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आईडीबीआई के विनिवेश में लगेगा 1 साल

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Last Updated- December 12, 2022 | 12:56 AM IST

एलआईसी के नियंत्रण वाले आईडीबीआई बैंक में रणनीतिक हिस्सेदारी की बिक्री प्रक्रिया में मदद के लिए बोली जमा कराने वाले ज्यादातर मर्चेंट बैंकरों ने कहा है कि इस प्रक्रिया को पूरा करने में एक साल का समय लगेगा। निवेश एवं लोक संपत्ति प्रबंधन विभाग (दीपम) के समक्ष प्रस्तुतीकरण में ज्यादातर पात्र लेनदेन सलाहकारों ने आईडीबीआई के निजीकरण की प्रक्रिया के विभिन्न चरणों को पूरा करने के लिए 50 से 52 सप्ताह का समय मांगा है। बाजार सूत्रों ने यह जानकारी दी।
सूत्रों ने बताया कि रणनीतिक बिक्री की प्रक्रिया को पूरा करने के लिए 7 बोलियां- डेलॉयट टचे तोमात्सु इंडिया एलएलपी, अनस्र्ट ऐंड यंग एलएलपी, आईसीआईसीआई सिक्योरिटीज लिमिटेड, जेएम फाइनेंशियल लिमिटेड, केपीएमजी, आरबीएसए कैपिटल एडवाइजर्स एलएलपी तथा एसबीआई कैपिटल मार्केट्स मिली हैं। दीपम ने सरकार की ओर से आईडीबीआई बैंक की रणनीतिक हिस्सेदारी की बिक्री को पूरा करने के लिए लेनदेन सलाहकारों की नियुक्ति को जून में निविदा निकाली थी।
बोलियां जमा कराने की अंतिम तिथि 13 जुलाई थी। केपीएमजी ने सबसे कम 1 रुपये की बोली लगाई थी। बाजार सूत्रों ने बताया कि उसे लेन-देन सलाहकार चुना गया है। यह कंपनी 1 रुपये में सरकार की रणनीतिक बिक्री में मदद करेगी। केंद्रीय मंत्रिमंडल ने इस साल मई में आईडीबीआई के रणनीतिक विनिवेश तथा प्रबंधन नियंत्रण के स्थानांतरण को सैद्धांतिक मंजूरी दी थी। केंद्र सरकार और एलआईसी के पास कुल मिलाकर बैंक की 94 प्रतिशत हिस्सेदारी है। 49.24 प्रतिशत हिस्सेदारी के साथ फिलहाल एलआईसी के पास प्रबंधन नियंत्रण है। सरकार के पास बैंक की 45.48 प्रतिशत हिस्सेदारी है। गैर-प्रवर्तकों की हिस्सेदारी 5.29 प्रतिशत है।

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First Published - September 19, 2021 | 11:05 PM IST

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