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एटी-1 बॉन्ड के जरिए 4,500 करोड़ रुपये जुटाएंगे ऐक्सिस बैंक और बैंक ऑफ इंडिया

क्रिसिल और इंडिया रेटिंग्स ने दी बॉन्ड को ‘एए+’ और ‘एए’ रेटिंग; पूंजी आधार मजबूत करने और नियामकीय जरूरतें पूरी करने पर फोकस।

Last Updated- November 20, 2024 | 11:25 PM IST
Axis Bank

दो प्रमुख ऋणदाता ऐक्सिस बैंक और बैंक ऑफ इंडिया की एडिशनल टीयर-1 (एटी-1) बॉन्ड के जरिये घरेलू ऋण पूंजी बाजार से राशि जुटाने पर नजर है। इससे इन बैंकों का पूंजी आधार बढ़ेगा। ऐक्सिस बैंक की नजर एटी-1 बॉन्ड से 2,000 करोड़ रुपये जुटाने पर है जबकि इस बॉन्ड के जरिये बैंक ऑफ इंडिया 2,500 करोड़ रुपये जुटाएगा।

घरेलू रेटिंग एजेंसी क्रिसिल ने निजी ऋणदाता के प्रस्तावित एटी-1 बॉन्ड जारी करने को ‘एए+’ रेटिंग दी है जबकि इंडिया रेटिंग्स ने बैंक ऑफ इंडिया के प्रस्तावित बॉन्ड को ‘एए’ रेटिंग दी। एटी-1 बॉन्ड प्रकृति में स्थायी हैं। इनमें यह उपबंध शामिल होता है कि यदि चुनिंदा पूंजी और आय सीमा या ट्रिगर का उल्लंघन होता है तो ब्याज का भुगतान प्रभावित हो सकता है। सबसे खराब स्थिति में ये बॉन्ड इक्विटी में बदल दिए जाते हैं और इक्विटी में अधिक जोखिम होता है।

बैंक ऑफ इंडिया के अधिकारियों के मुताबिक बैंक को संकटग्रस्त संपत्ति के उपबंधों में कॉल ऑप्शन और अनुमानित ऋण घाटा (ईसीएल) से निपटने के लिए पर्याप्त पूंजी आधार के साथ तैयार रहना होता है। वित्त वर्ष 26 के लिए एटी-1 बॉन्ड 2021 में जारी किया गया था। सरकारी बैंक के दिसंबर 24 में एटी-1 बॉन्ड जारी किए जाने की उम्मीद है।

इंडिया रेटिंग के नोट के मुताबिक बैंक ऑफ इंडिया वित्त वर्ष 21 से निरंतर लाभ दर्ज कर रहा है। बैंक के समय पर पूंजी जुटाने से वित्त वर्ष 25 की दूसरी तिमाही में कॉमन इक्विटी टीयर 1 बेहतर होकर 13.52 प्रतिशत हो गया। इसके परिणास्वरूप कुल पूंजी पर्याप्तता अनुपात 16.63 प्रतिशत हो गया।

First Published - November 20, 2024 | 11:25 PM IST

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