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क्रिप्टो के नियमन ढांचे पर काम

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Last Updated- December 11, 2022 | 8:46 PM IST

वित्त मंत्रालय क्रिप्टो परिसंपत्तियों पर एक घरेलू नियामकीय ढांचा बनाने के लिए एक विमर्श पत्र पर काम कर रहा है और इस पर छह महीने में जनता की राय आमंत्रित कर सकता है।
वित्त मंत्रालय के एक अधिकारी ने कहा, ‘इस समय हम अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ), विश्व बैंक और वित्तीय स्थायित्व बोर्ड (एफएसबी) जैसे संस्थानों के साथ विचार-विमर्श कर रहे हैं। इस मुद्दे पर वैश्विक सहमति बनने में समय लग सकता है, लेकिन हम इस मुद्दे पर अपना नजरिया बनाने के लिए क्रिप्टो परिसंपत्तियों से संबंधित विमर्श पत्र पर काम कर रहे हैं। हम करीब छह महीने में इसे सार्वजनिक विचार-विमर्श के लिए जारी करेंगे।’
सरकार ने वित्त वर्ष 2023 के बजट में क्रिप्टो परिसंपत्तियों के हस्तांतरण से आय पर 30 फीसदी कर और लेनदेन के ब्योरे हासिल करने के लिए ऐसी परिसंपत्तियों के हस्तांतरण पर एक फीसदी स्रोत पर कर कटौती (टीडीएस) लगा दिया है। हालांकि इसके बाद वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने साफ किया कि इससे भारत में क्रिप्टो परिसंपत्तियां अवैध या वैध नहीं हो जाती हैं।
सरकार ने क्रिप्टो विधेयक भी पेश किया है। इसमें निजी क्रिप्टो करेंसी रखने पर रोक को ठंडे बस्ते में डाल दिया गया है क्योंकि वह इस विवादास्पद मुद्दे पर वैश्विक सहमति बनाने के लिए बहुपक्षीय निकायों के साथ बातचीत कर रही है। पिछले महीने वित्त वर्ष 2023 का बजट पेश करने के बाद बिज़नेस स्टैंडर्ड के साथ साक्षात्कार में आर्थिक मामलों के सचिव अजय सेठ ने कहा था कि किसी भी उचित नियमन के लिए ठीक समझ और विभिन्न देशों में एक साथ कदम उठाने की जरूरत होती है। उन्होंने कहा, ‘ऐसा कोई अकेला देश नहीं कर सकता है। किसी भी प्रतिबंध के लिए वैश्विक समझ एवं सहमति की जरूरत होती है। इस बात के आसार थे कि वर्ष 2021 में एक विधेयक विचार-विमर्श के लिए संसद में आएगा। लेकिन हमने भागीदारों के साथ विचार-विमर्श का दायरा बढ़ाना शुरू कर दिया है, इसलिए यह महसूस किया गया कि किसी अल्पावधि नीति के बजाय उचित नीति बनाने के लिए वैश्विक समझ जरूरी है।’
पिछले महीने जी-20 के वित्त मंत्रियों और भारत समेत केंद्रीय बैंक के गवर्नरों की तरफ से एक संयुक्त बयान जारी किया गया था। इसमें कहा गया कि यह संस्था साइबर जोखिमों और क्रिप्टो-परिसंपत्ति बाजारों से पैदा नियामकीय खाइयों और आर्बिट्राज समेत वित्तीय क्षेत्र में तकनीकी नवप्रवर्तनों के तेजी से विकास के लाभों और वैश्विक वित्तीय स्थायित्व के लिए जोखिमों का आकलन कर रही है। इसने एफएसबी से निराधार क्रिप्टो परिसंपत्तियों, स्टेबलकॉइन्स, विकेंद्रित वित्त और क्रिप्टो परिसंपत्तियों के अन्य रूपों के नियमन एवं पर्यवेक्षण के तरीकों की निगरानी एवं सूचनाएं साझा करने के अपने कार्य को तेज करने और गहराई में जाने को कहा था। 

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First Published - March 13, 2022 | 11:14 PM IST

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