facebookmetapixel
Advertisement
Infosys Q1 Results: अनिश्चित वैश्विक माहौल से इन्फोसिस ने घटाया ग्रोथ आउटलुक, मुनाफा 12.2% बढ़ासुधारों में देरी से अधर में लटक जाएगा हमारे युवाओं का भविष्य: मोंटेक सिंह आहलुवालिया1991 के आर्थिक सुधारों के 35 साल: उपलब्धियां बड़ी, लेकिन अधूरे एजेंडे अब भी भारत के सामनेफूड डिलिवरी बाजार में उतरेगी फ्लिपकार्ट, अगस्त-सितंबर में ONDC के जरिए होगी शुरुआतसरकार ने ई-कॉमर्स FDI नियमों में दी बड़ी राहत, निर्यात के लिए इन्वेंटरी मॉडल को मंजूरीInfosys में नेतृत्व परिवर्तन: आशिष कुमार दास होंगे नए सीईओ, 1 अप्रैल 2027 से संभालेंगे कमानतेल में तेजी से महंगाई बढ़ने की आशंका, सोना 2 फीसदी टूटाहूती हमलों से तेल बाजार में उथल-पुथल, ब्रेंट क्रूड 100 डॉलर प्रति बैरल के करीब पहुंचाकच्चे तेल में उछाल से शेयर बाजार की बिगड़ी चाल, सेंसेक्स 364 अंक टूटाSEBI का बड़ा प्रस्ताव: ऑनलाइन विवाद निपटान प्रणाली होगी तेज, MII संभालेंगे ओडीआर की जिम्मेदारी

2047 तक 100 GW परमाणु क्षमता का लक्ष्य हासिल करने के लिए चाहिए ₹25 लाख करोड़ का निवेश

Advertisement

द एनर्जी ऐंड रिसोर्सेज इंस्टीट्यूट (टीईआरआई) की पिछले सप्ताह जारी रिपोर्ट के अनुसार इस लक्ष्य के लिए 2030-32 के बाद प्रति वर्ष औसतन 4.5 गीगावाट की निरंतर  वृद्धि की जरूरत है

Last Updated- May 17, 2026 | 10:04 PM IST
nuclear energy
प्रतीकात्मक तस्वीर | फाइल फोटो

भारत को 2047 तक 100 गीगावाट स्थापित क्षमता हासिल करने के लिए 23 से 25 ​​लाख करोड़ रुपये के निवेश की आवश्यकता है। द एनर्जी ऐंड रिसोर्सेज इंस्टीट्यूट (टीईआरआई) की पिछले सप्ताह जारी रिपोर्ट के अनुसार इस लक्ष्य के लिए 2030-32 के बाद प्रति वर्ष औसतन 4.5 गीगावाट की निरंतर  वृद्धि की जरूरत है।

रिपोर्ट में कहा गया, ‘2047 तक 100 गीगावाट परमाणु क्षमता हासिल करने के लिए क्षमता वृद्धि में उल्लेखनीय तेजी लाने की आवश्यकता है। ऐसे में विस्तार की आवश्यक गति और पैमाना महत्त्वपूर्ण हो जाता है।’ रिपोर्ट के अनुसार भारत की वर्तमान परमाणु क्षमता 8.8 गीगावाट है और निर्माणाधीन परियोजनाओं से 2030-32 तक क्षमता बढ़कर लगभग 22 गीगावाट होने की उम्मीद है। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि शेष विस्तार के लिए प्रति वर्ष औसतन लगभग 4.5 गीगावाट की वृद्धि की जरूरत है। 

लघु मॉड्यूलर रिएक्टरों  स्थापित करने के मुद्दे पर रिपोर्ट में कहा गया परियोजना-विशिष्ट विशेष प्रयोजन वाहनों (एसपीवी) के उपयोग के लिए शुरुआती सरकारी समर्थन आवश्यक है।

Advertisement
First Published - May 17, 2026 | 10:04 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement