोन के लिए आवेदन करना इसके प्रमुख कारण हैं।

सरिका ग्रोवर के मुताबिक, आज लेंडर्स अनसिक्योर्ड क्रेडिट देने से पहले ग्राहक के रिपेमेंट बिहेवियर और डेट-टू-इनकम रेशियो का गहराई से विश्लेषण कर रहे हैं।

उन्होंने कहा कि बेहतर लोन अप्रूवल के लिए उधारकर्ताओं को 750 से अधिक का क्रेडिट स्कोर बनाए रखना चाहिए, मौजूदा कर्ज कम करना चाहिए और एक साथ कई संस्थानों में आवेदन करने से बचना चाहिए।

उन्होंने यह भी कहा कि क्रेडिट रिपोर्ट में मौजूद गलतियों को समय रहते ठीक करना और नियमित भुगतान अनुशासन बनाए रखना लोन मंजूरी की संभावना को काफी बढ़ा सकता है।

बैंक अब किन चीजों पर ध्यान दे रहे हैं?

एक्सपर्ट के मुताबिक, अब लोन मंजूरी पूरी तरह डेटा आधारित प्रक्रिया बन चुकी है। बैंक और NBFC निम्न बातों का विश्लेषण कर रहे हैं-

  • खर्च करने की आदत
  • EMI भुगतान इतिहास
  • बैंक ट्रांजैक्शन पैटर्न
  • मौजूदा कर्ज का बोझ
  • क्रेडिट कार्ड उपयोग
  • डिजिटल लोन व्यवहार

इस बदलाव ने लोन सिस्टम को अधिक सख्त लेकिन अधिक पारदर्शी बना दिया है।

लोन रिजेक्शन से बचने के उपाय

विशेषज्ञों का मानना है कि कुछ सरल आदतें अपनाकर लोन रिजेक्शन से बचा जा सकता है-

1. EMI और बिल समय पर भरें

लगातार 6 महीने तक अनुशासन बनाए रखना जरूरी है।

2. एक साथ कई लोन ऐप्स से बचें

BNPL और छोटे डिजिटल लोन का अत्यधिक उपयोग जोखिम बढ़ाता है।

3. क्रेडिट उपयोग सीमित रखें

क्रेडिट कार्ड लिमिट का पूरा उपयोग न करें।

4. स्थिर आय बनाए रखें

नियमित इनकम रिकॉर्ड बैंक के भरोसे को मजबूत करता है।

5. बार-बार आवेदन न करें

कम समय में कई लोन आवेदन से क्रेडिट प्रोफाइल कमजोर होती है।

डिजिटल लेंडिंग के इस युग में पर्सनल लोन लेना आसान जरूर हुआ है, लेकिन मंजूरी की प्रक्रिया पहले से कहीं अधिक सख्त हो गई है।

एक्सपर्ट मानते हैं कि अब लोन अप्रूवल केवल आय या CIBIL स्कोर पर निर्भर नहीं है, बल्कि यह पूरी तरह व्यक्ति के वित्तीय अनुशासन और क्रेडिट बिहेवियर पर आधारित है। ऐसे में साफ है कि आने वाले समय में जिम्मेदार वित्तीय व्यवहार ही लोन मंजूरी की सबसे बड़ी कुंजी होगा।

Advertisement
First Published - May 17, 2026 | 8:32 AM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement