देश में 2021-22 में सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों को 43,000 करोड़ रुपये की अतिरिक्त पूंजी जुटाने की आवश्यकता पड़ेगी। रेटिंग एजेंसी इक्रा के मुताबिक सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों की पूंजी जरूरत बढ़ गई है क्योंकि अगले वित्त वर्ष में 23,000 करोड़ रुपये की उनकी अतिरिक्त टीयर1 बॉन्डों (एटी1 बॉन्डों) के लिए कॉल ऑप्शन आने वाला […]
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भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) पंजाब ऐंड सिंध बैंक (पीऐंडएसबी) में पूंजी डालने के लिए जारी किए गए शून्य ब्याज दर वाले बॉन्ड पर सवाल उठा सकता है। समझा जा रहा है कि ये बॉन्ड जिस रूप में जारी किए गए हैं उसे लेकर आरबीआई को एतराज हो सकता है। सरकार ने कुछ दिनों पहले ही […]
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विशेषज्ञों को उम्मीद है कि चालू वित्त वर्ष के दौरान बैंकों की गैर निष्पादित संपत्तियों (एनपीए) में तेज बढ़ोतरी हो सकती है, क्योंकि कोविड-19 के कारण आए व्यवधान के कारण चूक बढ़ सकती है। पूर्व वित्तीय सेवा सचिव आर गोपालन ने कहा कि महामारी और कोविड के पहले अर्थव्यवस्था सुस्त रहने के कारण मॉरेटोरिम का […]
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वित्त वर्ष 2022 के अंत तक भारत के बैंकों की शुद्ध गैर निष्पादित संपत्तियां (एनपीए) घटकर 2.5 प्रतिशत रह सकती हैं, जिससे उनकी संपत्ति की गुणवत्ता पर दबाव कम होगा। मार्च 2021 के लिए यह 3.1 प्रतिशत रहने का अनुमान लगाया गया है। रेटिंग एजेंसी इक्रा ने एक रिपोर्ट में यह कहा है। रिपोर्ट में […]
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भारत के नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (सीएजी) ने बैंकिंग नियामक को पत्र लिखकर सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों में बीते पांच साल के दौरान पूंजी डालने के बाद उनके प्रदर्शन के बारे में जानकारी मांगी है। इसके साथ ही इस बारे में अगर कोई अध्ययन किया गया हो तो उसकी जानकारी भी सरकार और सीएजी के […]
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सरकार गैर-बैंकिंग ऋणदाता कंपनी में पैसा डालने के लिए आईएफसीआई की सहायक इकाइयों को बेचने के लिए विकल्पों का आकलन कर रही है। एक वरिष्ठï सरकारी अधिकारी ने कहा कि सरकार आईएफसीआई में पैसा डालने को लेकर उत्सुक नहीं है और इसकी सहायक इकाइयों स्टॉक होल्डिंग कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया और आईएफसीआई इन्फ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट द्वारा सृजित […]
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भारतीय रिजर्व बैंक के आंकड़ों के मुताबिक विनिर्माण क्षेत्र में मांग की दशा में सुधार का रुख देखने को मिल रहा है और कोरोना वायरस महामारी से प्रभावित चालू वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही में बिक्री में संकुचन 4.3 प्रतिशत तक सीमित रहा। गौरतलब है कि कोविड-19 के चलते देश भर में लगाए गए लॉकडाउन […]
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कोविड-19 महामारी से उपजे आर्थिक व्यवधानों के कारण अगस्त 2020 में समग्र व्यक्तिगत ऋण की उत्पत्ति की मात्रा में सालाना आधार पर 42.2 फीसदी की कमी आई। हालांकि इस दौरान सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों के कारोबारी दृष्टिïकोण में बदलाव देखने को मिला जब समान अवधि में उनके यहां ऋण उत्पत्ति में 66.5 फीसदी की वृद्घि […]
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कोविड-19 से प्रभावित पहली तिमाही (वित्त वर्ष 21 की पहली तिमाही) के बाद कर्ज देने को लेकर बैंकरों की धारणा में व्यापार स्तर पर सुधार हुआ है। भारतीय रिजर्व बैंक के बैंक उधारी सर्वे (बीएलएस) से पता चलता है कि कर्ज की मांग में भी सुधार होने की उम्मीद है। प्रतिक्रियाओं से पता चलता है […]
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भारतीय रिजर्व बैंक ने आज ग्राहकों को सवालों के घेरे में आई डिजिटल मनी लेंडिंग इकाइयों को लेकर चेतावनी दी है। इस तरह की इकाइयां लुभावनी ब्याज दर पर सेकंडों में कर्ज का वादा करती हैं उसके बाद बकाये की वसूली के लिए जोर जबरदस्ती करती हैं। केंद्रीय बैंक ने एक बयान में कहा है, […]
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