भारत को 2047 तक 100 गीगावाट स्थापित क्षमता हासिल करने के लिए 23 से 25 लाख करोड़ रुपये के निवेश की आवश्यकता है। द एनर्जी ऐंड रिसोर्सेज इंस्टीट्यूट (टीईआरआई) की पिछले सप्ताह जारी रिपोर्ट के अनुसार इस लक्ष्य के लिए 2030-32 के बाद प्रति वर्ष औसतन 4.5 गीगावाट की निरंतर वृद्धि की जरूरत है।
रिपोर्ट में कहा गया, ‘2047 तक 100 गीगावाट परमाणु क्षमता हासिल करने के लिए क्षमता वृद्धि में उल्लेखनीय तेजी लाने की आवश्यकता है। ऐसे में विस्तार की आवश्यक गति और पैमाना महत्त्वपूर्ण हो जाता है।’ रिपोर्ट के अनुसार भारत की वर्तमान परमाणु क्षमता 8.8 गीगावाट है और निर्माणाधीन परियोजनाओं से 2030-32 तक क्षमता बढ़कर लगभग 22 गीगावाट होने की उम्मीद है। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि शेष विस्तार के लिए प्रति वर्ष औसतन लगभग 4.5 गीगावाट की वृद्धि की जरूरत है।
लघु मॉड्यूलर रिएक्टरों स्थापित करने के मुद्दे पर रिपोर्ट में कहा गया परियोजना-विशिष्ट विशेष प्रयोजन वाहनों (एसपीवी) के उपयोग के लिए शुरुआती सरकारी समर्थन आवश्यक है।